दिल्ली दरबार “पप्पू कान्ट वोट साला”

भारतनामा “शिक्षा चाहिए संस्कार नहीं”

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Archive for ‘October, 2008’

हैप्पी दिवाली की वर्चुअल शुभकामना

हैप्पी दिवाली की वर्चुअल शुभकामना

बहुत सारे मित्रों, परिचितों, शुभचिंतकों और सुहृदजनों के धड़ाधड़ ईमेल, एसएमएस आ रहे हैं. सब दीवाली की बधाई दे रहे हैं. आपको भी आ रहे होंगे, या फिर आप भी लोगों को अपनी शुभकामना भेज ही रहे होंगे. 
मुझे बहुत आश्चर्य हो रहा है. जिस देश में राम के अस्तित्व तक को स्वीकार नहीं किया जाता, [...]

हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री मुंबई में क्यों?

हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री मुंबई में क्यों?

अगर तमिल फिल्म इंडस्ट्री तमिलनाडु में है, तेलगू फिल्म इंडस्ट्री आंध्र प्रदेश में है, बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री बंगाल में है तो हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री एक मराठी राज्य में क्यों है?
यह एसएमएस विमल सिंह ने भेजा है. अच्छा सवाल है, आपकी क्या राय है?

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गूगल गणराज्य का मालिकाना हक

गूगल गणराज्य का मालिकाना हक

फेशबुक सोशल नेटवर्किंग की दुनिया में वैसे ही चमकता हुआ नाम है जैसे सर्च इंजनों की दुनिया में गूगल या फिर ब्लागरों के लिए वर्डप्रेस. फेशबुक के बारे में इतनी चर्चा सुनी थी कि मन हुआ एक बार देखें तो सही आखिर यह फेशबुक है क्या बला? देखने और जुड़ने के बाद कुछ खास नयापन [...]

रावण को मत जलाओ कार्बन क्रेडिट का सवाल है

रावण को मत जलाओ कार्बन क्रेडिट का सवाल है

यह एक आधुनिक पर्यावरणवादी की आप सबसे अपील है.  अगर आप रावण जलाते हैं तो इससे कार्बन उत्सर्जन होगा जो कि पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं होगा. अगर आप चाहते हैं कि आपका पर्यावरण सुरक्षित रहे तो कृपया रावण को मत जलाईये. और रावण ही क्यों? हिन्दू लोग मृतकों का दाह-संस्कार करते हैं. एक आदमी [...]

हुर्रियत कांफ्रेस आफ गुजरात

हुर्रियत कांफ्रेस आफ गुजरात

नैनों कार परियोजना को एक राज्य से निकालकर दूसरे राज्य में ले जाने पर गुजराती जिस तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं क्या उससे नहीं लगता कि वे हुर्रियत कांफ्रेस के गुजराती संस्करण है? िजस गुजराती अस्मिता और पहचान को मोदी भुना रहे हैं क्या वह पहचना कश्मीरी अलगाववादियों से कुछ अलग है? बिल्कुल अलग [...]

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