
अचानक ब्लाग्स प्रमोटरों की बाढ़ आ गयी है. मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन इन प्रमोटरों के इरादे नेक हैं इसपर मन में कुछ संदेह जरूर आ रहा है. बार-बार मन में एक सवाल आने लगा है कि कौन किसको प्रमोट कर रहा है? क्या ये ब्लाग प्रमोटर ब्लाग्स को प्रमोट कर रहे हैं [...]
September 25, 2007 | Posted in
बात करामात |
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दिल्ली से चलनेवाले एक निजी चैनल “टोटल टीवी” की एक महिला पत्रकार ने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली. उस महिला रिपोर्टर का नाम था- प्रिया सिंह. खबर आयी और तरह-तरह से आयी. किसी अखबार ने लिखा कि उसका शारीरिक और मानसिक शोषण होता था जिससे आजिज आकर उसने आत्महत्या कर ली. किसी ने [...]
September 25, 2007 | Posted in
बात करामात |
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“जो हिन्दू भावनाओं का ख्याल रखकर नहीं बोलेगा तो उसकी बोली अंतिम होगी.” यह उस भाषण का एक अंश है जो राजघाट पर कल सुबह हो रहा था. दिल्ली के लगभग आठ संस्थाओं के प्रतिनिधि यहां मौजूद थे. लगभग हजार लोग थे. साधु-संत, बालक-बूढ़े, स्त्रियां-युवतियां और नौजवान. वे रामसेतु को तोड़े जाने का विरोध कर [...]
September 24, 2007 | Posted in
बात करामात |
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सात साल पहले की बात है. उन दिनों मैं बंबई में था. रोज वीटी स्टेशन से उतरकर पैदल कालबादेवी जाता था. रास्ते में क्राफर्ड मार्केट और पुलिस मुख्यालय है. जिस ओर पुलिस मुख्यालय है वहीं से सड़क घूम जाती है. रोड के घूमने के कारण भवन भी तिकोण में बना है. उस भवन की चारदीवारी [...]
September 23, 2007 | Posted in
बात करामात |
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आज मिड-डे के दो पत्रकारों, एक कार्टूनिस्ट और मिड डे के प्रकाशक को दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार-चार महीने की सजा सुनाई. हालांकि 10-10 हजार के निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया गया और अब वे 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे, फिर भी सवाल उठता है कि क्या न्यायपालिका पवित्र गाय [...]
September 21, 2007 | Posted in
बात करामात |
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