Akhilesh Akhil
दल के आगे दलदल है
देश में कई ऐसे राजनीतिक दल हैं, जिनके सर्वे-सर्वा के रूप में सिर्फ एक ही व्यक्ति है, यहां तक कि मुखिया का ...
धन के राजनीतिक धन्धेबाज
उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति चाहे जैसी हो लेकिन आर्थिक मोर्चे पर राज्य की हालत पतली है। राजीव गांधी के पूत राहुल ...
किसी को नहीं मिलेगा पूर्ण बहुमत
राष्ट्रवादी जन क्रांति पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सूबे के विधानसभा चुनाव में कुछ अलग कर गुजरने की तैयारी में हैं। आप इसे चुनावी खेल भी कह सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि जिस वोट की राजनीति सूबे में भाजपा करती रही है, उस वोट को बांटने की पूरी तैयारी कल्याण सिंह ने इस बार कर दी है। सूबे के 250 से ज्यादा सीटों पर राष्ट्र्वादी जन क्रांति पार्टी ने अपने उम्मीदवार खड़े करनेवाले कल्याण सिंह मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। कल्याण सिंह से अखिलेश अखिल ने फोन पर बातचीत की। बातचीत के अंश- ... Full story
मौन है राजनीति का संगम
इलाहाबाद का त्रिवेणी संगम। वेद-पुराणों में इस संगम के महात्म पर बड़ी-बड़ी बातें कही गई हैं। हिंदुओं का ये पवित्र तीर्थ स्थल है। कहते हैं, यहां समुद्र मंथन के बाद अमृत की कुछ बूंदे गिरी थीं, जिसे आधुनिक समाज या कलयुग के लोग आचमन कर मोक्ष प्राप्त करते हैं। कुंभ मेला उसी का प्रतीक है। गंगा और यमुना का यह संगम स्थल हिंदू समाज के लिए चाहे जितना भी पवित्र क्यों न हो, वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यहां जनता, नेताओं और पार्टी के बीच संगम दिखाई कहीं नहीं पड़ रहा है। संगम तट पर लगे माघ मेले में हजारों-लाखों की भीड़ को आप देख सकते हैं। लेकिन इस बार पंडों, पुजारियों, दुकानदारों, फेरीवालों, ग्राहकों और दर्शकों समेत मेले मेंदलालों, ठगों और राजनीतिक एजेंटों से भी आप यहां मिल सकते हैं। ... Full story
माया सभ्यता में मुनादी लोकतंत्र की
लखनऊ का चर्चित अंबेडकर पार्क। 40 से 50 एकड़ में फैला यह पार्क कई मायनों में अद्भुत है। अरबों की सरकारी राशि से तैयार इस पार्क और इसमें बने हाथी, मायावती, कांशीराम और स्तूपों की कलाकृतियां चाहें जो भी हो, इतना तय मानिए कि इतिहास सदा मायावती की इस कृति को याद रखेगा। माया के इस कला प्रेम के पीछे का सच चाहे जो भी हो, लेकिन एक सच तो यह है कि जब सदियां बदलेंगी, इतिहास भूगोल में बदलाव आयेगा और नई सभ्यता, संस्कृति का उद्भव होगा, तो माया का यह अंबेडकर पार्क तब के लोगों को आज के इतिहास, माया संस्कृति और उसके शिल्प से परिचय कराएगा। ... Full story
बटमार दलों की पौ बारह
क्या यूपी में सत्ता की कुंजी ‘खुदरा पार्टियों’ के हाथ में होगी? एक दर्जन से ज्यादा रिटेल पार्टियों ने मिलकर इत्तेहाद फ्रंट का गठन किया है। यह मंच सूबे की राजनीतिक लड़ाई में पांचवां मोर्चा बन कर उभरा है, लेकिन इसी गठबंधन में कौमी एकता दल के जो लोग शामिल हैं, उनमें कई लोग संगीन मामलों में जेल के भीतर हैं। देखें, क्या गुल खिलाता है यह मोर्चा...? ... Full story
