रात सिर्फ सोने के लिए नहीं होती. आप प्रेमी हैं तो रात विरह और तड़प के लिए भी होती है. और कोई न मिले तो चांद पर कविताएं करिए और प्रेमी होना सार्थक करिए. आप चौकीदार हैं तो जागकर डंडा फटकारिए. आप बीमार हैं तो खांसिए और अपने आपको कोंसते हुए सूर्य देवता के जल्दी आने की प्रार्थना करिए. आप फंकी ड्यूड हैं तो लड़की के उड़ाये गये नंबर पर मिसकाल मारने के लिए भी होती है. आप आधे अमेरिकन हैं तो रात किसी पार्टी जाकर शराब पीकर दिन भर की थकान उतारने के लिए भी होती है. आप नौकरशाह या व्यापारी हैं तो नींद की गोली खाने के बाद करवट बदलने के लिए भी होती है.
लेकिन मैं जिस नाईट अनलिमिटेड की चर्चा कर रहा हूं वह इन सबसे अलग है. अगर आप इंटरनेट प्रयोक्ता हैं तो रात नेट पर झक मारने का अच्छा साधन हो सकता है. क्या? आप झक नहीं मार सकते. तो आप रिलायंस का डाटा कार्ड ले लीजिए. प्लान लीजिए फ्रीडम नाईट अनलिमिटेड. मासिक किस्त 400 रूपये. रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक इंटरनेट पर काम करने का कोई खर्च नहीं. सब 400 रूपये में नियोजित हो जाता है. दिन में उपयोग करेंगे तो 50 पैसा प्रति मिनट चुकाना होगा. अच्छी स्कीम है. वैसे भी लिखने-पढ़ने और झक मारने के लिए रात ही सबसे मुफीद वक्त हो सकता है. पैसा बचाना है तो थोड़ा अनिद्रा की बीमारी तो लेनी ही होगी. आखिर फ्रीडम प्लान का सवाल है.
लेकिन यह क्या. रात के दस बजते ही नेट डाउन हो जाता है. मानों किसी ने जानबूझकर उसकी गति को मंथर कर दिया हो. 50 पैसे मिनट वाले वक्त में तो वह गोली की तरह चलता है. यह अनलिमिटेड का वक्त आते ही इसकी स्पीड बैलगाड़ीवाली क्यों हो जाती है? हमारा यह भ्रम काम क्यों नहीं कर रहा कि रात में ब्राडबैण्ड पर भार कम हो जाता है इसलिए मरे-गिरे नेटवर्क में भी थोड़ी तेजी आ जाती है. अपना एमटीएनएल और बीएसएनएल भी कुलाचें मारता है. यहां तो उल्टा हो रहा है. मैं यह कैसे मान लूं कि रिलायंस के पास बैण्डविट्थ की दिक्कत है? सारा बैण्डविट्थ तो उसी का खड़ा किया हुआ है. तो क्या कंपनी जानबूझकर ऐसा करती है?
बिल्कुल. बिना किसी कंपनी कन्फर्मेशन के ऐसा मान सकते हैं. अगर रात में कंपनी का नेट बहुत तेज चले तो यहां ऐसे-ऐसे फद्दू प्रसाद हैं कि सारा काम रात में ही निपटा लेंगे और दिनभर सोयेंगे. आफर देना और बात है और घाटा सहना और बात. कंपनी क्यों घाटा सहे? इसलिए अनलिमिटेड प्लान आपकी जिंदगी को लिमिटेड कर देते हैं. समझे नहीं ड्यूड, तो लेकर भुगत लो.
Possibly Related Posts:
- भाजपा नेताओं का मक्काः झंडेवालान
- पीने का पानी
- फिर अविनाश डाल पर
- अभिव्यक्ति की चरम अवस्था
- विस्फोट.कॉम को चाहिए निहंग पत्रकार
बहुत खूब! यही हाल एम् टी एन एल का भी है.
हम तो BSNL से फ़ुल्टू खुश हैं भाई 1000 वाला प्लान है 6 GB की लिमिट है, बेसिक फ़ोन का किराया भी नहीं और स्पीड झमाझम, हमें कौन सा आडीयो या वीडियो डाउनलोड करना है… सबसे बेहतर बीएसएनएल… बाकी सब बकवास…
एम टी एन एल है तो एकदम सही है.
यह जीबी का क्या चक्कर है? डाटा ट्रांसफर या डाटा डाउनलोड? यह जीबी की लिमिट किस पर लागू होती है?
एक से एक कम्पनी के एक से एक प्लान है किस किस को परखे।