
खुदरा व्यापार पर मेरी पिछली पोस्ट के बारे में रंजन भाई ने सवालों का गुलदस्ता भेजा है. उनके सवालों का मैं आभारी हूं क्योंकि इसी बहाने मैं उन सवालों का जवाब दे सकता हूं जो अक्सर कईयों के मन में उठते हैं. पहले रंजन के सवाल -
क्या रिटेल का व्यापार करना गुनाह है? गैर कानुनी [...]
August 23, 2007 | Posted in
बात करामात |
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यहां कुछ चित्र दे रहा हूं. कल लखनऊ में रिलांयस फ्रेश और स्पेंशर्स स्टोर के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की तस्वीर है. पुलिस ने उनके साथ जो सलूक किया वह कई सवाल पैदा करता है. सरकार किसके लिए है? उद्योगपतियों के लिए या फिर आम आदमी के लिए? अगर आम आदमी और उद्योगपतियों के हित टकराएं तो [...]
August 23, 2007 | Posted in
बात करामात |
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी
यह एक बहुप्रचारित मान्यता हो गयी है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हमारे पिछड़ने और ब्रिटेन के आगे होने के कारण हम ब्रिटेन से हार गये. क्या यथार्थ यही है? सत्य को एक ही कोण से क्यों देखें? सौभाग्य से कुछेक विद्वानों ने इस बारे में काम किया है और हमारे सामने तस्वीर [...]
August 19, 2007 | Posted in
बात करामात |
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अनिल रघुराज ने थोड़े दिनों पहले एक रिपोर्ट लिखी थी कि उत्तर प्रदेश में मायावती अधिया खेती को लागू करने जा रही हैं. इस लेख के साथ उन्होंने कहीं से खोजकर कैबिनेट मीटिंग की वह रिपोर्ट भी लगाई है जिसमें उत्तर प्रदेश की नयी कृषि नीति का खाका खींचा गया है. इस रिपोर्ट का एक [...]
August 16, 2007 | Posted in
बात करामात |
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आजादी के साठ साला जश्न में हम यह भूले नहीं होंगे कि गुलामी किस रास्ते आयी थी. उस साल के भी 250 साल पूरे हुए हैं जब देश में ब्रिटिश कंपनीराज को स्थाई आधार मिला था.
प्लासी का मैदान. वर्तमान मुर्शिदाबाद के पास एक अनजान सी जगह. 23 जून 1757 को राबर्ट क्लाईव और सिराजुद्दौला के [...]
August 14, 2007 | Posted in
बात करामात |
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