
जब आप किसी वेब ब्राउजर में काम करते हैं तो आपको सबसे बढ़िया बात क्या लगती है? एक अच्छी बात यह होती है कि आप लिखते हैं और जैसे ही गलत लिखते हैं वैसे ही सही शब्द आपके सामने विचारार्थ आ जाता है. हम भी बहुत ललचाते थे कि काश कोई ब्राउजर हमको यही सुविधा [...]
November 19, 2008 | Posted in
टेक्नालाजी के तीर |
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भारतीय मानस पर लंबे आक्रमण का जो सबसे बुरा प्रभाव हुआ है वह यह कि हमारी शिक्षा हमारे संस्कार से अलग हो गयी है. शिक्षा अपने आप में कोई संस्कार नहीं बची है. शिक्षा भी उद्यम है जैसे जीवन के दूसरे सारे उद्यम. फैक्टरी में काम करने के लिए एक फैक्टरी ब्वाय चाहिए. आफिस में [...]
November 16, 2008 | Posted in
भारतनामा |
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यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से आश्चर्य और खुशी दोनों की बात है. क्या कोई एक व्यक्ति किसी एक साईट के ही विभिन्न लेखों पर १८ कमेन्ट एक ही दिन में कर सकता है? उम्मेद सिंह बैद साधक ने यह काम आज ७ नवंबर को विस्फोट पर किया है. मानों कोई आधा दिन लगाकर वे [...]
November 7, 2008 | Posted in
बात करामात |
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बचपन से यही सुनता,देखता और अनुभव करता आया हूं कि लड़कियां धान के पौधे की तरह होती है. जिनकी पैदाईश कहीं और होती है रोपाई कहीं और. शायद भारतीय परवरिश में ही ऐसे संस्कार हैं कि लड़की बहुत छोटी उम्र से ही यह अनुभव करना शुरू कर देती है कि उसका स्थाई बसेरा यह नहीं [...]
November 7, 2008 | Posted in
बात करामात |
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यह एक अच्छी खबर है जिसे पीटीआई ने जारी किया है. अच्छी खबर इसलिए कि देर-सबेर उत्तर के लोगों को इस तरह के फैसले तो लेने ही होंगे. किसी दूसरे की जमीन पर जाकर उसको जस्टीफाई नहीं किया जा सकता. एक बार भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री वहां से बाहर जाएगी तो आगे के रास्ते भी आसान [...]
November 4, 2008 | Posted in
बात करामात |
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