राजीव शर्मा
राजस्थान में गिनती के बचे हैं गिद्ध
राजस्थान में गिद्धों से जुड़ी एक रिपोर्ट आई है. रिपोर्ट में इस बात पर चिन्ता व्यक्त की गई है कि राजस्थान में गिद्धों पर संकट है. उनकी संख्या केवल 3907 शेष बची है. प्रदेश के मुख्य जीव प्रतिपालक आर एन मेहरोत्रा का मानना है कि ये गिद्ध पश्चिमी राजस्थान में ही बचे है.
राजस्थान में नर्क का दूसरा नाम है नरेगा
अगर भ्रष्टाचार नर्क है तो इस नर्क का दूसरा नाम नरेगा ही होना चाहिए. कम से कम राजस्थान की हकीकत यही है. देश के ग्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी राजस्थान से आते हैं. यही वह मंत्रालय है जो मनरेगा को देशभर में लागू करता है. लेकिन विडम्बना देखिए कि राजस्थान में मनरेगा के ऊपर जो भी सर्वे आ रहे हैं वे सब इसे भ्रष्टतम व्यवस्था साबित कर रहे हैं. पहले सोशल आडिट में यह बात सामने आयी और अब एक सर्वे नरेगा की पोल खोल रहा है. ...गुर्जर आरक्षण पर फिर गुर्राये बैंसला
"राजस्थान सरकार या तो सीधे तरीके से गुर्जर और आर्थिक रूप से पिछडे सवर्णो को 5 व 14 प्रतिशत आरक्षण दे दे वरना एक बार फिर से आन्दोलन का रास्ता अपनाना पडेगा. और इस बार समाज निर्णायक लडाई के मूड में है. इसके लिए मुझे सर्व समाज से एक लाख लोगों की आवश्यकता पडेगी. समय और स्थान में बता दूंगा. आप तो एक बार फिर से तैयार हो जाओ. ऐसा लग रहा है.एक बार फिर से हिन्दुस्तान गुर्जरों का आन्दोलन देखेगा." ...जनप्रतिनिधि गायब है अब तो गाड़ी लेकर ही लौटेगें
राजस्थान भर के लगभग 6 हजार जनप्रतिनिधि गायब है. लोगों की माने तो वो अब गाडी में सवार होकर ही वापिस लौटेगें. सूत्रों की माने तो प्रदेश भर में इन दिनों गाडियों की बुकिंग तेज हो गई है. हजारों जो एक साथ खरीदी जानी है. गाँव की सरकार जो उनके बलबूते बनेगी. ...भाजपा कार्यकर्ता कर्नल बैंसला को मान रहे हैं राजस्थान भाजपा का अध्यक्ष
कर्नल किरोडी सिंह बैंसला. कम से कम राजस्थान के लिए तो एक जाना पहचाना नाम है. कभी भाजपा सरकार के लिए मुसीबत बने कर्नल बैंसला. अब उस प्रदेश में ही भाजपा के अगले अध्यक्ष हो सकते है. ये हम यूं ही नहीं कह रहे. राजस्थान में पंचायतीराज के चुनाव चल रहे है. इन्ही चुनावों की प्रचार सामग्री में जिला परिषद की एक महिला प्रत्याशी ने कर्नल बैंसला को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बताया है ...तिरंगा तेरी रक्षा करेगें हम लेकिन उल्टा लटकाकर
जयपुर। हमने गणतंत्र के साठ साल पूरा कर इकसठवें वर्ष में प्रवेश कर लिया. देश में लाल किले से गांव, ढाणी तक तिरगें को फहराकर खुशियां मनाई. देश के वीर सपूतों को याद किया. तिरगें पर मर मिटने की कसमें खाई. इस बीच राजस्थान के एक कन्या महाविद्यालय में, हमारा तिरंगा उल्टा ही लटका रहा. ...सांसद नहीं, बनना है सरपंच
महात्मा गांधी राष्ट्रीय गा्रमीण रोजगार गारंटी कानून ‘महानरेगा’ यही वो नाम है जिसने सरपंच को सांसद से भी बडा बना दिया है. लोगों की माने तो महानरेगा ने ही यूपीए की सरकार दुबारा बनबाई. इसमें कितनी सच्चाई है ये बहस का बिषय हो सकता है. लेकिन इतना सच है कि अब गांवों में इस योजना ने सरपंच के पद को सांसद से भी बडा बना दिया है. ...पत्नी के चुनाव की खातिर माँ को ही 'मार' दिया
मेरे पास माँ है. हिन्दी सिनेमा का ये डायलाग आज भी लोगों को भलीभाँति याद है. लेकिन लगता है समय के साथ माँ का महत्व कम हो रहा है. आम तौर पर सरकारी कर्मचारी अपने स्थानांतरण के आवेदनों में बूढे माँ बाप के सेवा की बाते करते है. लेकिन यहाँ तो पत्नी के चुनाव के लिए एक सरकारी कर्मचारी ने अपनी चुनाव डयूटी कटवाने के लिए ‘माँ’ को ही मार डाला है. ...राजनीति की पहली पाठशाला में चाहिए आरक्षण
राजस्थान में छात्र संघ चुनावों पर रोक थी. अब आगामी शिक्षण सत्र से ये चुनाव आरम्भ हो जाऐगें. इसके लिए मुख्यमंत्री घोषणा पत्र के किये वायदे के अनुरूप मंजूरी दे दी है. राजनीति की पहली पाठशाला माने जाने वाले कालेज छात्रसंघों की क्लास अब फिर से शुरू होने जा रही है. लेकिन इसके फिर से शुरू होने से पहले ही छात्राओं ने अपने लिए आरक्षण की माँग करके राजनीति को फिर से गरमा दिया है....राजस्थान में पंचायतीराज के चुनावों की आवेदन प्रक्रिया शुरू
राजस्थान भर में इन दिनों पंचायतीराज के चुनावों की प्रक्रिया चल रही है. 7 जनवरी से 9 तक आवेदन जमा कराने की प्रक्रिया चलेगी. 11 जनवरी को नाम वापिस लिये जा सकेगें. प्रदेश भर में इन दिनों चुनाव लडने वाले प्रत्याशी अपने आवेदन जमा करा रहे है. ...Author info
