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मदन तिवारी
मदन तिवारी पेशे से वकील हैं. गया में रहकर वकालत करते हैं. लेकिन वकालत के पेशे में पत्रकारिता कब घुस गई पता ही नहीं चला. मदन तिवारी कहते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जब कलम ने अपनी लड़ाई बंद कर दी तो उन्होंने कलम उठा ली. इसलिए अब मीडिया के अलावा अर्थ और विदेश मामलों पर भी जमकर लिखते हैं.Zafar Naqvi
पिछले 34 साल से पत्रकारिता के मिशन में जुड़े हुए हैं. हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओं में लिखते हैं. साथ ही एक हिन्दी और उर्दू साप्ताहिक का प्रकाशन भी करते हैं. एम ए इकोनामिक्स पढ़ाई करनेवाले जफर नकवी की समकालीन राजनीतिक सामाजिक समझ बहुत अच्छी मानी जाती है. दिल्ली से प्रकाशित अवामे हिन्द के संयुक्त संपादक और विस्फोट.कॉम के स्तंभलेखक हैं.Vishnu Gupt
समाजवादी और झारखंड आंदोलन सक्रिय भूमिका रही है। मूल रूप से समाजवादी चिंतक हैं। पिछले 25 सालों से हिन्दी पत्रकारिता के योद्धा हैं। ‘झारखंड जागरण‘ रांची, ‘स्टेट टाइम्स‘ जम्मू और न्यूज एजेंसी एनटीआई के संपादक रह चुके है। वर्तमान में वरिष्ठ राजनीतिक टिप्पणीकार है।Virendra Jain
सन 1969 से देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रहे वीरेन्द्र जैन जनवादी लेखक संघ के भोपाल ईकाई के अध्यक्ष रहे हैं. व्यंग पर चार पुस्तकें प्रकाशित. संप्रति भोपाल में निवास और स्वतंत्र लेखन.Vinod Upadhyay
मूलत: बक्सर बिहार के रहनेवाले विनोद उपाध्याय भोपाल में रहकर पत्रकारिता करते हैं. दैनिक राष्ट्रीय हिन्दी मेल से पत्रकारिता में प्रवेश. वर्तमान में भोपाल से ही प्रकाशित होनेवाले दैनिक अग्निबाण से जुड़े हुए हैं.Vinayak Sharma
दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षा के दौरान युववाणी और दूरदर्शन आदि के विभिन्न कार्यक्रमों और परिचर्चाओं में भाग लेते हुए जो पत्रकारिता में प्रवेश किया तो बहुत कुछ सीखते हुए विगत पांच वर्षों से पत्रकारिता और लेखन कार्यों के अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर के अनेक सामाजिक संगठनों में पदभार संभाल रहे हैं. वर्तमान में मंडी, हिमाचल प्रदेश से प्रकाशित होने वाले एक साप्ताहिक समाचार पत्र में संपादक.Usha Chandna
अहमदाबाद में रहनेवाली उषा चांदना पिछले 16 सालों से पत्रकारिता कर रही हैं. विभिन्न अखबारों में स्वतंत्र लेखन के साथ विस्फोट.कॉम के लिए नियमित लेखन.Umesh Chaturvedi
उमेश चतुर्वेदी ने पत्रकारिता की दुनिया में अपना अहम मुकाम बना लिया है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चतुर्वेदी ने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी की। हिमालय दर्पण अखबार से पत्रकारिता जीवन की विधिवत शुरूआत करनेवाले उमेश चतुर्वेदी अमर उजाला, दैनिक भास्कर, जी न्यूज, इंडिया टीवी में लंबे समय तक नौकरी की है. इस वक्त स्वतंत्र लेखन और एक पत्रकारिता संस्थान में पत्रकारिता पढ़ा रहे हैं.Umendra Dutt
उमेन्द्र दत्त पंजाब को परंपरागत खेती की ओर लौटा लाने के लिए काम कर रहे हैं. दिल्ली में रहकर भूमंडलीकरण के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष और लेखन करने के बाद उन्होंने अपनी जन्मभूमि पंजाब को अपनी कर्मभूमि बना लिया. वर्तमान में खेती विरासत मिशन के निदेशक.tejwani girdhar
अजमेर निवासी लेखक तेजवानी गिरधर तकरीबन 30 साल से पूर्णकालिक पत्रकारिता कर रहे हैं और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में जाने जाते हैं। दैनिक भास्कर में सिटी चीफ सहित अनेक दैनिक समाचार पत्रों में संपादकीय प्रभारी व संपादक रहे हैं। इसके राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश सचिव व जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अजमेर जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। हाल ही अजमेर के इतिहास पर उनका एक ग्रंथ प्रकाशित हो चुका है। वर्तमान में अपना स्थानीय न्यूज वेब पोर्टल संचालित करने के अतिरिक्त नियमित ब्लॉग लेखन भी कर रहे हैं।Tanveer Jafri
वरिष्ठ पत्रकार, समीक्षक और कालम लेखक तनवीर जाफरी वर्तमान में हरियाणा साहित्य अकादमी के सदस्य है. बेबाक लेखन के लिए जाने जाते हैं. लेखन के अलावा सांप्रदायिक सौहार्द कायम करन के सामाजिक कामों में भी सक्रिय.Suresh Chiplunakar
उद्यमी, मुक्त पत्रकार और हिन्दी ब्लागर. उज्जैन के रहनेवाले सुरेश चिपलूणकर धाकड़ लिक्खाड़ हैं. लेखन शोधपूर्ण और तथ्यात्मक हो इसका भरपूर प्रयास करते हैं. बतौर ब्लागर सुरेश चिपलूणकर अब दक्षिणपंथी विचारधारा के बड़े लेखक हो गये हैं.Sunita Narayan
