
यह आपकी भावनाओं के उद्दीपन के लिए किसी कहानीकार द्वारा लिखा गया कोई वाक्य नहीं है. यह पिंटू का इकबालिया बयान है और बुंदेलखण्ड की भयावह हकीकत भी. जब पिंटू से यह बातचीत हो रही थी उसी समय मायावती अपने जन्मदिन पर भारी-भरकम केक काट रही थीं. भरे पेट उन्होंने एक भारी-भरकम ऐलान भी कर [...]
January 19, 2008 | Posted in
दुनिया मेरे आगे |
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जब मैं 1971 में भारतीय विदेश सेवा के लिए चुना गया तो मेरे पिताजी ने मुझसे यह प्रतिज्ञा करवाई कि मै गो मांस नही ग्रहण करूंगा क्योकि यह हिंदू धर्म के विरुद्ध है और इसे वेद द्वारा निषिद्ध किया गया है। हालांकि उन्होने मुझे अन्य मासांहार से नही रोका। आज इस मुद्दे के विवादास्पद होने [...]
January 18, 2008 | Posted in
बात करामात |
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कल यानी 18 जनवरी 2008. कल जो कुछ मैं इस ब्लाग पर देने जा रहा हूं वह अपने-आप में बहुत विस्फोटक है. आमतौर इस ब्लाग के बारे में मैं ऐसा कहता नहीं हूं लेकिन यह शोध रपट मेरा नहीं है. ब्लागरों के लिए दो अंकों में 18 और 19 जनवरी को यहां प्रकाशित करूंगा. यह [...]
January 17, 2008 | Posted in
बात करामात |
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अंग्रेजों ने भारतीयों का वर्गीकरण इस तरह किया कि वे आर्य होने का दावा भी नहीं कर सके. बताया गया कि आर्य जो मध्य एशिया से होकर भारत आये, अब कुछ ब्राह्मण और क्षत्रिय जातियों के रूप में ही शेष हैं. इसका मतलब यह हुआ कि ब्राह्मणों और क्षत्रियों में भी कुछ ही आर्य हैं. [...]
January 17, 2008 | Posted in
भारतनामा |
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अविनाश का मोहल्ला और रवीश कुमार का कस्बा ब्लागजगत के जाने-पहचाने नाम है. संयोग से दोनों ही देश देश के प्रतिष्ठित समाचार चैनल एनडीटीवी में काम करते हैं. देश-दुनिया में कहीं भी मोहल्ला और कस्बा भले ही दिख जाए लेकिन उनके अपने ही दफ्तर में ये दोनों ब्लाग प्रतिबंधित हैं. आरोप है कि इनके ब्लाग [...]
January 16, 2008 | Posted in
कारपोरेट मीडिया |
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