दुनिया में कितने संजय तिवारी हैं? हजारों में तो होंगे ही. अपने गांव के बगल में ही एक संजय तिवारी हुआ करते थे. सालों से उनसे मुलाकात नहीं हुई. सुना है गांव में ही रहते हैं. उनसे भले ही मुलाकात न हुई हो लेकिन आज ऐसे ही फेशबुक पर संजय तिवारी खोजा तो 93 संजय तिवारी मिल गये.
अच्छी संख्या है. हजारों में कम से 93 नाम तो ऐसे हैं जो कम से कम नाम के स्तर पर मिलते हैं. न जाने और भी कितने संजय तिवारी होंगे. बाजार नियंत्रित समाज बढ़ानेवाले ये उपकरण हमारे सामने गजब स्थिति पैदा कर रहे हैं. एक संजय तिवारी खोजने जाएं तो हजारों सामने आ जाते हैं. अब यह निर्णय करना मुश्किल होता है कि हम जिस संजय तिवारी को खोज रहे थे वह आखिर कौन सा वाला संजय तिवारी है?
अगर एक नाम पर इतनी भीड़ है तो फिर अपने नाम को लेकर हम इतने संवेदनशील क्यों रहते हैं? फेशबुक ही बता रहा है कि 93 लोग तो आनलाईन आ ही चुके हैं. कल 9300 और आयेंगे. संजय तिवारियों की ही एक पूरी जमात खड़ी हो जाएगी. अब मुश्किल यह होगी कि इन सैकड़ों संजय तिवारी में वह संजय तिवारी कौन है जो मैं हूं? फिर खोजनेवाला भी तो आयेगा और समझ ही नहीं पायेगा कि किस संजय तिवारी को खोज रहा था और कैसे उस तक पहुंचे?
आनलाईन होने के लिए हर कोई लालायित है. लोग देर सबेर तो आनलाईन होंगे ही. तब क्या होगा? अब मेरे मन में बात आयी है कि दुनिया के सारे संजय तिवारी अगर एक हो जाएं तो कम से संजय तिवारी नाम का एक सामूहिक संगठन बना सकते हैं. अलग-अलग न सही कम से कम सामूहिक पहचान तो होगी. सारे संजय तिवारी एक में मिल जाएं फिर उसमें से कुछ निकाल लिया जाएगा. हो सकता है भविष्य में संगठन बनाने का आधार नाम ही बन जाए. अगर उद्योग के आधार पर संगठन बनाये जा सकते हैं, व्यापार के आधार पर संगठन बनाये जा सकते हैं तो फिर नाम के आधार पर क्यों नहीं बनाया जा सकता? क्या कोई संजय तिवारी इसे पढ़ रहा है?
Possibly Related Posts:
- ब्लागरों के लड़ने झगड़ने की आदत यहां भी नहीं गयी
- ब्लागवाणीः आदि, अंत, अनंत…
- काली कुतिया अब मां नहीं बनेगी
- चारे पासे सुख हूण किसी ने ना दुख हूण
- मेरे पास इंटरनेट है, और आपके पास क्या है?
जनाब कहिये तो हम भी कोशिश करे संजय तिवारी जी को ढुढने की.
मजे दार पोस्ट
आप कौन से वाले संजय तिवारी हैं? अरे, वो अपने वाले..नमस्ते संजय भाई.
केवल संजय को इक्कठा करना हो तो एक तो मैं ही हूँ
संजय तिवारी जी
आपकी व्यथा और खुशी में मनोज नाम वाले खूब भागीदार होंगे। संजय तिवारियों को जमा कर लीजिए। हमनामों के अलग अलग मोहल्ले बसाते हैं। कम नाम वालों को किराये पर घर देते हैं। हा हा। अच्छा है।
bhaiji naam aisa rakho…jiski copy na ho sake
jaise albela khatri__________poori duniya ghoom lo is naam ka aadmi doosra nahinh milega HA HA HA HA
बिल्कुल सही…..एकदम अलबेला
अरे सर ,,जब मोहल्ले बसाना था ता खाली संजय रहने देते..एक दम से एक थो नया पार्टी खडा कर सकते थे…आ खाली जय रखते तो पूछिए मत..जय. विजय. संजय..आ हम जैसे अजय सब आ जाते…देखिये एप्लीकेशन पर गौर किया जाए….
एक दल तो तैयार किया जा सकता है।
घुघूती बासूती