मुस्लिम आरक्षण करेगा राष्ट्र का भक्षण
महिला आरक्षण पर संसद की चिकचिक चीख पुकार में बदल गयी. लालू प्रसाद यादव ने तो यहां तक कह दिया कि महिला आरक्षण विधेयक उनकी लाश पर ही पारित होगा. लेकिन लालू से लेकर तथाकथित प्रगतिशील दलों ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया. उन्होंने महिला आरक्षण में जाति और मजहब के आधार पर आरक्षण के भीतर आरक्षण के लिए बवाल किया. यह प्रगतिशील दलों की नयी चाल है जिसमें उन्होंने अपने जातिवाद को धर्मनिर्पेक्षता का जामा पहना दिया है. मुस्लिम और इसाईयों के लिए आरक्षण की मांग इसी धर्मनिर्पेक्षता की पैदाइश है.
दलित उत्पीड़न को मिल रहा है दलित सत्ता का संरक्षण
अगर उत्तर प्रदेश में दलित सत्ता का सच देखना हो तो सोनभद्र आइये .यहाँ न सिर्फ आपको त्राहि त्राहि करता मानवाधिकार मिलेगा बल्कि हदें तोड़ रहा पुलिसिया दमन चक्र भी देखने को मिलेगा, मगरदहा में घटी घटना के लगभग एक डेढ़ साल पूर्व २४ सितम्बर २००८ को भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब आदिवासी स्त्रियों को सरेआम नंगा करके पीटा गया था लेकिन हकीकत के सामने आने में पूरे एक साल लग गए।माला तो माया की, पर मालामाल कौन नहीं?
वाकई माला के अनेकों रूप। भगवान के गले में डाल दो, तो धर्म। शादी में दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे को पहनाएं, तो वरमाला। वर्कर अपने नेताओं को पहनाएं, तो आप ही तय करो। यह स्वागत या चमचागिरी? नेताओं के प्रति किसकी कितनी श्रद्धा, यह तो महानुभाव खुद ही जानते। फिर भी माला पहन हाथ ऐसे लहराते, मानो देश के पालनहार हो गए। कोई फूलों की माला पहन हाथ लहराता तो कोई सशरीर धर्मकांटे में बैठ सोने-चांदी के सिक्कों से तोला जाता है।सऊदी, सईद और इस्लामी आतंकवाद
एक ओर तो भारतीय प्रधानमंत्री सऊदी अरब से मधुर रिश्ते स्थापित करने की गऱज़ से सऊदी अरब जा रहे हैं तथा अरब का शाही परिवार उनका अभूतपूर्व स्वागत कर रहा है और दोस्ती की राह पर आगे बढ़ने का संदेश दे रहा है तो दूसरी ओर यही सऊदी अरब पाकिस्तान में जमात-उद- दावा सहित ऐसे कई संगठनों की आर्थिक सहायता भी कर रहा है जोकि भारत के विरुद्ध आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय हैं।अखबार मुकाबिल हो तो बन्दूक निकालो
जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो वाली कहावत आपने सुनी ही होगी. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस कहावत में थोड़ा परिवर्तन आ गया है. परिवर्तन देखना है तो पत्रकारों के स्वर्ग भोपाल आईये. अभी हाल में ही यहां एक पत्रकार संगठन के चुनाव में जब बंदूकधारी पत्रकार दिखाई दिये तो अचानक ही लगा कि अब जमाना आ गया है जब कहना चाहिए अखबार मुकाबिल हो तो बन्दूक निकालो.शब्दों की चौकीदारी संभव नहीं-अनुपम मिश्र
अनुपम मिश्र पानी और पर्यावरण पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनकी सर्वाधिक चर्चित पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के साथ उन्होंने एक ऐसा प्रयोग किया जिसका दूरगामी दृष्टि दिखती है. उन्होंने अपनी किताब पर किसी तरह का कापीराईट नहीं रखा. इस किताब की अब तक एक लाख से अधिक प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं. मीडिया वर्तमान स्वरूप और कापीराईट के सवाल पर हमने विस्तृत बात की. यहां प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश-भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाना चाहती है भाजपा
