
अभी भारत में एप्पल गिने-चुने लोगों द्वारा ही प्रयोग किया जा रहा है और जो लोग प्रयोग कर रहे हैं उनका हिन्दी से शायद दूर-दूर का नाता न हो. लेकिन मैक आपरेटिंग सिस्टम में हिन्दी का सपोर्ट बहुत अच्छा है. केवल हिन्दी ही नहीं बल्कि संस्कृत, मराठी, नेपाली और गुरूमुखी गुजराती में बहुत मजे से [...]
September 25, 2008 | Posted in
टेक्नालाजी के तीर |
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गूगल ने अपना ब्राउजर क्रोम १०० से ज्यादा देशों में एकसाथ जारी कर दिया है. जो लोग विन्डोज प्रयोग करते हैं वे इसे डाउनलोड कर सकते हैं जो बेचारे लाईनक्स और मैक के मारे हैं उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. (मैं भी मैक का मारा हूं इसलिए मैं आपको डाउनलोड लिंक नहीं दे पा रहा.)
बहरहाल, [...]
September 3, 2008 | Posted in
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अनिल रघुराज की जायज चिंता पर बहुत सारे नाजायज तर्क हो सकते हैं. फिर भी अनुभव से यही समझ में आता है कि टैग का सबसे बेहतर फायदा तभी मिलता है जब आप कम से कम टैग का इस्तेमाल करते हैं और एक ही टैग को बार-बार अपनी पोस्टों में प्रयोग करते हैं. लेकिन जनता [...]
August 23, 2008 | Posted in
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आमतौर पर मैं हिन्दी में खोज दो कारणों से करता हूं. एक, मैं जो लिख रहा हूं उसको गूगल क्या तवज्जो दे रहा है, दो और लोग उन विषयों पर क्या लिख रहे हैं या फिर उस विषय में हिन्दी में कौन सी जानकारियां आ रही हैं. कोई चार-छह महीना पहले ऐसा नहीं होता था [...]
April 9, 2008 | Posted in
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विद्वान ब्लागरों को सबकुछ पता होता है इसलिए उनके लिए यह पुरानी जानकारी होगी. लेकिन मेरे जैसे अनाड़ियों के लिए यह नयी जानकारी है. जितना पता है वह आपसे शेयर करते हैं और जो मुझे नहीं पता वह आप इसमें जोड़ दीजिए.
गूगल पेजरैंक (google pageRank) का आविष्कार गूगल के आविष्कारक द्वय ने किया था. खुद [...]
April 2, 2008 | Posted in
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