वहशी, दरिंदा और मानसिक रोगी है चिन्मयानंद
कोमल गुप्ता उर्फ साध्वी चिदार्पिता और अब गृहस्थ जीवन जी रही साध्वी चिदार्पिता गौतम। चार माह पहले बदायूं के स्वतंत्र पत्रकार वीपी गौतम से विवाह कर अब वह उन्मुक्त जीवन जी रही हैं। 10 सालों तक पूर्व केन्द्रीय मंत्री और धार्मिक जगत में ख्यातिप्राप्त स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के संग रहने वाली साध्वी ने उन पर बलात्कार करने, जबरन दो बार गर्भपात कराने और जान से मारने से संबंधित रिपोर्ट शाहजहांपुर थाने में लिखाई है, जिसके बाद से पूरे देश में, साधु-संत समाज सहित राजनीति और मुमुक्षु आश्रम में हड़कंप मच गया है। 30 वर्षीय सुन्दर स्वस्थ धीर-गंभीर और प्रखर वक्ता साध्वी चिदार्पिता गौतम ने अरबों के मालिक स्वामी चिन्मयानंद से रार क्यों लिया? साध्वी की महत्वाकांक्षा क्या है? जैसे अनेकों सवाल लेकर अखिलेश अखिल ने बदायूं में साध्वी चिदार्पिता और उसके पत्रकार पति वीपी गौतम से रात्रि 8 बजे उनके आवास पर लंबी बातचीत की। ... Full story
मंहगाई के मौसम में भूख की 'राज'नीति
चुनाव सिर पर हैं और सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, चारों ओर से घोटालों के आरोपों से भरे तीर चल रहे हैं...ऐसे में खुद को बचाना भी है और सत्ता सुख भी बरकरार रखना है। जाहिर है, भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी सरकार गरीबों को पटाने की जुगत लगा रही है। इसलिए अपने सरकारी राजनीतिक पिटारे से कांग्रेस ने निकाला है ‘खाद्य सुरक्षा कानून’। अब देखना यह है कि सरकार इसे कब, कैसे और कितनी ईमानदारी से लागू करती है? ... Full story
अगड़ों को आरक्षण का गिफ्ट
अपने देश के लोग गिफ्ट पर मर मिटते हैं। गिफ्ट के उपयोग से भले ही आप अंधे हो जाएं, आपकी जान चली जाए, आपके खर्च बढ़ जाएं, आपका प्राकृतिक जीवन प्रभावित हो जाए, लेकिन गिफ्ट तो गिफ्ट है। गिफ्ट के रूप में जहर भी लेने से लोग बाज नहीं आते। बाजारवाद ने इंसान की प्रकृति को ही नहीं बदला है, बल्कि अब बाजार इंसान पर हुकूमत करता दिख रहा है। इसी बाजार के प्रभाव को राजनीति में भी अपनाया जा रहा है। पिछले 10 सालों से जनता के सामने कुछ नई चीजें लेकर कोई राजनीतिक पार्टी नहीं आई, लेकिन संभव है कि एनडीए आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अगड़ी जाति के सामने एक बडा गिफ्ट हैंपर रखे। अगड़ी जाति को आरक्षण देने का गिफ्ट। ... Full story
सत्ता का फरमान जारी करेंगे मुसलमान
उत्तर प्रदेश के आसन्न विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों की आंखें मुस्लिम वोट बैंक के साथ ही चार उन मुस्लिम आधारित राजनीतिक दलों पर टिक गई है जिसने मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की है। अगर ऐसा हो जाता है तो पहली बार सूबे की राजनीति बदलेगी और चुनावी समीकरण भी। चार मुस्लिम दलों की चौकड़ी ने प्रदेश की राजनीति को गरम कर दिया है ऐसे में मुसलमानों के वोट बैंक के सहारे राजनीति करने वाली पार्टियां बसपा,कांग्रेस और सपा का वजूद फिर क्या होगा? ... Full story
