दैनिक भाष्कर, इंदौर ने 19 जून को विस्फोट के बारे में लिखा है. भास्कर द्वारा विस्फोटक चर्चा के लिए हम आभारी हैं. इस समीक्षा की एक खास बात जो सबसे ज्यादा प्रभावित करता है वह यह कि पहली बार विस्फोट के उस प्रयास को भास्कर के रिपोर्टर ने समझने की कोशिश की है जो विस्फोट का असली मकसद है. ब्लाग वैकल्पिक मीडिया के तौर पर उभरें और जन केन्द्रित वेब-पत्रकारिता का युग शुरू हो यह हमारी कोशिश है. मुझे खुशी है कि भास्कर ने इसी रूप में विस्फोट को जानने समझने की कोशिश की.
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