राजीव शर्मा
पाँचना से फोन पर पानी पहुँचा घना
घना पक्षी विहार को इस बर्ष पानी मिल गया है। करौली जिले के पाँचना बाँध से छोडा गया पानी अब भरतपुर की सीमा में पहुँच गया है। इस पानी के बाद संभावना है घने का ताज बच जाये। पानी से रिक्शा चालकों से लेकर होटल मालिक सब प्रसन्न है, लेकिन इस पानी पहुँचने के कारणों में भरतपुर सांसद का करौली कलक्टर को फोन करना चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्वागत से शुरू हुई सुगबुगाहट
राजस्थान में इस बार 5 वर्षो के बाद छात्रसंघों के चुनाव होने जा रहे हैं। चुनावों को लेकर विधार्थियों से लेकर राजनैतिक दलों में सरगर्मियाँ तेज हो गई है। नवागुंतकों का जोर से स्वागत किया जा रहा है तो तमाम तरह की माँगे भी सरकार के सामने रखी जा रही है। राजनीति की पहली पाठशाला के हो रहे चुनावों की एक रिपोर्ट। ...अरावली में अवैध खनन का गोरखधन्धा
राजस्थान की पहचान वैसे तो रेगिस्तान से है। लेकिन अरावली की श्रृखलाऐं भी उसके बहुत बडे हिस्से में फैली हुई है। अभी तक अरावली की इन श्रृखलाओं को हरा भरा करने के नाम पर देश और विदेशी मदद के पैसे को अकेला वन विभाग हडप करता रहा। अब इन श्रृखलाओं से पत्थर और लकडी का दोहन सरकार के दर्जनों विभाग और उनकी आड़ में खुद सरकारें कर रही है। राजस्थान के भरतपुर जिले में अवैध खनन के गोरखधंधे की पडताल करती एक रिपोर्ट। ...संकट में है सुजान गंगा
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक सुजान गंगा है. ऐतिहासिक महत्व की ये नहर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष के साथ लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. अब एक बार फिर न्यायालय ने सुजान गंगा के उद्धार के लिए हस्तक्षेप किया है. देखना ये है कि कोर्ट की फटकार के बाद सरकारी अमला कुछ करता है या फिर वो ही ढाक के तीन पात वाली बात होकर रह जायेगी....सोनाली शुभम की सफल प्रेम कहानी
झारखंड की निरूपमा भले ही प्रेम में हार गई हो लेकिन बिहार की सोनाली शुभम अपने इम्तिहान में पास हो गयी . इन दोनों ने प्रेम किया था . लेकिन दोनों के परिणाम अलग अलग रहे. निरूपमा का प्रेम देश की राजधानी का प्रेम था. सोनाली की प्रेम कहानी राजस्थान की शैक्षणिक नगरी कोटा में परवान चढी. दोनों को देखा जाये तो सोनाली ने जो राह चुनी उसमें कांटे कहीं अधिक थे और आगे भी रहेगें . सोनाली की सफलता में उसके प्रेम की पवित्रता को सफल माने या फिर उसकी दृढता को. निरूपमा ने जो किया उसमें गलत क्या है? ये विश्लेषण का विषय हो सकता है. ...पीलूपुरा की पटरियों पर फिर आ सकते है गुर्जर
बर्ष 2007 के मई माह में गुर्जरों ने पाटौली में चक्का जाम किया. फिर 2008 के मई माह में पीलूपुरा में रेल की पटरियों को उखाड फेंका. एक बार फिर 2010 के चालू मई माह में गुर्जर पीलूपुरा में रेल की पटरियों पर जम कर बैठ सकते है. सोमवार 3 मई को पीलपुरा के पास महरावर में विशाल महापंचायत रखी है. उसके बाद उत्पन्न हालातों पर ही आगे की कार्यवाही करने की बात गुर्जर कह रहे है. ...प्यार की पंचायत पर कुर्बान हुआ परिवार
रात के सन्नाटे को चीरती देहरादून एक्सप्रेस उसके ऊपर से गुजर गई. लेकिन दहशत के उन पलों में भी वो अपने परिवार की सलामती के बारे में ही सोचती रही. ऊपर से गाड़ी गुजर जाने के बाद उसने सबसे पहले अपने भाई रोहित को खोजा. उसके बाद मिले पिता, माँ बहिन और चाची के चिथड़ों ने उसे बदहवास कर दिया. सप्ताह भर बीत जाने के बाद भी उसके चेहरे पर अकेले रह जाने का खौफ साफ दिखाई दे रहा है. उसे चाची से कोई शिकायत नहीं. पंचों के फैसले को वो भले ही समझ नहीं पा रही है. लेकिन खुद के अकेले रह जाने के लिए वो उन्हें ही जिम्मेदार जरूर मान रही है. ...नरेगा के नाम एक और कलंक
राजस्थान, देश के गामीण विकास मंत्री का प्रदेश. यहाँ कांग्रेस की सरकार है. प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष भी मंत्री जी है. अपना पूरा समय भी प्रदेश को दे रहे है. इतना ही नहीं नरेगा को बजट देने में कोई कोताही उनके यहाँ नहीं है. हर एक पंचायत को औसत सालाना एक करोड का बजट दिया है. ...अकबर की छतरी पर नासमझी की गठरी
आम आदमी की क्या बात करें. जब राष्ट्रीय प्रतीकों और धरोहरों का संरक्षण करने वाला पुरातत्व विभाग ही राष्ट्रीय प्रतीकों को ठीक से नहीं जान पा रहा है. उसके जिला स्तर के अधिकारी को नहीं पता कि राष्ट्रीय चिन्ह माने जाने वाले अशोक स्तम्भ के चक्र में कितनी तीलियॉ है. वे जानकारी होने से इंकार कर देते हैं....दो किरोडी एक सरकार
कर्नल किरोडी बैंसला ने एक बार फिर आन्दोलन की धमकी दी है. सरकार को रविवार सुबह 10 बजे तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने का समय दे दिया है. उसके बाद वो कूच करेगें. ऐसे अवसर पिछले 15 दिनों में कई बार आये है. इस बार स्थिति कुछ अलग हो सकती है. गुर्जर आन्दोलन और उसके तरीकों के धुर विरोधी रहे डां किरोडी मीणा ने आन्दोलन को अपना पूरा समर्थन देने की मंशा जाहिर की है. ऐसे में दो किरोडियों के एक होने से अकेली सरकार कैसे निबटेगी? ...Author info