सेन्टर फार साइन्स एण्ड एन्वायरमेन्ट की डायरेक्टर सुनीता नारायण देश में ग्रीन पालिटिक्स की अगुआ खिलाड़ी हैं. 2005 में पद्मश्री से सम्मानित. क्लाइमेट चेन्ज पर भारत की सशक्त आवाज.Sunil Amar
लखनऊ में रहनेवाले सुनील अमर लगभग 20 साल तक कई पत्र-पत्रिकाओं में नौकरी करने के बाद पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन कर रहे हैं। कृषि, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा महिला सशक्तिकरण व राजनीतिक विश्लेषण जैसे विषयों से लगाव है। लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, हरिभूमि, स्वतंत्र वार्ता, इकोनोमिक टाईम्स, ट्रिब्यून, जनमोर्चा जैसे कई अख़बारों व पत्रिकाओं तथा दो फीचर एजेंसियों के लिए नियमित लेख के साथ साथ विस्फोट पर भी लेखन। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी वार्ताएं।Shivani Pandey
दिल्ली के एक प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए करने के के बाद शिवानी ने कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया. लेकिन शिवानी की पहचान ट्रेवेल राइटर और फोटोग्राफर के रूप में है. वे एक फ्रेच और स्पेनिश पत्रिका के लिए काम करती हैं. उनकी रुचि डेवलपमेंटल इश्यू पर लिखने की है, वह इसकी कोशिश भी कर रही हैं.Seetaram Yechuri
हैदराबाद के ब्राह्मण कुल में पैदा हुए सीताराम येचुरी भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के कुछ चेहरों में एक बन गये हैं. सेंट स्टीफेन और जेएनयू से शिक्षा. 1974 में एसएफआई में सक्रिय और बाद में सीपीआईएम से जुड़े. 1984 में सीपीआई सेन्ट्रल कमेटी में शामिल हुए. वर्तमान में सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो के मेम्बर और ऐसे सक्रिय राजनीतिज्ञ जिनसे मिलने की तमन्ना बराक ओबामा भी रखते हों.Satyajeet Chaudhari
1999 से अखबारी दुनिया मे काम काज। प्रिंट में दैनिक जागरण , अमर उजाला सहित कई हिंदी मग्जीन और टीवी मे बीऐजी फिल्म्स और कोबरापोस्ट मे कार्य करने का अनुभव। हाल मे मेरठ से प्रकाशित दैनिक जनवाणी मे दिल्ली बयूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत।SATISH SINGH
लंबे समय तक मुख्यधारा की पत्रकारिता करने के सतीश सिंह पिछले एक साल से स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन कर रहे हैं. दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, प्रभात खबर, हिन्दुस्तान टाईम्स के लिए काम किया. वर्तमान समय में दिल्ली में कार्यरत.Sarman Nagele
प्रिंट पत्रकारिता से नयी मीडिया की तरफ आये सरमन नगेले mppost.org नामक एक वेबसाइट का संचालन करते हैं. साथ ही आधुनिक तकनीकि से जुड़े विषयों पर सेमिनार, गोष्ठी का आयोजन करते रहते हैं. नये मीडिया पर लेखन और प्रयोग में विशेष रुचि.Sarita Argarey
संघर्ष को पत्रकारिता से जोड़नेवाली सरिता अरगरे भोपाल में रहती हैं और पारिवारिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी पत्रकारिता के प्रति पूरी तरह से समर्पित. विस्फोट के अलावा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेखन और दूरदर्शन में अंशकालिक पत्रकार के बतौर कार्यरत.Sanjiv Panday
छात्र राजनीति से पत्रकारिता में आये संजीव पाण्डेय ने कई अखबारों के लिए काम किया है. हाल-फिलहाल तक अमर उजाला में कार्यरत थे. वर्तमान में चंडीगढ़ में रहकर स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन. विस्फोट.कॉम के नियमित स्तंभलेखक.Sanjeev Kumar
मिथिला विश्वविद्यालय से शिक्षा-दीक्षा प्राप्त किया. उसके बाद डीयू से हिंदी में स्नातकोत्तर की पढाई कर जिन्दगी में फेल-पास के झंझटों से मुक्त हो अख़बार नहीं आन्दोलन कहे जाने वाले "प्रभात खबर" से जुडा. फ़िलहाल "प्रथम प्रवक्ता" पाक्षिक से जुडा हुआ हूँ.Sanjeev Chauhan
कुल जमा 21 साल की पत्रकारिता का अनुभव। फिलहाल एक न्यूज चैनल में "एडिटर-क्राइम" के तौर पर काम कर रहा हूं। कुल जमा पत्रकारिता के कैरियर की पूरी ज़िंदगी क्राइम-रिपोर्टरी करते बीती है। अब भी क्राइम-रिपोर्टरी को जीता हूं। मरते दम तक क्राइम-रिपोर्टरी को ही जीना चाहता हूं। बस परेशान ये सोचकर होता हूं, कि अब पत्रकारिता, मिशन न रहकर, "भड़ुवई" हो चुकी है। परिवार पालने के लिए मैं भी इसमें शामिल हूं।Sanjay Tiwari
