शिक्षा चाहिए, संस्कार नहीं
भारतीय मानस पर लंबे आक्रमण का जो सबसे बुरा प्रभाव हुआ है वह यह कि हमारी शिक्षा हमारे संस्कार से अलग हो गयी है. शिक्षा अपने आप में कोई संस्कार नहीं बची है. शिक्षा भी उद्यम है जैसे जीवन के दूसरे सारे उद्यम. फैक्टरी में काम करने के लिए एक फैक्टरी ब्वाय चाहिए. आफिस में [...]
November 16, 2008 | Posted in भारतनामा | Read More »