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मीडिया जगत में विस्फोट  | read this item

मीडिया जगत में विस्फोट

खबर देने का व्यावसायिक कार्य अब विधिवत उद्योग की शक्ल अख्तियार कर चुका है.  पिछले साल प्राइस वाटरहाउस कूपर्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि मीडिया उद्योग 2012 तक एक लाख करोड़ की इंडस्ट्री हो जाएगा. इस उद्योग में फिल्म से लेकर समाचार परोसने तक सबकुछ शामिल होगा. अब यह कहना मुश्किल है कि [...]

पत्रकार बातूनी क्यों होते हैं?  | read this item

पत्रकार बातूनी क्यों होते हैं?

मेरे मन में यह सवाल बार-बार आता है कि पत्रकार बातूनी क्यों होते हैं? क्या पत्रकारों को इतनी बात करनी चाहिए जितनी आजकल के तथाकथित पत्रकार करते है?
जबसे विस्फोट.कॉम शुरू किया है, इसी एक बात ने मुझे सबसे ज्यादा परेशान किया है. मेरे संपर्क में जितने भी लोग आते हैं वे विस्फोट की सामग्री की [...]

नाजायज लाईव कवरेज बंद होना चाहिए  | read this item

नाजायज लाईव कवरेज बंद होना चाहिए

मिनट दर मिनट गोलियों की आवाज से केवल मुंबई के होटल ही नहीं बल्कि पूरा देश (शायद दुिनया भी) सुन रही है. यह बात सही है कि पूरा देश इस समय वहां अटका हुआ है जहां देश के जवान आतंकियों से लोहा ले रहे हैं. लेकिन इलेक्ट्रानिक मीडिया जिस तरह से घटनाओं की लाईव रिपोर्टिंग [...]

गूगल गणराज्य का मालिकाना हक  | read this item

गूगल गणराज्य का मालिकाना हक

फेशबुक सोशल नेटवर्किंग की दुनिया में वैसे ही चमकता हुआ नाम है जैसे सर्च इंजनों की दुनिया में गूगल या फिर ब्लागरों के लिए वर्डप्रेस. फेशबुक के बारे में इतनी चर्चा सुनी थी कि मन हुआ एक बार देखें तो सही आखिर यह फेशबुक है क्या बला? देखने और जुड़ने के बाद कुछ खास नयापन [...]

हिन्दी ब्लाग बनें वैकल्पिक मीडिया  | read this item

हिन्दी ब्लाग बनें वैकल्पिक मीडिया

निजी डायरी लेखन से अलग हटकर ब्लाग सार्वजनिक हित का माध्यम बने यह हिन्दी ब्लागिंग की सबसे बड़ी जरूरत है और काम भी. इसके सामाजिक और आर्थिक कारण हैं. आज भारत में अधकचरे भूमंडलीकरण का दौर है. कंपनियां अपना प्रभुत्व स्थापित कर रही हैं और लोगों को बताया जा रहा है कि विकास जैसा कोई [...]

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