आप जहां तक सोच सकते हैं इंटरनेट आपको वह करने का मौका देता है. अभी तक मानव सभ्यता ने जितने भी मीडिया माध्यमों का उपयोग किया है यह उन सबमें अनूठा, प्रभावी और सर्वगुण संपन्न है. सूचना लेने देने के तीन माध्यमों दृश्य, श्रवण और पाठ को एक ही धागे में लपेटे नया मीडिया उत्पादन और पहुंच दोनों के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ है. ऐसे नये मीडिया का जनहित के लिए भरपूर उपयोग हो, विस्फोट.कॉम उसी दिशा में उठा एक कदम है. visfot@visfot.comSanjay Dwivedi
बी.ए.लखनऊ विश्वविद्यालय से किया, फिर पत्रकारिता में बी.जे. और एम.जे. एम.सी. की डिग्री भोपाल के माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय से ली। दैनिक भास्कर भोपाल, स्वदेश के भोपाल, रायपुर के संस्करणों के अलावा नवभारत-मुंबई, दैनिक भास्कर-बिलासपुर, हरिभूमि-रायपुर में समाचार संपादक, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में रीडर आदि महत्वपूर्ण पदों पर कार्य। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र हरिभूमि में स्थानीय संपादक एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम सैटेलाइट चैनल जी-24 घंटे, छत्तीसगढ़ के एडिटर इन्पुट रहे। विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों से संबंद्ध । संप्रतिः विभागाध्यक्ष, जनसंचार विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालयSandeep Joshi
प्रभाष जोशी के ज्येष्ठ पुत्र संदीप जोशी का पहला प्यार तो वैसे क्रिकेट है लेकिन लिखने में भी महारत. एक सरकारी कार्यालय में नौकरी के साथ ही पिता द्वारा शुरू किये गये अखबार में नियमित लेखन भी. विस्फोट के लिए भी लिखने पर सहमति.Sameer Chaugaonkar
समीर चौंगावकर लेखक, पत्रकार और स्वतंत्र राजीनीतिक विश्लेषक हैं. नागपुर में रहते हैं और महाराष्ट्र तथा संघ भाजपा की राजनीति को नजदीक से देखते और उसकी समीक्षा करते हैं. विस्फोट.कॉम के विश्लेषक।Saleem Akhtar
देश के अनेक समाचार-पत्रों में सामायिक मुद्दों पर लेख आदि लिखने के साथ ही टेक्निकल पुस्तकों का स्वतन्त्र लेखन। लेखन या पत्रकारिता का कोई कोर्स नहीं किया। लिखने की शुरुआत 1984 से दिल्ली से प्रकाशित होने वाले 'हिन्दुस्तान' और 'नवभारत टाइम्स' में सम्पादक के नाम पत्रों से की थी। हौसला बढ़ा तो सम्पादकीय पेज पर छपने के लिए लिखना शुरु किया। मशहूर पत्रकार स्व0 उदयन शर्मा मेरे आइडियल रहे हैं। इसलिए कलम का इस्तेमाल हमेशा ही फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ और दबे-कुचले लोगों के पक्ष में चली है। जनवादी लेखक संघ से भी जुड़ा हुआ हूँ।S N Singh
शेष नारायण सिंह मूलतः इतिहास के विद्यार्थी हैं. शुरू में इतिहास के शिक्षक रहे. .बाद में पत्रकारिता की दुनिया में आये...प्रिंट, रेडियो और टेलिविज़न में काम किया. इन्होने १९२० से १९४७ तक की महात्मा गाँधी की जीवनी के उस पहलू पर काम किया है जिसमें वे एक महान कम्युनिकेटर के रूप में देखे जाते हैं..1992 से अब तक तेज़ी से बदल रहे राजनीतिक व्यवहार पर अध्ययन करने के साथ साथ विभिन्न मीडिया संस्थानों में नौकरी की. अब मुख्य रूप से लिखने पढने के काम में लगे हैं. एक अखबार में काम और विस्फोट.कॉम के सम्मानित स्तंभलेखक.S A Asthana
पत्रकारिता को बतौर आंदोलन इस्तेमाल करनेवाले शिव आसरे अस्थाना धर्म के नाम पर होनेवाले धंधे के खिलाफ लगातार अभियान चलाये रखते हैं. वर्तमान समय में लखनऊ से विविध पत्रिकाओं का प्रकाशन और लेखन.Rizwan Chanchal
दैनिक जागरण कानपुर में छह साल रिपोर्टर रहे रिजवान चंचल ने लखनऊ से प्रकाशित स्वतंत्र भारत में दो साल काम किया. वर्तमान समय में पाक्षिक रेड फाइल नामक अखबार के संपादक. जन जागरण मीडिया मंच के सचिव और भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव.Ravish Kumar
टीवी पत्रकारिता के इश होते रवीश कुमार पिछले 15 सालों से टीवी पत्रकारिता में हैं. कुछ न कर पाने की कुलबुलाहट उनसे बहुत कुछ करा लेती है लेकिन फिर उनकी कुछ कर लेने की तड़प बनी हुई है. एनडीटीवी पर रवीश की रिपोर्ट में ऐसे अनछुए पहलुओं को छूते हैं जो टीवी को बीमारी होने से बचाती है. ब्लाग लिखते हैं, और किताब भी लिखने की सिलसिला जारी है. समय मिला तो मोबाइल को कैमरे में तब्दील कर अपने ब्लाग और फेशबुक के जरिए शेयर करने से भी नहीं चूकते हैं.Rambahadur Rai
पत्रकार. छात्र आंदोलन से राजनीति और राजनीति से पत्रकारिता में आये रामबहादुर राय हिन्दी में खोजी पत्रकारिता के शीर्षपुरूष समझे जाते हैं. वर्तमान में प्रथम प्रवक्ता के सलाहकार संपादक और विस्फोट.कॉम के सम्मानित स्तंभलेखक.Rakesh Sinha
अकादमिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखनेवाले प्रो. राकेश सिन्हा संघ विचारधारा के बीच सक्रिय समानतावादी विचारक हैं. राकेश सिन्हा हिन्दुत्व की प्रखर धारा के पैरोकार हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए वे हिंसक विवाद की बजाय अहिसक "संवाद" को अपना जरिया बनाते हैं. इंडिया पॉलिसी फाउण्डेशन के मानद निदेशक के रूप में शोध, अध्ययन और संवाद को आगे बढ़ा रहे हैं.Rajiv Yadav
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक राजीव दिल्ली स्थित आईआईएमसी से मीडिया में मास्टर डिग्री ले चुके हैं. फिलहाल इलाहाबाद में रहकर मुक्त पत्रकारिता और जनाधिकार के मुद्दों पर सक्रिय कार्य कर रहे हैं. विस्फोट पर लेखन.Rajiv Sharma
राजीव शर्मा राजस्थान में रहकर मुक्त पत्रकारिता कर रहे हैं.इससे पूर्व कइ अखवारों के लिए रिपोटिंग कर चुके हें। राजनीति के अलावा पानी-पर्यावरण के मुद्दे पर संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए प्रयासरत। विस्फोट के लिए राजस्थान से नियमित लेखन और रिपोर्टिंग.Rajesh Singh
मुंबई में रहनेवाले राजेश सिंह मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार हैं. वर्तमान समय में नागरिक विकल्प नामक पत्रिका का संपादन और मानवाधिकार संस्था का संचालन.Rajeev Gupta
दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए और एमबीए करनेवाले राजीव गुप्ता वैसे तो नौकरी करते हैं लेकिन लेखन शौकिया बिल्कुल नहीं है. उनके मन में दस साल बाद के भारत का ख्वाब है जिसे पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने विजन 2020 का नाम दिया था. इसी विजन को मन में रखकर समसामयिक मुद्दे पर लेखन जिसे आप उनकी ईमनादार पत्रकारिता भी कह सकते हैं.R L Francis
पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मुवमेन्ट के अध्यक्ष आर एल फ्रांसिस ईसाई मिशनरियों के बीच व्याप्त भेदभाव और कटुता के खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद किये हुए हैं. विभिन्न अखबारों में लेखन के साथ विस्फोट के स्तंभ लेखक.Pushya Mitra
मूलतः बिहार के पूर्णिया जिले का वासी. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से जनसंचार स्नातक. नवभारत, अमर उजाला, हिंदुस्तान अखबार और लोकायत पत्रिका और अंग भारत में कार्य. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत. सामाजिक मुद्दों से जुडाव. राजनीति और हार्डकोर खबरों पर टिपण्णी लिखना पसंद.Punya Prasun Bajpai
पुण्य प्रसून बाजपेयी ज़ी न्यूज़ (भारत का पहला समाचार और समसामयिक चैनल) में प्राइम टाइम एंकर और सम्पादक हैं। पुण्य प्रसून बाजपेयी के पास प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है। प्रसून देश के इकलौते ऐसे पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी पत्रकारिता में बेहतरीन कार्य के लिए वर्ष 2005 का ‘इंडियन एक्सप्रेस गोयनका अवार्ड फ़ॉर एक्सिलेंस’ और प्रिंट मीडिया में बेहतरीन रिपोर्ट के लिए 2007 का रामनाथ गोयनका अवॉर्ड मिला हुआ है।Puja Shukla
पेश से टीवी पत्रकार पूजा शुक्ला धाकड़ लिक्खाड़ हैं. घर परिवार की जिम्मेदारी और टीवी पत्रकारिता के साथ साथ कलम को तलवार की तरह इस्तेमाल करती हैं. दिल्ली युनिवर्सिटी से पढ़ी लिखी पूजा दिल्ली में ही रहती है.Prem Shukla
मुंबई से प्रकाशित हिन्दी सामना के कार्यकारी संपादक. पिछले 20 सालों से पत्रकारिता. पत्रकारिता के साथ ही मुबंई में हिन्दीभाषी समाज के विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय. विस्फोट.कॉम के नियमित स्तंभ लेखक.Prakash Ray
प्रकाश कुमार रे अब स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में लंबे तक छात्र राजनीति करने के बाद सामाजिक जीवन और पत्रकारिता में हस्तक्षेप. फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन के साथ साथ bargad.org के संचालक.Prakash Chandalia
प्रकाश चण्डालिया का राजस्थान के चुरू जिले के राजलदेसर गाँव में जन्म. साहित्यानुरागी पितामह की प्रेरणा से १९८२ से पत्रकारिता में. सन्मार्ग, सेंटीनेल, नवभारत टाईम्स , राजस्थान पत्रिका, खेल हलचल, सरीखे समाचारपत्रों के लिए नियमित लेखन के बाद सन्डे मेल और जनसत्ता में १९९१ से १९९५ तक रिपोर्टिंग. आकाशवाणी और दूरदर्शन के लिए लगातार वार्ताएं की. सन १९९६ से २००० तक सांध्य महानगर गार्जियन और २००१ से अब तक राष्ट्रीय महानगर का संपादन-प्रकाशन.Pankaj Kumar
