संगठित व्यापार संगठित अपराध है
उदारीकरण के बाद देश में एक शब्द बहुत प्रचलित हुआ है- संगठित व्यापार। मूर्ख मीडिया ने संगठित बाजार और व्यवसाय की अवधारणा को इस तरह से प्रस्तुत किया है मानों यही मोक्ष का द्वार है। इस तरह के प्रचार में मीडिया समूहों का हित छिपा है क्योंकि संगठित बाजार उन्हें सीधे पैसा देता है। इसलिए [...]
April 27, 2007 | Posted in Uncategorized | Read More »