पहले राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होकर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करो। विजिलेंस की जांच करवाओ। कोर्ट में चालान पेश हो जाए। और इसके बाद एक प्रस्ताव आए, अभी तक राजनीतिक विरोध और बदले की भावना से दर्ज मामले वापस लिए जाए। वो भी राज्य के विधानसभा में। भाजपा विधायक और पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर सतपाल गोसाई ने कुछ इस तरह का ही प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में रखा है।जीएम फसलों पर जोरजबर्दस्ती
इसे आप बायोटेक्नालाजी इमरजेन्सी मान सकते हैं. सरकार अघोषित रूप से ऐसा ही काम कर रही है कि अगर बायोटेक्नालाजी के विरोध में कोई भी स्वर उठता है तो उसे निर्ममता से कुचल दिया जाए. ऐसा लगता है कि आपातकाल का भूत फिर से जाग गया है. अगर कुख्यात इंदिरा प्रायोजित इमरजंसी में सवाल करने पर किसी भी व्यक्ति को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा सकता था तो आज भी बायोटेक्नॉलाजी के सवाल पर हालात वैसे ही हैं.लीजिए, एक और किसान हितैषी बजट
वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी के भाषण का आखिरी वाक्य देखिए. वे कहते हैं- "यह बजट आम आदमी से जुड़ा है. यह किसानों, कृषि कारोबारियों, उद्यमियों और निवेशकों से जुड़ा हुआ है." अरे, एक और किसान हितैषी बजट आ गया. पिछले दस सालों के बजट बाद के संपादकीय पढ़िये. आपको हर संपादकीय में एक बात जरूर दिखाई देगी कि किसानों और कृषि के उत्थान के लिए सरकार ने नये सिरे से प्रयास किये हैं. हमारी मीडिया के लिहाज से हर बार बजट में वित्त मंत्री किसानों के लिए अच्छी अच्छी खबरें लेकर आते हैं.रामदेव का राजनीतिक रंग
अब बाबा रामदेव अपने असली रंग में दिख रहे हैं. बात करते हैं तो बार बार उत्साह को बनाये रखने की सलाह देते हैं. जयपुर, दिल्ली और जोधपुर में तीन सभाओं के दौरान उन्होंने कमोबेश एक बात ही कही कि राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन को आगे बढ़ाना है और "चोर" "लुटेरे" "डाकुओं" से देश को मुक्त कराना है. यह विशेषण बाबा रामदेव किसके लिए इस्तेमाल कर रहे हैं यह बताने की जरूरत नहीं है. ये चोर लुटेरे और डाकू कोई और नहीं बल्कि इस देश के वही नेता हैं जिन्हें अपने योग शिविरों में बुलाकर रामदेव अपना कद बढ़ाते रहे हैं.नर्मदा के सौंदर्य पर जादू-टोने का अमावस
'भले ही गंगा मैली हो गई हो और यमुना काली, मगर नर्मदा माई की पवित्रता आज भी बरकरार है। निर्मल जलधारा और मनोहर घाट। देखकर रोम-रोम पुलकित हो उठता है।’ अक्सर यह सब सुनता और पढ़ता आया हूं, मगर जब अपनी आंखों से देखा तो महसूस हुआ कि जितना सुना था वह कितना कम था। नर्मदा नदी की तारीफ में गढ़े गए कशीदे उसकी गरिमा और सौंदर्य को व्यक्त करने में कितने अक्षम थे।चंबल घाटी में लौट रहे हैं गिद्ध
चंबल घाटी से डाकू और गिद्ध लगभग एक साथ ही गायब होना शुरू हुए. डाकुओं के कम होते असर ने निश्चित रूप से चंबल घाटी के लोगों को राहत दी होगी लेकिन गिद्धों की कमी ने स्थानीय नागरिकों को परेशान कर दिया था. लेकिन एक अच्छी खबर है. वन विभाग के ताजा सर्वे में एक बात उभरकर सामने आयी है कि चंबल घाटी में गिद्ध लौटने लगे हैं. दिनेश शाक्य की विशेष रिपोर्ट-पुलिस रिकार्ड में बलात्कारी भी हैं कृपालु महाराज