पंकज कुमार युवा पत्रकार हैं और पिछले पांच सालों से हिंदी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. दूरदर्शन के जागो ग्राहक जागो के लिए असिस्टेंट प्रोड्यूसर, विराट वैभव में संवाददाता, एमएच वन न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर चुके हैं। अभी पाक्षिक अखबार शिल्पकार टाइम्स में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत.Pankaj Jha
मधुबनी (बिहार) में जन्म। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की उपाधि। अनेक प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर सतत् लेखन से विशिष्ट पहचान। कुलदीप निगम पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित। संप्रति रायपुर (छत्तीसगढ़) में 'दीपकमल' मासिक पत्रिका के समाचार संपादक।Pankaj Chaturvedi
पर्यावरण विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री. सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता और पत्रकार पंकज चतुर्वेदी भोपाल स्थित एनडी सेन्टर फार सोशल डेवलमेन्ट एण्ड रिसर्च के अध्यक्ष हैं.Nirmal Rani
अंबाला में रहनेवाली निर्मल रानी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं. पिछले पंद्रह सालों से विभिन्न अखबारों में स्वतंत्र पत्रकार एवं टिप्पणीकार के तौर पर लेखन कर रही हैं.Niranjan Parihar
मीडिया में प्रभाष जोशी और एसपी सिंह के प्रति बेहद कृतज्ञ निरंजन परिहार ने पंद्रह साल तक प्रिंट और सन 2000 के बाद से टीवी की खबरों को जो धार बख्शी, वह मुंबई की पत्रकारिता के लिए मिसाल हैं। बेजान खबरें लिखे जाने की परंपरागत शैली को उलटकर रख देने वाले परिहार का सफर नवभारत टाइम्स से शुरू हुआ और जनसत्ता में एक दशक तक रहने के बाद दो साल तक प्रात:काल दैनिक के स्थानीय संपादक भी रहे। सहारा समय टीवी नेटवर्क में संपादकीय समन्वयक और आइटीएन टीवी में सीनियर एडीटर भी रहे। और डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाई।Limty Khare
लिमटी खरे की खबरें देश के कई अखबारों में छपती हैं. दिल्ली में रहकर स्वतंत्र पत्रकारिता लेखन और विभिन्न मीडिया स्कूलों में पढ़ाते भी हैं. लिमटी की लालटेन नाम से विस्फोट.कॉम में नियमित लिमटी की लालटेन नामक स्तंभ लेखन. limtykhare@gmail.comLalkrishna Advani
भारतीय राजनीति में मीलपत्थर देश के एकमात्र ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने सूचना तकनीकि का इस्तेमाल अपने विचारों को आगे ले जाने के लिए किया है. पंद्रहवीं लोकसभा में सूचना तकनीकि का व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया भले ही उसके आशानुकूल परिणाम न मिले हों लेकिन चुनाव के बाद भी वे सक्रिय रूप से ब्लाग लेखन के जरिए अपने विचार लोगों तक पहुंचाते हैं. हम यहां उनके हिन्दी में लिखे ब्लाग को प्रकाशित करते हैं. आडवाणी जी के ब्लाग का पता-blog.lkadvani.inKranti Prakash
जैविक खेती अभियान के संस्थापक, संचालक क्रांति प्रकाश सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता के साथ-साथ पत्रकारिता भी करते हैं. बचपन में ही बिहार आंदोलन से जुड़े और काम किया. संप्रति पर्यावरण और खेती त्रैमासिक के संपादक.Jitendra Dixit
पत्रकारिता के करियर की शुरूवात उन्होने 1996 में हिंदी सांध्य दैनिक दोपहर का सामना से की जिसके बाद 1999 में दूरदर्शन पर दिखाये जानेवाले कार्यक्रम “आज तक” से जुडे जो कि बाद में एक न्यूज चैनल में तब्दील हो गया। 2003 में जीतेंद्र स्टार न्यूज में बतौर प्रधान संवाददाता शामिल हुए और फिलहाल वहीं पर मुंबई ब्यूरो प्रमुख और वरिष्ठ संपादक के तौर पर कार्यरत हैं।Jawaharlal Kaul
पत्रकारों की पुरानी पीढ़ी में जवाहर लाल कौल चर्चित नाम है. दिनमान में लंबे समय तक काम के दौरान कई चर्चित रपटें प्रकाशित हुई. इसके बाद जनसत्ता चले गये और वहां से वरिष्ठ सहायक संपादक के पद पर काम करते हुए रिटायर हुए. वर्तमान में मुक्त पत्रकारिता और लेखन. इनकी चर्चित पुस्तक "हिन्दी पत्रकारिता का बाजारभाव" कई सारे मीडिया स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल है.Irfan Ali
न्यूयॉर्क, अमेरिका में कार्यरत एक स्वतंत्र भारतीय. वे अपने आप को एक ऐसा युवा मानते हैं जो देश को जोड़ने और विकास की राह पर ले जाने के लिए देश की जनता के सोच मे बदलाव की कामना करते है. इरफ़ान देश के भविष्य के लिए उम्मीदवान है और आशा करते है देश की खुशहाली और विकास के लिए.Harsh Vardhan
हर्षवर्धन टीवी पत्रकार हैं. अमर उजाला में लंबे समय तक काम करने के बाद सीएनबीसी आवाज में काम किया. बतंगड़ नाम से नियमित ब्लाग भी लिखनेवाले हर्षवर्धन राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर स्थापित हैं.Gopal krishna
