
जवाहर लाल कौल हिन्दी के सम्मानित पत्रकार हैं. उस समय वे रामजन्मभूमि परिसर में ही मौजूद थे जब विवादित ढांचा गिराया गया. रामजन्मभूमि विवाद पर उन्होंने एक किताब लिखी “विस्फोट” जिसे राजकमल प्रकाशन ने प्रकाशित किया था. उसी विस्फोट पुस्तक से छह दिसंबर का आंखों-देखा हाल. . . .
6 दिसंबर 1992 यानी मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष द्वादशी. [...]
December 5, 2007 | Posted in
बात करामात |
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सवाल राम के होने न होने का नहीं है, सवाल है कि हम खुद ही किन आधारों और तर्कों पर अपने इतिहास को मिथक मान बैठे हैं? क्यों हमें अपना इतिहास मिथक लगता है? क्यों हमें अपना विज्ञान कर्मकाण्ड और पोंगापंथ समझ में आता है? मुझे नहीं मालूम आप लोगों में से कितनों ने भागवत [...]
December 2, 2007 | Posted in
बात करामात |
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रतन टाटा ने कहा है कि अगले साल जनवरी के मोटर शो में वे अपनी लखटकिया कार को सबके सामने प्रस्तुत कर देंगे. काम चल रहा है और कार फैक्टरी उसी सिंगूर में बन रही है जहां तापसी मलिक के साथ बलात्कार हुआ और उसकी इतनी निर्मम हत्या हुई थी कि पढ़कर रोंया-रोंया कलप उठता [...]
August 17, 2007 | Posted in
बात करामात |
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एक दिन मेरे पास आर के धवन आये. उन्होंने कहा कि राजीव जी आपसे मिलना चाहते हैं. हमारी मुलाकात आरके धवन के घर पर हुई. उन्होंने मुझसे कहा कि देश की हालत बहुत खराब है, ऐसे में कोई सरकार बननी चाहिए. मुझे शब्द तो याद नहीं लेकिन उनके कहने का आशय यही था कि क्या [...]
July 9, 2007 | Posted in
बात करामात |
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एपीजे अब्दुल कलाम को दोबारा राष्ट्रपति के रूप में कांग्रेस ने क्यों नापसंद कर दिया जबकि एनडीए और तीसरा मोर्चा दोनों ही उनके नाम पर एकमत थे. अगर आप भूल गये थे तो याद करिए वह समय जब सोनिया गांधी की जगह अचानक मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बन गये थे. वे कलाम ही थे जिन्होंने सोनिया [...]
June 25, 2007 | Posted in
बात करामात |
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