अभी भारत में एप्पल गिने-चुने लोगों द्वारा ही प्रयोग किया जा रहा है और जो लोग प्रयोग कर रहे हैं उनका हिन्दी से शायद दूर-दूर का नाता न हो. लेकिन मैक आपरेटिंग सिस्टम में हिन्दी का सपोर्ट बहुत अच्छा है. केवल हिन्दी ही नहीं बल्कि संस्कृत, मराठी, नेपाली और गुरूमुखी गुजराती में बहुत मजे से काम कर सकते हैं. एप्पल में विन्डोज की अपेक्षा कुछ बेहतर सुविधाएं हैं. जैसे
१. दो तरह के कीबोर्ड लेआऊट हैं. एक लेआऊट स्टैण्डर्ड है वही जो विन्डोज आपरेटिंग सिस्टम में काम करता है. ठीक वही. इनस्क्रिप्ट की बोर्ड ले आउट. लेकिन साथ ही हर भाषा के साथ क्वेर्टी कीबोर्ड की सुविधा भी दी गयी है. यह क्वेर्टी कीबोर्ड रोमन शब्दों को हिन्दी में बदलता है. यानी गुगल इंडिक ट्रांसिलिट्रेटर का आफलाईन संस्करण. यह बहुत काम का तरीका है. बहुत सारे लोग जो विन्डोज पर काम करते हैं उनके साथ एक और दिक्कत आती है कि किसी तरह कीबोर्ड लेआउट सक्षम भी कर लें तो उन्हें कीबोर्ड सीखने में बड़ा वक्त लग जाता है. क्योंकि एक एक शब्द देखकर सीखना पड़ता है. मैक में इस समस्या का निदान इस तरह किया गया है कि आप चाहें तो वर्चुअल कीबोर्ड सक्षम कर लें और स्क्रीन पर देखते हुए टाईप कर सकते हैं.
२. एप्पल मैक में जो फाण्ट प्रयोग किया जाता है वह है देवनागरी एमटी. यह एप्पल का अपना यूनिकोड फाण्ट है और मंगल की अपेक्षा ज्यादा सुघड़ और सुंदर है. एक और फायदा यह है कि अंक देवनागरी लिपी में ही आते हैं न कि रोमन में.
अगर आपके पास मैक है और आप उसका हिन्दीकरण करना चाहते हैं तो कुछ सामान्य काम करिए.
१. मैक में सिस्टम प्रेफरेन्सेस पर क्लिक करिए. यहां आपको इंटरनेशल नाम का एक फोल्डर दिखेगा.
२. उस फोल्डर पर क्लिक करने के बाद लैग्वेंज, फार्मेट और इन्पुट मेनू दिखेंगे.
३. इन्पुट मेनू में जाकर आप देवनागरी या जिस भाषा में काम करना चाहते हैं उसका चुनाव कर लीजिए.
४. अब लैंग्वेज में आकर उन भाषाओं को ही रखिये जिनमें आप काम करेंगे.
५. बाकी छोटे-छोटे दिशानिर्देश मिलेंगे उनका पालन करिए और मजे से मैक पर अपनी भाषा में काम करिए.
एक विशेष बात का ध्यान रखिए कि कीबोर्ड शार्टकट में भाषा बदलने के लिए आपको कीबोर्ड शार्टकट में जाकर मनमाफिक बदलाव करने होंगे.
बस हो गया.
मैक पर अपनी भाषा में काम करिए. कहीं कोई दिक्कत हो तो सवाल पूछने में क्या हर्जा है?
Possibly Related Posts:
- हिन्दी में जी मेल
- वेब पत्रकारिता के संदर्भ में कुछ बातें
- वर्डप्रेस 2.7
- जो हिन्दी से करे प्यार वो क्रोम से कैसे करे इन्कार
- नया एग्रीगेटर, लेकिन इसमें नया क्या है?
मैक का पूरा वातावरण हिन्दीमय होता है या लेवल लिखना, पढ़ना ही.
पूरा वातावरण हिन्दीमय हो जाता है. यहां तक कि मैक में जो घड़ी चलती है उसके अंक भी देवनागरी लिपी में बदल जाते हैं. मैक में हिन्दी या अन्य भारतीय भाषाओं का प्रयोग अच्छा है.
एक स्क्रीन शोट भेजने की कृपा करे, एक कार्य हेतु आवश्यकता है.