उत्तर प्रदेश में कामिक्स के जरिए ईसाईयत का प्रचार किया जा रहा है. ईसाई संगठन गास्पेल मिशन आफ इण्डिया द्वारा हाल में ही एक कामिक्स प्रकाशित किया गया था जिसका नाम है सर्वश्रेष्ठ उपहार. इस सर्वश्रेष्ठ उपहार नामक कामिक्स में कहानी के जरिए बाईबिल की जानकारी दी गयी है. कहानी के मुख्य पात्र विशाल व वैशाली नाम के दो बच्चे हैं. बच्चों का यह चरित्र आपस में बातचीत करते हुए कामिक्स में कई बार कहता है कि उन्हें यीशू पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि “यीशू उनका प्रभु हो जाए.”
गास्पेल मिशन आफ इण्डिया के इस अभियान पर प्रदेश के हिन्दू संगठनों और मुस्लिम उलेमाओं दोनों ने गंभीर आपत्ति जताई है. उनका आरोप है कि यह पुस्तक देश के हिन्दू, मुस्लिम बच्चों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रही है. संगठनों ने राज्य सरकार से इस कामिक्स पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उलेमाओं और हिन्दू संगठनों ने मुख्यमंत्री मायावती से सरकारी परिसर में धर्म परिवर्तन से जुड़े साहित्य को वितरित किये जाने की जांच कराने की भी मांग की है.
ज्ञात हो कि गास्पेल मिशन आफ इंडिया संगठन ने आपरेशन क्रिसमस चाईल्ड नाम से एक अभियान शुरू किया है. इसके तहत ही यह “सर्वश्रेष्ठ उपहार” बच्चों में मुफ्त बांटी जा रही है. बुधवार को एक यूरोपीयन महिला के साथ गास्पेल के कुछ कार्यकर्ता लखनऊ चिड़ियाघर के आस-पास यह पुस्तक बांट रहे थे जिसकी जानकारी फैलने पर विरोध शुरू हो गया.
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