
यह विस्फोट.कॉम के एक नियमित पाठक की टिप्पणी है. दूसरी बार ऐसा हुआ है कि उसी पाठक ने यह शिकायत की है कि विस्फोट संघियों का नया हथियार है. वैसे तो हर आदमी अपना विचार रखने के लिए स्वतंत्र है और किसी भी हालत में उसे रोका-टोंका नहीं जाना चाहिए. लेकिन अगर वह आपकी विचारधारा [...]
August 27, 2008 | Posted in
बात करामात |
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अनिल रघुराज की जायज चिंता पर बहुत सारे नाजायज तर्क हो सकते हैं. फिर भी अनुभव से यही समझ में आता है कि टैग का सबसे बेहतर फायदा तभी मिलता है जब आप कम से कम टैग का इस्तेमाल करते हैं और एक ही टैग को बार-बार अपनी पोस्टों में प्रयोग करते हैं. लेकिन जनता [...]
August 23, 2008 | Posted in
टेक्नालाजी के तीर |
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हम भारतीयों के मन में छोड़ने की मानसिकता बड़ी प्रबल होती है. हम सब जन्म से मृत्यु के बीच लगातार यह सीखते हैं कि आखिरकार सब कुछ छोड़ना है. हमारे आपके बीच में कल ऐसा कौन था जो आज नहीं है और आज जो लोग हैं उनमें से कल कितने लोग रहेंगे? आस पास की [...]
August 12, 2008 | Posted in
बात करामात |
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