
चीफ़ जस्टिस के.जी.बालाकृष्णन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सूचना के अधिकार के दायरे से उनका कार्यालय बाहर है इस लिये उनसे किसी सूचना की उम्मीद न करी जाए लेकिन दूसरी ओर लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी और विधि मंत्री एच.आर.भारद्वाज ने इस बात का विरोध किया है। विधि,कार्मिक एवं न्याय के लिये गठित करी गयी [...]
April 30, 2008 | Posted in
बात करामात |
Read More »

मैंने सहोदर ब्लागिंग का रास्ता पकड़ा है तो उसके लिए कुछ अनुशासन सबसे पहले अपने ऊपर लागू किये हैं.
1. मेरा मानना है कि समाज के काम में किसी व्यक्ति विशेष का फायदा नहीं जुड़ना चाहिए. मैं यह नहीं कहता कि लोग ऐसा करें ही लेकिन मुझे यह ठीक नहीं लगता. इसलिए सहोदर ब्लागरी की शुरूआत करते ही मैंने विस्फोट ब्लाग से सभी प्रकार के विज्ञापन हटा दिये. यह मेरा [...]
April 29, 2008 | Posted in
बात करामात |
Read More »

अच्छी क्यों?
भई मुझे न्यौता दिया है तो अच्छी ही हुई न! कवियों और पत्रकारों के बीच थोड़े बहुत आम इंसानों का भी होना ज़रूरी है।
न हो तो उबकाई आती है, कवियों और पत्रकारों को भी, और आम इंसानों को भी।
यह बात अच्छी है कि विस्फोटक जी यानी संजय तिवारी जी ने पहले ही स्पष्ट [...]
April 29, 2008 | Posted in
बात करामात |
Read More »

अब तो विस्फोटक भड़ासी बन गया मैं….!!!
संजय जी को शुक्रिया, जो इस लायक समझा कि मुझे विस्फोट का सदस्य बनाया जा सके। पहले तो विस्फोट को कम्युनिटी ब्लाग बनाने का फैसला लेने के लिए संजय तिवारी जी को मैं दिल से धन्यवाद दूंगा क्योंकि दरअसल अकेले अकेले लिख लेना खुश हो लेना बहुत [...]
April 29, 2008 | Posted in
बात करामात |
Read More »

उमेश चतुर्वेदीइसी साल 29 फरवरी को जब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आम बजट में मध्य वर्ग को जिस तरह रेवड़ियां बांटीं, उससे वक्त से पहले ही आम चुनाव होने के कयास लगाए जाने लगे। अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री चिदंबरम की जोड़ी को उम्मीद रही होगी कि बाज़ार उनका जोरदार स्वागत करेगा। [...]
April 28, 2008 | Posted in
बात करामात |
Read More »