दिल्ली दरबार “पप्पू कान्ट वोट साला”

भारतनामा “शिक्षा चाहिए संस्कार नहीं”

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Archive for the Category ‘दिल्ली दरबार’

राजनीति को गाली इस देश का पुराना फैशन है

राजनीति को गाली इस देश का पुराना फैशन है

राजनीति को गाली देना एक फैशन है. पढ़े लिखे और समझदार होने की निशानी है. ठीक वैसे ही जैसे आप बात करते करते एक दो शब्द अंग्रेजी के बोल दें तो तुरंत प्रतिक्रिया आती है कि अरे आप तो पढ़े लिखे आदमी हैं. ऐसे ही अगर आप राजनीतिज्ञ को गाली देते हैं तो समझा जाता [...]

लिपस्टिक लगाकर आतंक से मुकाबला

लिपस्टिक लगाकर आतंक से मुकाबला

मुंबई में आतंकी हमले के बाद कारपोरेट मीडिया अपने आकाओं (कंपनियों और उसके चट्टुओं) के लिए मीडिया से अधिक आंदोलनकारी की भूमिका में आ गया है. इलेक्ट्रानिक मीडिया एक दो फाईवस्टार होटलों में हुए हमलों को जिस तरह से जंग पर उतारू है वह निश्चित रूप से परेशान करनेवाला है. इलेक्ट्रानिक मीडिया जो भूमिका निभा [...]

पप्पू कान्ट वोट साला!

पप्पू कान्ट वोट साला!

अभी तो पप्पू की परीक्षा भी नहीं है. फिर भी पप्पू वोट नहीं डालेगा. पप्पू को दो दिन की छुट्टी मिल रही है. वह छुट्टी मनाने जाएगा. ऐसा कभी होता है क्या? दो दिन की छुट्टी एकसाथ. फिर समय क्यों खराब करेगा? वह घर से निकलेगा लेकिन वोट डालने नहीं बल्कि आउटिंग करने. २९ को [...]

सरकार की जीत संसद की हार

सरकार की जीत संसद की हार

मनमोहन सिंह की सरकार बच गयी है. अब वे मुस्कुराते हुए आईएईए में जा सकते हैं. अमरीका से परमाणु करार कर सकते हैं, और देश को सदियों के लिए नरक की भट्टी में झुलसने के लिए झोंक सकते हैं. वे एक ऐसी आग में देश को झोंकने के लिए स्वतंत्र हैं जो एक बार लग [...]

सदन में अटल जी की कमी खल रही है

सदन में अटल जी की कमी खल रही है

परमाणु करार के मुद्दे पर सदन का विश्वास मत हासिल करने के लिए आज लोकसभा में शुरू हुई बहस में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने बहुत निराश किया. उनका भाषण सधा हुआ नहीं था. ऐसा लग रहा था कि उनके पास बोलने के लिए कुछ खास है भी नहीं. वे परमाणु करार के मुद्दे पर [...]

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