
सोचा था आज सात पोस्ट करूंगा और चिट्ठाजगत के धड़ाधड़ पोस्टिंग वाली लिस्ट में छाती फुलाकर ऊपर खिसक जाऊंगा लेकिन तीन में ही हांफने लगा. अगर इस समय आप मेरे पास होते तो मेरी अंगुलियों को देखकर समझ जाते, बेचारी का शोषण हो रहा है. पहले पोस्ट में सोशल नेटवर्किंग थी. दूसरे में कलम [...]
July 7, 2007 | Posted in
बात करामात |
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यह अखबार-मैगजीन की नौकरी भी जो न करवाये वाली भिन्नाहट के साथ मैं दफ्तर से निकला. कैमरा, रिकार्डर आदि मेरे झोले में था ही. कल तो काल को समर्पित है वाले दिव्यज्ञान से ओत-प्रोत और इस ज्ञान की तह में छिपी खुन्नस के वशीभूत सोचा ब्लागर से बातचीत आज ही निपटा दें. और थोड़ी देर [...]
July 6, 2007 | Posted in
बात करामात |
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राष्ट्रपति कौन हो इसकी बहस अपने ब्लागर भैये भी चला रहे हैं. यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है. गयादीन ने घुरहू को सूचित किया. जाहिर है जिस बात पर ब्लागरों का ध्यान चला जाता है वह अपने-आप समसामयिक हो जाती है. लोग थोड़े भले हों लेकिन बहस स्तरीय से द्विस्तरीय, बहुस्तरीय होते हुए निम्नस्तरीय भी [...]
June 29, 2007 | Posted in
बात करामात |
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