इस कथित धर्म ध्वजावाहक संत कृपालु महाराज की संतई का भांडा पहली बार मई 1991 में उस समय फूट गया जब इस कथित धर्माचार्य को लड़कियों का अपहरण करने का ही आरोप नहीं लगा बल्कि लड़कियों के साथ जबरिया बलात्कार करने के आरोप भी लगा. इस आरोप में जगतगुरु कृपालु जी महाराज के विश्वश्त सहयोगी प्रिया शरण महाराज को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।शिक्षा के अभेद्य किले में स्थाई सुरंग
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर. यही नाम है राजस्थान में 10 वीं और 12 वीं की शिक्षा व्यवस्था का बोझ उढाने वाले संस्थान का. कहने को इसका अपना इतिहास है जिसकी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्थाओं को विदेशों तक अपनाया गया है. लेकिन गत शिक्षा सत्र में बोर्ड के अभेद्य किले में सुरंग लग गई. लाख कोशिशों और अरोप प्रत्यारोपों के बीच बोर्ड अपने प्रश्न पत्रों को लीक होने से नहीं बचा पाया. ऐसे में सवाल है कि क्या इस बार बोर्ड अपने खेत को बाड़ के खाने से बचा पायेगा या नही?आंदोलन हो तो ऑनलाइन हो
गोपाल कृष्ण दिल्ली की एक संस्था टाक्सिक्स लिंक में काम करते थे. टाक्सिक्स लिंक जहरीले रसायनों पर काम करती है और उनके खिलाफ आंदोलन चलाती है. काम का तरीका एनजीओवादी है. इसलिए यहां काम करनेवाले लोग जमीन से ज्यादा कम्प्यूटर से जुड़े रहते हैं. गोपाल भी बाहर मैदान से ज्यादा बेसमेन्ट में अपने कम्प्यूटर पर सक्रिय रहते थे. तब आनलाइन दुनिया की अपनी कोई खास समझ नहीं थी.बिल्डरों, ठेकेदारों और सरकारी अफसरों का 'हिन्दू' समागम
भाजपा नेता, सरकारी अमला, बिल्डर-ठेकेदार और रसूखदारों के समर्थन-सहयोग से भोपाल में हिन्दू संगम सम्पन्न तो हो गया, लेकिन संघ जैसा चाहता था, वैसा हिन्दू समागम तो तब भी नहीं हुआ। इन सब की भीड़ में संघ और उसके कार्यकर्ता दोनों ही कहीं गुम गये। लेकिन शायद यही नया संघ है, जहां वह दिल से नहीं दिमाग से चलता है। यह संघ अपने स्वयंसेवक और कार्यकर्ताओं से नहीं समर्थकों से चलता है। इस संघ में कार्यकर्ता कम हो गए, नेता बढ़ गए। यह संघ क्लालिटी नहीं, क्वांटिटी चाहता है। भीड़ के लिए वह कुछ भी करेगा।नंगे पांव देश नापने का नशा
लातूर के भीषण भूकंप ने उनसे उनका परिवार छीन लिया. गर्भवती स्त्री, बच्चे, माता-पिता, भाई कोई नहीं बचा. अगर कोई बचा तो वे खुद मोहनराव पाटिल. अब चालीस के हो चले पाटिल ने अपने परिवार के असमय काल के गाल में समा जाने के बाद पूरे देश को ही अपना परिवार बना लिया. कंधे पर राष्ट्रीय ध्वज और गले में लटकी संदेश की तख्ती के माध्यम से वे राष्ट्रप्रेम की अलख जगा रहे हैं. लोग भले ही उन्हें कुछ भी कहें, कुछ भी समझें, उनकी अनथक, अविरल देशप्रेम की पदयात्रा जारी है. संजय स्वदेश की रिपोर्ट-समाचार परिक्रमा
जंतर मंतर पर लोकतंत्र जब्त
हमें जब किसी को अपनी बात कहनी होती है तो हम उसके और करीब जाने की कोशिश करते हैं. दिल्ली में कनाट प्लेस और संसद भवन के बीच स्थित जंतर-मंतर नामक रोड के दोनों किनारे व्यवस्था को अपनी व्यथा सुनाने के लिए करीब सिमट आये लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. शायद इसीिलए कि वे व्यवस्था को अपनी बात और करीब से कह सकें. लेकिन आज लोकतंत्र के दिन में एक काला अध्याय लिख दिया गया. जंतर-मंतर पर धरने पर महीनों, सालों से धरने पर बैठे लोगों को उखाड़कर फेंक दिया गया है....
