उड़ीसा में 100 युवकों के दल ने एक आत्मघाती दस्ता बनाया है. यह आत्मघाती दस्ता प्रदेश में रिलांयस फ्रेश के विस्तार को रोकने का काम करेगा. शनिवार को रेहड़ीवालों, छोटे दुकानदारों, प्रशासन और रिलायंस फ्रेश के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई थी. बैठक के बाद उड़ीसा रोडसाईड वेंडर्स एण्ड स्माल शाप्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रताप शाहू ने कहा कि “अब तक इस दस्ते में 100 से अधिक युवक शामिल हो चुके हैं. लड़कों का मानना है कि भूखों मरने से अच्छा है कि लड़कर मरना ज्यादा बेहतर है.” शनिवार को प्रशासन, दुकानदार और रिलायंस फ्रेश के बीच बैठक बेनतीजा रही.
हालांकि जिला प्रशासन कह रहा है कि कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए भुवनेश्वर में कोई रिलायंस आउटलेट नहीं खुलेंगे जब तक कि स्थानीय लोग विरोध बंद नहीं कर देते. लेकिन हकीकत यह है कि प्रशासन ने अंदरखाने में रिलांयस को अपनी दुकान खोलने के लिए हर तरह से इजाजत दे दी है. सभी प्रशासनिक इकाईयों ने जरूरी अनुमतिपत्र पहले ही रिलायंस को सौंप चुके हैं.
उत्तर प्रदेश के बाद उड़ीसा ऐसा दूसरा राज्य बन गया है जहां रिलायंस फ्रेश के स्टोर पर इस तरह पाबंदी लगायी जा रही है. उत्तर प्रदेश में हाल में रिलायंस के खिलाफ प्रदेशभर में जोरदार प्रदर्शन और तालाबंदी हुई थी. प्रदेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए मायावती प्रशासन ने फिलहाल सभी स्टोर को बंद करने का आदेश दे दिया था. थोड़े दिनों के इंतजार के बाद अब रिलायंस उत्तर प्रदेश से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने में लगा हुआ है. खबर है कि उसने फ्रेश डिवीजन के 2800 कर्मचारियों में 1000 कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है.
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मुझे लगता है कि यह एक अवश्यसंभाव्य चीज़ को रोकने की कोशिश हो रही है। मॉल तो आएंगे ही, उन्हें रिलायंस लाए या दुकानकार अपना ग्रुप बनाकर ऐसी पहल करें। छोटी दुकानें खत्म होने के लिए अभिशप्त हैं। वो ऐसी कियोस्क बनकर रह जाएंगी जो मॉल्स के बंद रखने के दौरान (शनि-रवि या अलसुबह और देर रात) उपभोक्ता का सहारा बन सकेंगी।
कब तक रोक पायेंगे इस तरह और कहाँ कहाँ.