फिरदौस खान
संघ को चाहिए राम, भाजपा को सत्ता का आराम
हाल ही में भारतीय जनगणना को लेकर संघ और भाजपा में मतभेद उभरकर सामने आ गये हैं। संघ ने जहां जाति आधारित जनगणना की आलोचना की, वहीं भाजपा ने इसे सही ठहराया है। इसी तरह समान नागरिक संहिता, हिन्दुत्व, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, धारा-370 और मुसलमानों से संबंधित मुद्दों पर संघ और भाजपा के अलग-अलग विचार हैं। संघ जहां हिन्दुत्व की विचारधारा के ज़रिये देश में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करना चाहता है, वहीं भाजपा केवल सत्ता सुख चाहती है, भले ही उसके लिए उसे कोई भी नीति क्यों न अपनानी पड़े।
महिलाएं कर रही हैं सऊदी में शादी का सौदा
यह बात सुनने में ज़रूर अजीब लगे, मगर है सोलह आने सच. हालांकि सऊदी अरब इस्लाम, तेल के कुंओं, अय्याश शेखों और जंगली क़ानून के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ बरसों में यहां की जीवन शैली में ख़ासा बदलाव आया है. यहां की महिलाएं भी अब इंसान होने का हक़ मांगने लगी हैं. वे ऐसी ज़िन्दगी की अभिलाषा करने लगी हैं, जिसमें उनके साथ ग़ुलामों जैसा बर्ताव न किया जाए. शायद इसलिए ही वे तनख्वाह पर शौहर रखने लगी हैं. ...मुस्लिम समाज में दहेज प्रथा : कहां हैं मज़हब के ठेकेदार?
हिन्दुस्तानी मुसलमानों में दहेज का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है. हालत यह है कि बेटे के लिए दुल्हन तलाशने वाले मुस्लिम वाल्देन लड़की के गुणों से ज़्यादा दहेज को तरजीह (प्राथमिकता) दे रहे हैं. हालांकि 'इस्लाम' में दहेज की प्रथा नहीं है. एक तरफ जहां बहुसंख्यक तबक़ा दहेज के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद कर रहा है, वहीं शरीयत के अलमबरदार मुस्लिम समाज में पांव पसारती दहेज प्रथा के मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठे हैं....देहात में नई इबारत लिखता 'एफ़एम'
आदि अदृश्य नदी सरस्वती के तट पर बसे हरित प्रदेश हरियाणा ने हरित क्रांति के क्षेत्र में तो हमेशा से ही अपना लोहा मनवाया है, लेकिन अब सूचना क्रांति के क्षेत्र में भी यह प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। हरियाणा में दूरदर्शन केंद्र है, आकाशवाणी केंद्र हैं, अनेक एफ़एम रेडियो धूम मचा रहे हैं। कई राष्ट्रीय स्तर के समाचार-पत्र यहां से प्रकाशित हो रहे हैं और क्षेत्रीय समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं ने भी जनमानस में अपनी पैठ बनाई है।...यही है मेरा इस्लाम
हुस्ने-क़त्ल असल में मर्गे-यज़ीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद.... इस्लाम तो सरापा रहमत है...हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन ने सच्चाई की राह पर चलते हुए अपनी जान क़ुर्बान कर दी थी...इस्लाम ने हमेशा ही इंसानियत का सबक़ पढ़ाया है और अमन का पैगाम दिया है......गौ रक्षा और इस्लाम
भारत में गौ हत्या को रोकने के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जाता रहा है...अलकबीर नाम के स्लाटर हाउस में हर रोज़ हजारों गाय काटी जाती हैं...कुछ साल पहले हिन्दू संगठनों ने इसके ख़िलाफ़ मुहिम भी छेड़ी थी, लेकिन जब यह पता चला कि इसका मालिक कोई मुसलमान नहीं, बल्कि गैर मुस्लिम यानी जैनी है तो आन्दोलन को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया...यह जगज़ाहिर है कि गौहत्या से सबसे बड़ा फ़ायदा गौ तस्करों और गाय के चमड़े का कारोबार करने वाले बड़े कारोबारियों को ही होता है।...जान हमने भी गंवाई है वतन की खातिर
कोई कितना ही झुठला ले, लेकिन यह हक़ीक़त है कि हिन्दुस्तान के मुसलमानों ने भी देश के लिए अपना खून और पसीना बहाया है. हिन्दुस्तान मुसलमानों को भी उतना ही अज़ीज़ है, जितना किसी और को... यही पहला और आखिरी सच है......Author info
फिरदौस खान
युवा पत्रकार, शायरा और कहानीकार हैं...कई भाषाएं जानती हैं...अमर उजाला, दैनिक भास्कर और दूरदर्शन केंद्र समेत कई अन्य राष्ट्रीय समाचार-पत्रों में कई बरसों तक अपनी सेवाएं दी हैं...कॉलेज के वक़्त से ही रेडियो से भी जुड़ी रही हैं...इनके लेख देश-विदेश के प्रतिष्ठित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित होते रहते हैं.
