दिल्ली दरबार “पप्पू कान्ट वोट साला”

भारतनामा “शिक्षा चाहिए संस्कार नहीं”

Viagra online Cialis online Actos online

Archive for ‘June, 2007’

क्या आपने चिट्ठाजगत देखा

क्या आपने चिट्ठाजगत देखा

28 जून को भटकते-भटकते मैं चिट्ठाजगत पहुंच गया. जहां 690 चिट्ठों का कच्चा-चिट्ठा रखा हुआ है… अगर आप पहले से जानते हैं तो मेरी लेट-लतीफी को बिसार दीजिए. अगर नहीं तो आप खुद यहां जाकर देख लीजिए. हो सके तो अपनी साईट पर लिंक जरूर दें.मुझे तो विपुल, आलोक और कुलप्रीत का चिट्ठाजगत प्रयास सराहनीय [...]

तो बिल्लू को राष्ट्रपति बना दो

तो बिल्लू को राष्ट्रपति बना दो

राष्ट्रपति कौन हो इसकी बहस अपने ब्लागर भैये भी चला रहे हैं. यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है. गयादीन ने घुरहू को सूचित किया. जाहिर है जिस बात पर ब्लागरों का ध्यान चला जाता है वह अपने-आप समसामयिक हो जाती है. लोग थोड़े भले हों लेकिन बहस स्तरीय से द्विस्तरीय, बहुस्तरीय होते हुए निम्नस्तरीय भी [...]

माया की माया

माया की माया

इस देश में नेता और व्यवसायी दोनों के पास जो पैसा है वह सागर में तैरते उस हिमखण्ड की तरह है जो सतह से ऊपर सिर्फ 10 प्रतिशत दिखाई देता है. कई बार यह 10 प्रतिशत भी इतना अधिक होता है कि बहस शुरू हो जाती है. हम भूल ही जाते हैं कि 90 प्रतिशत [...]

ढाई दिन का आंदोलन और कलाम की विदाई

ढाई दिन का आंदोलन और कलाम की विदाई

एपीजे अब्दुल कलाम को दोबारा राष्ट्रपति के रूप में कांग्रेस ने क्यों नापसंद कर दिया जबकि एनडीए और तीसरा मोर्चा दोनों ही उनके नाम पर एकमत थे. अगर आप भूल गये थे तो याद करिए वह समय जब सोनिया गांधी की जगह अचानक मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बन गये थे. वे कलाम ही थे जिन्होंने सोनिया [...]

नये सिरे से कंपनीराज

नये सिरे से कंपनीराज

दुनिया के जिस भी हिस्से में मैं जाता हूं वहां के सामान्य लोगों में एक सार्वभौमिक धारणा देखी है. वह यह कि जिन संस्थाओं पर उनकी जिंदगी निर्भर है वे उनका साथ नहीं दे रही हैं. उन सबको अपने और अपनी आनेवाली पीढ़ियों के भविष्य का डर सता रहा है. अमेरिका में भी यह डर [...]

Advertisement 250x250 ad code to be displayed on the inner pages