
बहुत सारे मित्रों को शिकायत रहती है कि सरकारी सेवा कंपनियां बेहतर सेवा मुहैया नहीं करवातीं. आज से दो साल पहले मैं भी इसी विचार से इत्तिफाक रखता था. लेकिन अब नहीं.
दो साल पहले एमटीएनएल का फोन था. आमतौर पर तीन तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. पहला, शिकायत करने पर बहुत [...]
September 20, 2007 | Posted in
बात करामात |
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चिट्ठाकारिता बलखाती आगे बढ़ रही है. कल विपुल से बात हुई. उनके हिसाब से बड़े प्रयोग के लिए हम चिट्ठाकारों को तैयार रहना चाहिए. विपुल कौन? अरे वही चिट्ठाजगत वाले. प्रयोगधर्मी इंसान हैं. चिट्ठाजगत में प्रयोग करते रहते हैं और जितना प्रयोग अब तक किया है आगे उससे ज्यादा प्रयोग करने की योजनाओं पर काम [...]
September 18, 2007 | Posted in
बात करामात |
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प्रभाष जोशी
लाईव इंडिया के रिपोर्टर प्रकाश सिंह हवालात में हैं. “निर्भीक प्रहरी” की रिपोर्टर रश्मि सिंह भी जेल की हवा खाकर लौट आयी हैं. पुलिस साप्ताहिक और चैनल के खिलाफ सावधानी से जांच करते हुए आगे बढ रही है. कह सकते हैं भंडाफोड़ करने के लिए बनाये गये स्टिंग आपरेशन का ऐसा भंडाफोड़ हुआ है [...]
September 18, 2007 | Posted in
बात करामात |
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स्वामी वेद भारती तीन दिन के लिए दिल्ली आ रहे हैं. वे आज रात भारत पहुंचेगे. 19 सितंबर बुधवार को सायं 5 बजे वे दैनिक जीवन में ध्यान की विधि सिखाएंगे. और किस तरह ध्यान से विश्व में संस्कृतियां करीब आ रही हैं इस विषय पर अपना प्रवचन देंगे.
स्थानश्री सत्य साईं इंटरनेशनल सभागार,लोधी रोड, साईंबाबा [...]
September 17, 2007 | Posted in
बात करामात |
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दिल्ली में हाहाकारी भेंट मुलाकात के वक्त नीरज दीवान ने एक बात कही थी. मैं एक लेख लिखता हूं तो बदले में पचास टिप्पणी भी करता हूं. ऐसा करने में उन्हें तीन से चार दिन लगता है इसलिए हर तीसरे या चौथे दिन ही वे कुछ लिखने की स्थिति में आ पाते हैं. लेकिन दीवान [...]
September 16, 2007 | Posted in
बात करामात |
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