
संघ का दिल्ली कार्यालय राजनीतिक गतिविधियों का गहरा अड्डा बन चुका है. जब से केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार आयी संघ कार्यालय पर लाल बत्तियों की आवाजाही बढ़ गयी. इसका असर यह हुआ कि रानी झांसी रोड पर इस लंबे चौड़े भूखण्ड पर सरगर्मियां बढ़ गयी हैं. पिछले दस सालों से यहां सुरक्षाकर्मी [...]
August 29, 2009 | Posted in
बात करामात |
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पीने का पानी. इस एक शब्द में क्या अतिश्योक्ति है? अगर कोई आपसे पूछे कि इस एक शब्द में आपत्तिजनक क्या है तो आप क्या कहेंगे? निश्चित रूप से इसमें आपत्तिजनक कुछ भी नहीं है. पानी होता ही है पीने के लिए. फिर इसमें आपत्तिजनक क्या हो सकता है? फिर भी वह आपसे पूछे कि [...]
August 27, 2009 | Posted in
बात करामात |
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हिन्दी ब्लाग मोहल्ला के माडरेटर अविनाश दिल्ली लौट आये हैं. अविनाश से अपना परिचय ज्यादा पुराना नहीं है. जब ब्लाग जगत में आया तो मोहल्ला ब्लाग ने आकर्षित किया था. इसका कारण यह था कि शुरूआती दिनों में ही स्तरीय सामग्री का ब्लाग लगा. उसकी वैचारिक बाध्यता अलग लेकिन सामग्री का चयन उम्दा होता था. [...]
March 28, 2009 | Posted in
बात करामात |
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अभिव्यक्ति की चरम अवस्था क्या होती है? वह कितनी स्थूल या फिर कितनी सूक्ष्म होती है? आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अभिव्यक्ति का चरम मौन होता है. अभिव्यक्ति का हर प्रकार चरम पर पहुंचकर मौन धारण कर लेता है. ध्वनि का सिद्धांत भी यही कहता है. जब हमारी ग्रहण क्षमता से ऊंचा शोर होता है [...]
March 21, 2009 | Posted in
बात करामात |
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चौदहवीं लोकसभा के संग्राम का बिगुल बजने ही वाला है. चुनाव आयुक्तों के विवाद के बीच चुनाव कराने की सरगर्मी शुरू हो गयी है. लेकिन सवाल यह है कि इस आम चुनाव में वेब और वेब पत्रकारों की क्या भूमिका होगी? विस्फोट.कॉम इस आम चुनाव में डिजिटलट मीडिया के जरिए लड़ने की योजना बना चुका [...]
February 3, 2009 | Posted in
बात करामात |
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