दिल्ली दरबार “पप्पू कान्ट वोट साला”

भारतनामा “शिक्षा चाहिए संस्कार नहीं”

Archive for ‘September, 2007’

रिलांयस फ्रेश को रोकेंगे आत्मघाती दस्ते

रिलांयस फ्रेश को रोकेंगे आत्मघाती दस्ते

उड़ीसा में 100 युवकों के दल ने एक आत्मघाती दस्ता बनाया है. यह आत्मघाती दस्ता प्रदेश में रिलांयस फ्रेश के विस्तार को रोकने का काम करेगा. शनिवार को रेहड़ीवालों, छोटे दुकानदारों, प्रशासन और रिलायंस फ्रेश के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई थी. बैठक के बाद उड़ीसा रोडसाईड वेंडर्स एण्ड स्माल शाप्स एसोसिएशन के अध्यक्ष [...]

गोविन्दाचार्य

गोविन्दाचार्य

संभव है कि गोविन्दाचार्य ने राजनीति में अभी अपनी निर्णायक पाली न खेली हो? नियति अचानक उन्हें कोई मौका दे और एक बार फिर आंदोलनों के उजाड़ बियाबान से निकलकर राजनीति की हरियाली में दाखिल हो जाएं. चार-पांच सालों के परिचय में उनके बारे में मेरी यही धारणा रही है कि राजनीति उनके लिए सहज [...]

बढ़ रहा है कंपनीराज

बढ़ रहा है कंपनीराज

भारत में कंपनियों का प्रभाव बढ़ रहा है. 2001 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कंपनियों की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत थी. 2007 में बढ़कर 21 प्रतिशत पहुंच गयी. कंपनियों से मेरा आशय सिर्फ कारपोरेशन है न कि पूरी इंडस्ट्री. यह कंपनीराज के लिए सुखद समाचार हो सकता है कि वे देश के कुल [...]

गांव-गांव झगड़े, गांव-गांव न्यायालय

गांव-गांव झगड़े, गांव-गांव न्यायालय

कैबिनेट का यह फैसला दो-ढाई महीने पुराना हो चुका है कि हर गांव में न्यायालय होना चाहिए. काम चल रहा है. वित्त मंत्रालय से 324 करोड़ का बजट भी ले लिया गया है. सदन की मंजूरी मिलते ही इसे आगे बढ़ा दिया जाएगा. हो सकता है अगले साल तक ऐसे ग्राम न्यायालय गांवों में दिखने [...]

आईये मुकेश अंबानी को थोड़ा और अमीर बनाते हैं

आईये मुकेश अंबानी को थोड़ा और अमीर बनाते हैं

भारत और भारतीयों के लिए यह शर्म की बात हो न हो कि इक्कीसवीं सदी में भी भारत में ऐसे परिवार हैं जो 12 रूपये प्रतिदिन में गुजारा कर रहे हैं. लेकिन यह गर्व की बात है कि हमारे पास भी एक मुकेश अंबानी हैं जो दुनिया के शीर्ष पांच धनकुबेरों में शामिल हो गये [...]

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