
मनमोहन सिंह की सरकार बच गयी है. अब वे मुस्कुराते हुए आईएईए में जा सकते हैं. अमरीका से परमाणु करार कर सकते हैं, और देश को सदियों के लिए नरक की भट्टी में झुलसने के लिए झोंक सकते हैं. वे एक ऐसी आग में देश को झोंकने के लिए स्वतंत्र हैं जो एक बार लग [...]
July 22, 2008 | Posted in
दिल्ली दरबार |
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परमाणु करार के मुद्दे पर सदन का विश्वास मत हासिल करने के लिए आज लोकसभा में शुरू हुई बहस में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने बहुत निराश किया. उनका भाषण सधा हुआ नहीं था. ऐसा लग रहा था कि उनके पास बोलने के लिए कुछ खास है भी नहीं. वे परमाणु करार के मुद्दे पर [...]
July 21, 2008 | Posted in
दिल्ली दरबार |
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अमर सिंह ने कांग्रेस की ओर सपा को झुकाकर केवल मुलायम सिंह की राजनीतिक इति नहीं की है उनके इस फैसले से मायावती को केन्द्र की राजनीति में जमने का मौका भी दे दिया है. सब इतना तो समझ ही चुके हैं कि तीसरा मोर्चा राजनीतिक रूप से बरसाती मेंढकों के समूह से ज्यादा कुछ [...]
July 20, 2008 | Posted in
बात करामात |
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अमौसी हवाई अड्डे का नाम बदलकर चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा हो गया. क्यों? क्योंकि मनमोहन सिंह सरकार को बचाने के लिए अजीत सिंह ने जो शर्तें रखी थी उनमें एक यह भी थी कि लखनऊ हवाई अड्डे का नाम उनके पिता के नाम पर हो. सब कुछ ठीक रहा तो आज देर शाम एक [...]
July 19, 2008 | Posted in
बात करामात |
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वेब मीडिया नया-नया हिन्दी का माध्यम बन रहा है. धीरे-धीरे उत्पादक और प्रयोक्ता दोनों बढ़ रहे हैं. लेकिन यहां भी हिन्दी पट्टी की वह समस्या हावी है जिसके चलते अन्य माध्यमों में हिन्दी हाशिये पर चली गयी है. वह समस्या क्या है? वह समस्या है मौन समर्थन या फिर विरोध होने पर उपेक्षा. अगर आप [...]
July 8, 2008 | Posted in
बात करामात |
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