
आपने यावुरू का नाम सुना है? नहीं न. मैंने भी नहीं सुना था. कल इसके बारे में पढ़ा. यह पश्चिम आष्ट्रेलिया में बोली जानेवाली एक भाषा थी जिसे अब केवल एक ही आदमी बोल पाता है. तो आश्चर्य भी हुआ और भय भी लगा. अभी तो खोजकर्ताओं को वह आदमी मिल गया जो यावुरू बोलता [...]
October 15, 2007 | Posted in
बात करामात |
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उड़ीसा में 100 युवकों के दल ने एक आत्मघाती दस्ता बनाया है. यह आत्मघाती दस्ता प्रदेश में रिलांयस फ्रेश के विस्तार को रोकने का काम करेगा. शनिवार को रेहड़ीवालों, छोटे दुकानदारों, प्रशासन और रिलायंस फ्रेश के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई थी. बैठक के बाद उड़ीसा रोडसाईड वेंडर्स एण्ड स्माल शाप्स एसोसिएशन के अध्यक्ष [...]
September 30, 2007 | Posted in
बात करामात |
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भारत में कंपनियों का प्रभाव बढ़ रहा है. 2001 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कंपनियों की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत थी. 2007 में बढ़कर 21 प्रतिशत पहुंच गयी. कंपनियों से मेरा आशय सिर्फ कारपोरेशन है न कि पूरी इंडस्ट्री. यह कंपनीराज के लिए सुखद समाचार हो सकता है कि वे देश के कुल [...]
September 28, 2007 | Posted in
बात करामात |
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भारत और भारतीयों के लिए यह शर्म की बात हो न हो कि इक्कीसवीं सदी में भी भारत में ऐसे परिवार हैं जो 12 रूपये प्रतिदिन में गुजारा कर रहे हैं. लेकिन यह गर्व की बात है कि हमारे पास भी एक मुकेश अंबानी हैं जो दुनिया के शीर्ष पांच धनकुबेरों में शामिल हो गये [...]
September 27, 2007 | Posted in
बात करामात |
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बहुत सारे मित्रों को शिकायत रहती है कि सरकारी सेवा कंपनियां बेहतर सेवा मुहैया नहीं करवातीं. आज से दो साल पहले मैं भी इसी विचार से इत्तिफाक रखता था. लेकिन अब नहीं.
दो साल पहले एमटीएनएल का फोन था. आमतौर पर तीन तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. पहला, शिकायत करने पर बहुत [...]
September 20, 2007 | Posted in
बात करामात |
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