नई दिल्ली में संविधान क्लब (Constitution Club) जानी मानी जगह है. संसद भवन से थोड़ी ही दूर पर स्थित यह क्लब राजनीतिक गतिविधियों, सेमिनारों, संगोष्टियों का अड्डा है. इसी क्लब परिसर में एक बड़ा सा हाल है जिसका नाम मावलंकर सभागार है. यह मावलंकर कौन थे? आजाद भारत के पहले लोकसभा अध्यक्ष. लोकसभा अध्यक्ष यानी जो काम आज मीरा कुमार कर रही है. उनका पूरा नाम था गणेश वासुदेव मावलंकर. लेकिन जरा देखिए. गणतंत्र के साठ साल बाद मावलंकर साहब किस कदर मॉवालंकर होकर रह गये हैं. मावलंकर साहब की आत्मा हमें माफ करे. क्या करें इस लोकतंत्र की नींव तो उन जैसे लोगों ने ही डाली थी. अब उनके नाम के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है तो फिर सरकारी महकमे को दोष दें या भारत के भाग्य को?
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लोग हिन्दी को अंग्रेजी के माध्यम से जानेंगे तो एसा होगा ही
मैंने तो एक जगह पत्रकार के लिये पटराकर लिखा हुआ भी देखा है.
अंग्रेजी से मुक्ति दिलाने की जिम्मेदारी उसी पीढ़ी की थी. अब भूगते.