पानी और पर्यावरण पर काम करनेवाले गोपालकृष्ण शिपब्रेकिंग उद्योग, एसबेस्ट्स और कचरा प्रबंधन में घातक तकनीकि से उत्पन्न खतरों पर लगातार सक्रिय लेखन और आंदोलन कर रहे हैं. बैन एसबेस्टस नेटवर्क के संयोजक.Gladson Dungdung
कभी खुद अपने परिवार का विस्थापन देख चुके ग्लैडसन आदिवासी संघर्ष के प्रतीक बनते जा रहे हैं. ग्लैडसन डुंगडुंग न केवल आदिवासी वनवासी हितों के लिए कलम चलाते हैं बल्कि सक्रिय रूप से संघर्ष भी करते हैं. झारखण्ड इंडिजनस पीपुल्स फोरम के संयोजक ग्लैडसन हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में विभिन्न अखबारों, पत्रिकाओं और वेब पोर्टल के लिए लिखते हैं. उनकी किताब उलगुलान का सौदा काफी चर्चित रही है.Dr. Ved Pratap Vaidik
डॉ वेदप्रताप वैदिक भारतीय पत्रकारिता में जीवित किंवदन्ती बन गये हैं. अपना शोध प्रबंध उस वक्त हिन्दी में लिखा जब शोध का अर्थ ही अंग्रेजी होता था. 1971 में जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय मामलों में पीएचडी हासिल करने के बाद पत्रकारिता में आये. नवभारत टाइम्स के संपादक (विचार) फिर समाचार एजंसी भाषा के संपादक रहे. वर्तमान में भारतीय भाषा सम्मेलन और भारतीय विदेशनीति परिषद के अध्यक्ष के रूप में कार्य और नियमित लेखन.Dr. Shashi Tiwari
डॉ शशि तिवारी मीडिया जगत की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ी हैं और सूचनामंत्र नामक पत्रिका का संपादन करती हैं. भोपाल में रहते हुए मीडिया संगठनों में सक्रियता के साथ साथ दूरदर्शन के लिए भी मुक्त रूप से काम करती हैं.Dr. Ashish Vashisth
डॉ. आशीष वशिष्ठ लखनऊ में रहनेवाले स्वतंत्र पत्रकार हैं. विभिन्न विषयों पर समसामयिक टिप्पणी और लेखन.Diwakar Muktibodh
दिवाकर मुक्तिबोध प्रसिद्ध कवि गजानन माधव मुक्तिबोध के पुत्र और वरिष्ठ पत्रकार हैं. दैनिक भास्कर के रायपुर-विलासपुर संस्करण के संपादक रहे. वर्तमान समय में रायपुर से प्रकाशित एक स्थानीय दैनिक के संपादक. संपादन और लेखन के साथ साथ सामाजिक रूप से भी सक्रिय.Dinesh Shakya
इटावा के रहनेवाले दिनेश शाक्य १९८९ से मीडिया में कार्यरत. १९८९ में पत्रिका हलचल से जुडे फिर साप्ताहिक चौथी दुनिया के बाद दिल्ली प्रेस प्रकाशन से जुडे,१९९६ से समाचार ए़जेसी वार्ता में २००३ मार्च तक इटावा में रिपोर्टर के रूप में काम किया, सहारा समय न्यूज चैनल में काम के साथ साथ विस्फोट.कॉम के लिए लेखन.Devinder Sharma
इंडियन एक्सप्रेस में कृषि रिपोर्टर रहे देवेन्द्र शर्मा अब कृषि और खाद्य मामलों में भारत के जाने-माने नाम हैं. दुनिया में जहां कहीं भी खेती-किसानी से जुड़ी नीतियों की बात चलती है देवेन्द्र शर्मा का नाम लिया जाता है. एक्सपर्ट के साथ साथ अब जन आंदोलनों में भी सक्रिय.D. P. Mishra
आईआईएम लखनऊ से स्नातक डी. पी. मिश्र वन्यजीव प्रेमी और पत्रकार हैं. वे कहते हैं कि जब वे अपने आस पास की घटनाओं से परेशान होते हैं तो कलम का सहारा लेते हैं. सामाजिक सक्रियता, वन्यजीवन पर कार्य के अलावा सक्रिय लेखन और पत्रकारिता.Bhumika Rai
खुद को बतकुचनी कहनेवाली भूमिका राय पत्रकारिता पढ़ने के बाद पत्रकारिता सीख रही हैं. पढ़ने और सीखने में कुछ खट्टे और कुछ मीठे अनुभवों के बाद भी लिखने की ललक बनी हुई है. पत्रकारिता करती हैं, ब्लाग लिखती हैं वक्त मिलता है तो औघड़ई भी करती हैं. यह उनकी पसंद है.Balendu Sharma
माईक्रोसाफ्ट के मोस्ट वैलुएबल प्रोफेशनल पुरस्कार से सम्मानित बालेन्दु दाधीच वेब पोर्टल प्रभासाक्षी के समूह संपादक है. तकनीकि के घोड़े पर हिन्दी की काठी बांधनेवाले बालेन्दु दाधीच केवल तकनीकि के जानकार ही नहीं बेहतरीन पत्रकार भी हैं.Bajarang Muni
वरिष्ठ गांधीवादी और सर्वोदयी बजरंगलाल अग्रवाल ने जीवन को अपनी ही कसौटियों पर जिस तरह से कसा है वह अनुकरणीय है. गृहस्थ जीवन में रहते हुए उन्होंने हर अवस्था की मर्यादा का पालन किया और अब बजरंग लाल से बजरंगमुनि हो चुके हैं. समाजशास्त्र पर विस्तृत अध्ययन, शोध और प्रयोग. लोकस्वराज मंच के संस्थापक और ज्ञानतत्व के संपादक.Awesh Tiwari
मेरे लिए खबरें सिर्फ सूचनाओं को कलमबंद करने का जरिया नहीं है ,ये जरुरी है कि जिनके लिए भी हम खबरें लिख रहे हैं उनको उन ख़बरों से कुछ मिले |पिछले एक दशक से उत्तर भारत के सोन-बिहार -झारखण्ड क्षेत्र में आदिवासी किसानों की बुनियादी समस्याओं ,नक्सलवाद ,विस्थापन ,प्रदूषण और असंतुलित औद्योगीकरण को लेकर की गयी अब तक की रिपोर्टिंग में हमने अपने इस सिद्धांत को जीने की कोशिश की है। नेटवर्क6 के संपादक।Avadhesh Akodia
