सोचा था आज सात पोस्ट करूंगा और चिट्ठाजगत के धड़ाधड़ पोस्टिंग वाली लिस्ट में छाती फुलाकर ऊपर खिसक जाऊंगा लेकिन तीन में ही हांफने लगा. अगर इस समय आप मेरे पास होते तो मेरी अंगुलियों को देखकर समझ जाते, बेचारी का शोषण हो रहा है. पहले पोस्ट में सोशल नेटवर्किंग थी. दूसरे में कलम घिसाई और यह तीसरी कटाक्ष. अब इस बात की कोई उम्मीद नहीं है कि इस तिथि-बार में मैं कोई नया इश्यू पैदा कर सकूंगा इसलिए बाकी के चार बाईसवीं सदी के 070707 में लिखकर पूरा करूंगा. चिंता क्यों करते हैं मिया, आप भी रहेंगे और हम भी. आपको क्या लगता है मैं पीछे हट जाऊंगा. नहीं जी सवाल ही नहीं पैदा होता. सात जन्मों तक नहीं छोड़ूगा.
सात मुझे प्रिय है क्योंकि सात के चक्कर में स्थायी भाव होता है. जिसने सात फेरे लिये वह सात जन्मों तक पीछा नहीं छुड़ा सकता. वैसे सात नदी, सात पहाड़, सात लोक, सात समंदर, सात ऋषि, सात युग आदि की महिमा क्यों है आज तक मैं इसका भेदन नहीं कर पाया हूं. इतना अवश्य लगता है कि सात के साथ कोई मार्मिक महत्व जुड़ा हुआ है जो हमें कुछ संकेत कर रहा है. आपको कुछ जानकारी हो तो मेरी भी बढ़ा दीजिए, वरना खोजबीन तो चलती ही रहेगी.
अब जबकि थोड़ी ही देर में दुनिया के सात अजूबों का निर्णय कर लिया जाएगा, मैं उम्मीद करता हूं कि मुझे भी उन अजूबों में आप देख सकेंगे. अगर सात में न दिखूं तो आठवें पायदान पर झांक लिजीयेगा. बिल्लू की इज्जत का सवाल है. चिट्ठाजगत की ताजा गणना के अनुसार सात सौ ब्लागर हैं जो सक्रिय हैं और धड़ाधड़ पोस्टें लिख रहे हैं (वैसे 100 में 80 तो आरसी मिश्रा अकेले लिख रहे हैं. खबर है कि आरसी मिश्रा ने पोस्टिंग करने का कोई अनूठा नुख्सा विकसित कर लिया है. इसमें दो संभावनाएं है. या तो और लोग आर सी मिश्रा के लिए लिख रहे हैं या आर सी मिश्रा औरों के लिखे को अपना नामदान कर रहे हैं. अगर यह दोनों बातें नहीं है जरूर आरसी मिश्रा हिन्दी ब्लाग जगत के साईबोर्ग हैं.)
अगले साल जब 070708 वाला मामला हो तो सात-आठ हजार ब्लागर हों, इसी कामना के साथ
कम से कम सात टिप्पड़ियों की बाट जोहता….
बिल्लू, गयादीन और घुरहू के साथ
मैं …. ….. …….
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यह लो भाई सात में से पहली–अगली ६ की शुभकामनाओं के साथ.
हमूँ भी हाज़री लगा लें ७ में
हम यही सोच रहे थे कि क्या बात है भाई साहब पेले पड़े है पोस्ट करने में आज!!
ये रही चौथी टिप्पणी। हताश न हो, बाकी तीन भी आएंगे।
छठी टिप्पणी हमारी है।
यदि आप धड़ाधड़ छापना चाहते हैं तो टच टाइपिंग का अभ्यास करें। अधिक जानकारी यहाँ है।
ये सातवीं टिप्पणी हमारी तरफ़ से। बधाई!
तिवारी जी हम आठवी पायदान पर पडे है झांक जरूर लीजो