वेदांता को विस्तार न दे सरकार
उड़ीसा में बाक्साइट खनन में लगी वेदान्ता कंपनी को सरकार अब और अधिक विस्तार का मौका न दे. ऐसा करने से न केवल जंगलों को नुकसान का खतरा है बल्कि यहां की आदिवासी कौंध जनजाति के भी विलुप्त हो जाने का खतरा है. केन्द्र सरकार द्वारा गठित एक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह संतुति दी है. ...
निर्भीक होकर करें पत्रकारिता : नैयर
वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने कहा कि देश को एक सूत्र में बांधे रखने में अखबार की बड़ी भूमिका होती है। इसलिए पत्रकार किसी से डरे बगैर निर्भीक पत्रकारिता करे। आज की परिस्थिति में प्रचार-प्रसार माध्यमों के सामने में अनेक आहवान हैं ऐसे ही आहवान देश के सामने भी हैं।...
कर्नाटक के कलाकारों ने बनाई नोटों की माला
मायावती के गले में हजार के नोटों की माला उनके लिए फांस बनती जा रही है. मंगलवार को जहां इस मुद्दे पर संसद में भी हंगामा हुआ वहीं दूसरी ओर लखनऊ में दिनभर नोटों की माला ही चर्चा का विषय बनी रही. नोटो की यह माला जिसमें 21 लाख रुपये होने का दावा किया जा रहा है कर्नाटक के कलाकारों ने बनाई थी वह भी माया के विश्वस्त मंत्री के आवास में बैठकर. ...
फिदा तो विदा लेकिन लौटेगें रजा
मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन भले ही वृद्धावस्था में कतर की नागरिकता ले ली हो, लेकिन एक अन्य विख्यात पेंटर सैयद हैदर रजा अपना शेष जीवन भारत में बिताने की ख्वाहिश लेकर साल के आखिर में स्वदेश लौटने की तैयारी में हैं। बीते छह दशक से वह फ्रांस में रह रहे हैं।...
प्रेम पांचवा पुरुषार्थ है- नामवर सिंह
नई दिल्ली। हिन्दी साहित्य जगत के प्रख्यात आलोचक नामवर सिंह का कहना है कि भले ही ब्राह्मणवादी दर्शन ने जीवन के चार पुरुषार्थ- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की परिभाषा की है लेकिन एक पांचवा पुरुषार्थ भी है जिसका नाम प्रेम है. यह प्रेम पांचवा पुरुषार्थ है जो भक्ति आंदोलन से भी पहले भागवतमहापुराण से समाज में स्थापित होता है. नामवर सिंह ने श्रीमद्भागवतमहापुराण को प्रेम ग्रंथ की संज्ञा दी. ...
मायावती पर मधुमक्खियों का हमला
लखनऊ। मायावती की रैली पर मधुमक्खियों से हमला किया गया. उनके भाषण के दौरान जानबूझकर उनके ऊपर मधुमक्खियां छोड़ी गयीं ताकि वे अपना भाषण पूरा न कर सकें लेकिन मायावती जी ने मधुमक्खियों की परवाह न करते हुए अपना भाषण जारी रखा. ...
बिहार में न आये जीएम का जिन्न
पटना। जैविक खेती अभियान चाहता है कि बिहार में जीएम फसलों का कोई प्रयोग न किया जाए. इसके लिए सरकार पर दबाव बनाने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए जैविक खेती अभियान ने पटना में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा दिल्ली से आये लोगों ने भी शिरकत की. ...