अवधेश आकोदिया- सामयिक मुद्दों पर धारदार तरीके से लिखने वाले पत्रकार। कई दिग्गज मीडिया समूहों का हिस्सा रहते हुए पिछले 16 साल से अपनी कलम घिस रहे हैं।Ashok Wankhade
यवतमाल में पैदा हुए अशोक वानखेडे पढ़ने के लिए इंदौर आये तो पत्रकारिता का कैरियर साथ में लेकर इंदौर से बाहर निकले. फ्री प्रेस जर्नल से पत्रकारिता शुरू करनेवाले अशोक वानखेडे चौथा संसार में काम करने दिल्ली आये तो यहीं के होकर रह गये. करीब पचीस साल के अपने पत्रकारीय कैरियर में अंग्रेजी, हिन्दी और मराठी तीनों भाषाओं के लिए काम किया है. इलेक्ट्रानिक का जमाना आया तो विडियो जर्नलिज्म में भी हाथ आजमाया. अब एक अखबार के राजनीतिक संपादक होने के साथ साथ नये मीडिया को नारा-ए-मस्ताना बनाना चाहते हैं.ashish maharishi
लेखक दैनिक भास्कर समूह से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा उनका ब्लॉग बोलहल्ला भी मीडिया के चुनिंदे ब्लॉग में से एक हैं। मौकों-मौकों पर राजनीति, सामाजिक और पर्यावरण पर भी लिखते हैं।Arvind Tripathi
अरविन्द त्रिपाठी देश के कई बड़े समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में काम करने के बाद वर्तमान में दिल्ली से प्रकाशित हो रही "सामना" हिंदी पत्रिका में उत्तर प्रदेश से विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. साथ ही पानी और पर्यावरण के मुद्दे पर राजेन्द्र सिंह के साथ काम कर रहे हैं.Arjun Sharma
जालंधर के रहनेवाले अर्जुन शर्मा बीस साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. बीस साल में 10 मीडिया घरानों की सैर कर चुके अर्जुन शर्मा का ट्रैक रिकार्ड बताता है कि उन्होंने कलम के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया. मीडिया में नये आनेवाले पत्रकारों के लिए व्यावहारिक पत्रकारिता नाम की एक पुस्तक भी लिखी है. विस्फोट.कॉम के लिए पंजाब और हिमाचल का प्रभार. journalistarjun@gmail.comArindam Chaudhari
IIPM के संस्थापक निदेशक, प्लानमैन कंसल्टेसी के कर्ताधर्ता और प्लानमैन मीडिया के प्रधान संपादक अरिंदम चौधरी बहु प्रतिभा के धनी हैं. 2006 में प्लानमैन मीडिया के तहत हिन्दी अंग्रेजी सहित 14 भारतीय भाषाओं में न्यूज मैगजीन के प्रकाशन का काम शुरू किया जो एक विश्व रिकार्ड है.Anurag Punetha
टीवी पत्रकारिता में करीब एक दशक गुजार चुके अनुराग पुनेठा लंबे समय तक जी न्यूज और सहारा समय में काम कर चुके हैं. इस वक्त पी7न्यूज में बतौर एंकर और असिन्टेन्ट एक्सक्यूटिव प्रोड्यूसर कार्यरत हैं. टीवी पर बहस के अलावा लिखने में रूचि.Anupam Mishra
पानी और पर्यावरण पर काम करने के पर्याय बन चुके अनुपम मिश्र अपनी किताब आज भी खरे हैं तालाब की तरह व्यक्तित्व और संपादन के लिए पूरी तरह से खरे हैं. और भी बहुतेरे काम हैं जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं. वर्तमान में गांधी मार्ग के संपादक.Anshuman Tiwari
मूलत: उत्तर प्रदेश के रहनेवाले अंशुमान तिवारी ने आर्थिक पत्रकारिता को हिन्दी में बहुत शुरूआती दौर से देखा समझा है. अमर उजाला कारोबार के लिए काम किया और बाद में दैनिक जागरण समूह से जुड़े. वर्तमान में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ हैं. इसके साथ ही अर्थार्थ नाम से ब्लाग भी लिखते हैं.Anil Saumitra
जनसंचार माध्यमों की पहुंच विषय पर शोध करनेवाले अनिल सौमित्र भोपाल में रहते हैं. सामाजिक कार्य के अलावा स्वतंत्र पत्रकारिता और मीडिया एक्टिविस्ट के बतौर कार्यरत. विश्व संवाद केन्द्र में भी सक्रिय.Anil Pandey
पत्रकारिता में मास्टर डिग्री. नई दिल्ली से प्रकाशित दैनिक समाचारपत्र जनसत्ता में पांच साल तक संवाददाता. इसके बाद माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में पांच साल तक व्याख्याता के तौर पर कार्य किया. वर्तमान में 13 भाषाओं में प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका द संडे इंडियन में एसोसिएट एडीटर के पद पर कार्यरत.Anand Pradhan
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी आनंद प्रधान पत्रकारिता के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पक्ष में पारंगत होने की प्रक्रिया में हैं. छात्र राजनीति से लंबे समय तक जुड़ाव रहा. इन दिनों दिल्ली के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट आफ मास कम्युनिकेशन में एसोसिएट प्रोफेसर.Anand Pandey
