
मेरा ब्लाग की दुनिया में आना न तो किसी प्रकार का निमंत्रण था और न ही सोची समझी योजना. वह तो कुछ लोगों की पत्रकारीय धोखाधड़ी थी जिससे आजिज आकर मैंने तय किया हिन्दी की इस मुफ्तखोरी में मैं काम नहीं करूंगा. अगर अपनी शर्तों पर काम करना इतना मुश्किल है तो मैं इन लोगो [...]
December 31, 2007 | Posted in
बात करामात |
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ईसाई मिशनरियां पिछड़े इलाकों में जाकर धर्मांतरण कर रही हैं इसका विरोध करना हमें आता है लेकिन इस बात की कभी चिंता नहीं होती कि पिछड़े इलाकों में जो लोग दीन-हीन हालत में रह रहे हैं उनके बारे में हमें भी थोड़ा सोचना चाहिए. धर्मांतरण एक अभाव का परिणाम है. शहरों में जहां हिन्दुओं की [...]
December 28, 2007 | Posted in
बात करामात |
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अगस्त में उत्तर प्रदेश में रिलायंस फ्रेश के खिलाफ बड़ा बवाल हुआ था. उसके बाद कंपनी को उत्तर प्रदेश छोड़ने का फैसला करना पड़ा. घोषित तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा है लेकिन कंपनी ने फैसला कर लिया है कि अगले महीने यानी जनवरी 2008 में वह उत्तर प्रदेश से पूरी तरह बाहर [...]
December 27, 2007 | Posted in
बात करामात |
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रातभर की थोड़ी अस्तव्यस्त यात्रा के बाद आज सुबह काशी में हुई. जागते हुए. पहले मुगलसराय फिर वहां से किसी ट्रेन के माध्यम से बनारस. गंगा डांक कर इस ओर हुए तो अजान और हनुमान चालीसा दोनों सुनाई दिये. सुबह के साढ़े पांच बजे काशी भले ही जाग गया हो बनारस सो रहा था. हम [...]
December 25, 2007 | Posted in
बात करामात |
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नरेन्द्र मोदी की जीत के बाद विरोधी कहीं दुबक गये लगते हैं और समर्थक कह रहे हैं कि यह गुजरात और गुजरातियों की जीत है. इंटरनेट पर जितना घूमता हूं दुनिया भर के गुजराती समाज के लोग एक स्वर से कह रहे हैं कि मोदी जीता है, गुजरात जीता है. सवाल है तो फिर हारा [...]
December 23, 2007 | Posted in
बात करामात |
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