16 मार्च को होगी भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा
नागपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा 16 मार्च को होगी तथा जलगांव में 2 से 4 अप्रैल तक राज्य स्तरीय सम्मेलन के आयोजन की जानकारी शनिवार को भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी ने एक पत्रकार परिषद में दी। ...
मूलभूत अधिकारों में शामिल हो इंटरनेट
आजादी के आंदोलन में लोकमान्य तिलक ने नारा दिया था कि स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है. और हम इसे लेकर रहेंगे. आजादी के बाद इस नारे में स्वराज शब्द को दायें बाये करके अनेक नारे बना दिये गये जो देश में राजनीतिक आंदोलनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का काम करते रहे लेकिन अब नया नारा जन्म ले चुका है....
दुनिया को बचायेगा टेलीवीजन
भूल जाईये कि इंटरनेट दुनिया को बदलने जा रहा है या फिर सोशल नेटवर्किंग साईट्स विश्व जनमानस तैयार करने में सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरनेवाली हैं. अमेरिका की टाईम पत्रिका द्वारा एक अध्ययन में कहा गया है कि अगले एक दशक तक दुनिया का सबसे प्रभावी संचार माध्यम टेलीवीजन ही बना रहेगा....
चश्मा करवायेगा अनुलोम विलोम प्राणायाम
चंडीगढ़। बाबा रामदेव की घुट्टी अनुलोम विलोम प्राणायाम को अब बिना किसी प्रयास के किया जा सकता है. करना सिर्फ इतना है कि आपको एक विशेष प्रकार का चश्मा पहनना है और वह चश्मा आपको अनुलोम विलोम प्राणायाम करवायेगा....
200 रूपये में लीजिए राजहंस का स्वाद
मंगोलिया से हर वर्ष भारत में आने वाले दुर्लभ राजहंस (बार हेड़ेड़ गीज) को जाल बिछाकर पकड़कर उसे 200 से 300 रुपए में बेचे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। चन्द्रपुर और वर्धा के पक्षी मित्रों ने अपने स्तर का स्टिंग आपरेशन करते हुए दुर्लभ प्रजाति के राजहंस को बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।...
नौजवानों के लिए ग्लोबल नालेज सेन्टर की स्थापना करेगा 'युवा'
नई दिल्ली। बेरोजगारी और आतंकवाद के मुद्दे पर काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन “युवा ए मुमेंट” ने एक अनोखी पहल करते हुए युवाओं के लिए एक ग्लोबल नालेज सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है. नालेज सेंटर की स्थापना के पहले चरण में www.yuvafoundation.co.uk नामक एक वेब साइड तैयार की गई है. इसका उदघाटन केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज किया....
राजस्थान में गिनती के बचे हैं गिद्ध
राजस्थान में गिद्धों से जुड़ी एक रिपोर्ट आई है. रिपोर्ट में इस बात पर चिन्ता व्यक्त की गई है कि राजस्थान में गिद्धों पर संकट है. उनकी संख्या केवल 3907 शेष बची है. प्रदेश के मुख्य जीव प्रतिपालक आर एन मेहरोत्रा का मानना है कि ये गिद्ध पश्चिमी राजस्थान में ही बचे है....
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से यह कहते हुए केंद्र पर अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं कि बिहार का विकास किए बगैर देश विकसित नहीं हो सकता, मगर जब बात उनके अपने राज्य की आती है तो संभवत: यह तर्क वे भूल जाते हैं और विकास की बड़ी राशि पटना में ही खर्च कर डालते हैं, भले भागलपुर, पूर्णिया या सुपौल जैसे जिले पिछड़े ही रह जाएं।...Log in
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bahut badhiya. mai ummeed karta hu ki desh se lekar samaj ko baantne wale yaha kabhi na pahunche....
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bahut hi satik mudde par satik baat kahi hai aapne.
aapki is bat se ki
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