छात्र राजनीति से जुड़े रहे आनंद पाण्डेय समकालीन साहित्यिक राजनीतिक विषयों पर लिखने में रुचि रखते हैं. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीसवीं सदी के अंतिम दशक में हिन्दी आलोचना और राजनीति पर शोध के बाद सक्रिय राजनीति की ओर रुख और स्वतंत्र लेखन।Amit Kumar
कुल जमा तेइस साल के अमित कुमार अभी अभी पत्रकारिता पढ़के छुटकारा पाये हैं और अब पत्रकारिता की नौकरी कर रहे हैं. टेलीवीजन में हैं. चैनल का नाम है जनता टीवी. किसी बड़े पद पर भला क्योंकर होंगे लेकिन जहां हैं वहां से अपने आस पास की चीजों को देखने और महसूस करने की कोशिश कर रहे हैं. अंदर जो कुछ मथ रहे हैं उसे लोगों के साथ बांटने के लिए लेखन करते हैं.Amarnath
पूर्वोत्तर में लंबे समय तक काम करने के साथ ही जनसत्ता के लिए रिपोर्टिंग की. रंगमंच और राजनीति दोनों को भली भांति समझनेवाले अमरनाथ झा वर्तमान में एक समाचार एजंसी से संबद्ध हैं और विस्फोट के लिए समय समय पर लेखन.Alok Kumar
घुमक्कड़ी पसंद है। लिखना शगल है। पत्रकारिता को नौकरी से अलग समझता हूं। 1989 में दुमका से जिला स्तरीय पत्रकारिता से सफर की शुरूआत के बाद से अबतक तेरह संस्थानों की नौकरी छोड चुका हूं। संस्थान की छांव से डर लगता इसलिए खुद खडा हो रहा हूं। विचारधारा को ढोने के बजाय मानवता से सरोकार रखना अच्छा लगता है। अखबार से लेकर नामी टीवी न्यूज के संस्थानों में जमकर खोजी पत्रकारिता की है। आखिरी नौकरी काठमांडू में रहकर एक टीवी चैनल को साल भर तक संपादक के तौर पर मैनेज करते रहने का था। मतलब काठमांडू में मैनेजिंग एडिटर था। वेबसाईट्स के लिए राजनीति पर लिखता रहता हूं।Akhilesh Akhil
दो दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में पाठकों का 'मनोरंजन' करनेवाले अखिलेश अखिल अपनी धारदार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान समय में घुमक्कड़ी और समय समय पर विस्फोट पर लेखन के अलावा पत्रकारिता में भ्रष्टाचार पर एक किताब पर काम कर रहे हैं.Afsar Khan Sagar
पूर्वी उत्तर प्रदेश में रहनेवाले एम. अफसरखान सागर ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में एमए किया है. 2007 से पत्रकारिता में है. विभिन्न अखबारों और पत्रिकाओं के लिए लेखन के साथ ही हिन्दी जर्नलिस्ट एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के संयोजक हैं।Abhishek Singh
अभिषेक रंजन सिंह मूलतः खगड़िया बिहार के रहने वाले हैं। 2007-08 में नई दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की। करियर की शुरूआत सकाल मीडिया गुप्र से किया। उसके बाद एक कारोबारी पत्रिका में बतौर संवाददाता काम किया औऱ उसके बाद एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में लगभग एक साल उपसंपादक के पद पर काम किया। इन दिनों दक्षिण एशिया की प्रमुख ब्रॉडकास्ट एजेंसी सीवीबी न्यूज सर्विस में कार्यरत हैं। इसके अलावा विस्फोट सहित देश के प्रमुख हिंदी समाचार पत्र और पत्रिकाओं में समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन कर रहे हैं।A N Sibli
1993 से हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी के विभिन्न राष्ट्रीय अखबारों और पत्रिकाओं में लेखन कर रहे अब्दुल नूर सिबली इस वक्त दिल्ली से प्रकाशित हिन्दुस्तान एक्सप्रेस में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं. विभिन्न वेबसाइटों पर नियमित लेखन.गे निकला आमिर खान का यौन पीड़ित हरीश
अर्थमेव जयते के जरिए करोड़ों पीट रहे आमिर खान के शो सत्यमेव जयते के दूसरे ही एपिशोड पर सवालिया निशान लग गया है. यह सवालिया निशान एक बार फिर सोशल मीडिया ने खड़ा किया है कि आमिर खान के शो में यौन पीडित वह नौजवान आईबीएन-7 के जिंदगी लाइव में गे कैसे हो जाता है? हरीश अय्यर नाम के इस शख्स के ऊपर सोशल मीडिया मे जमकर बहस हो रही है. ... Full story
प्रेम भाई ,
राबर्ट वाड्रा पर कुछ लिखेये , बहुत रहस्यमय लगता है यह शख्स .
bahut dino baad apne kuchh sahi likha hai. Atankvaad se ladna bahut jaruri hai..aur nctc ko sidhe pradhanmatri ke adhin rakha jana chahiye na ki ...
sahi hai bhaiyo bjp bhi dusri kongre ban gyi hai
darasl ham bhartiyo ka khoon pani banta ja raha hai tabhi to kavtrochi bhag jata hai bhopal gais pidito ka doshi bhag jata hai or ...
दोस्तों कृष्ण कुमार तो एक मिसाल भर हैं हमारे देश में काम करने वालों का रास्ता रोकने वालों में केवल सियासतदान ही नहीं हैं, देश ...



