Alok Kumar
नकारा निर्मल बाबा का जयकारा
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति को नागपुर के बाद अब अपना एक दफ्तर नोएडा में भी खोल लेना चाहिए. दिल्ली से सटा नोएडा ही ...
एमसीडी का एबीसीडी
दिल्ली नगर निगम के चुनाव नतीजे यह बताने के लिए काफी है कि कांग्रेस के पैरों तले जमीन खिसक रहा है। नतीजे ...
कालिख पोतने की सनक
ढेलमारा गोसाईं की परंपरा के बारे में जब से पढा है तब से बिहार के समस्तीपुर रेलवे जंक्शन के पास ढेलमारा गोसांई के मंदिर में दर्शन की इच्छा प्रबल है। मंदिर के गोसाईं यानी भगवान को मिट्टी का ढेला मारकर पूजा की जाती है । किवंदती है कि पूजा के इस व्यवहारिक तरीके का इजाद सदियों पहले इलाके में चोरों के किसी सरदार ने किया था। ढेला मारकर जजमान के सोने या जागने का पता लगाने वाले चोर पंडितों का यह पांडित्य मुझे उन सनकियों के लिए सबक जान पडता है जो इनदिनों ख्यात लोगों के चेहरे पर स्याही उडेलकर, पोस्टर पर कालिख पोतकर, जूता फेंककर या प्रतीकात्मक चांटा मारकर रातों रात सुर्खियों में आ जाने का स्वांग भर रहे हैं। ... Full story
सब्सिडी से भूख की भरपाई का सवाल
खाद्यान्न गारंटी विधेयक के प्रारूप के तहत मौजूदा स्थिति में सरकार को छह करोड़ बीस लाख टन खाद्यान्न हर साल खरीदना होगा। इससे एक लाख करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी का एलान होगा। कानून की भरपाई के लिए सब्सिडी की इस रकम से बड़े खरीद के इस खेल से घोटाले की साजिश का रास्ता खुलता है। ... Full story
मोदी आडवाणी का मनभेद
सिताबदियारा से आडवाणी ने जो सेकुलर यात्रा शुरू की थी वह गुजरात पहुंचते पहुंचते धर्म यात्रा बन ही गई. सिताबदियारा से चले तो नीतिश कुमार को खुश किया और गुजरात में दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराए लेकिन क्या सचमुच गुजरात में आडवाणी के लिए सबकुछ ठीक है? नरेन्द्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी से मतभेद से इंकार किया है। मोदी के इंकार की सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। सब जानते हैं चौरस पर बिसात बिछ गई है। बीजेपी के दो धाराओं में फिर से सियासी जंग शुरू हो गई है। खुलकर तलवारबाजी हो रही है। बस अब इंतजार जंग के अंजाम तक लहुलुहान होने वाले सियासत दानों की गिनती करने का है। ... Full story
संस्थानों की प्रतिष्ठा ध्वस्त करने का दौर
हालत विकट है। सीवीसी और सीबीआई जैसी शीर्ष संस्था के प्रमुखों को लोकपाल की संरचना तय करने वाली संसदीय समिति के समक्ष गुहार लगानी पड़ रही है। चित्कार कर याद दिलाना पड़ रहा है कि चोरों को बेनकाब करने और सजा दिलाने की सफलता में उनका ट्रेक रिकार्ड का ख्याल किया जाए। इन संस्थाओं के स्वायत्त स्वरूप की रक्षा की जाय। लोकपाल के दायरे में लाकर बौना बना देने की कोशिश को खत्म किया जाय। देश की इन दो सुनामी संस्थाओं को लोकपाल के दायरे में लाने की पुरजोर कोशिश हो रही है। यह जरूरी है कि देश और समाज के गलत तत्व को रोकने के लिए कारगर तंत्र बने। बदलते वक्त की जरूरत के साथ नए उपयोगी तंत्र बनाई जाए। लेकिन नए को बनाए बगैर पुराने की छवि मलीन की जा रही है। ऐसा क्यों हो रहा है ? क्या यह किसी साजिश के किया जा रहा है ? ... Full story
कौन बनेगा प्रधानमंत्री?
राहुल गांधी बनाम नरेन्द्र मोदी। ना जाने कहां से इस सियासी जुमले का प्रादुर्भाव हो गया। जबकि साफ दिख रहा है कि भावी प्रधानमंत्री के लिए असली लडाई तो गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के बीच छिड़ी है। फिर न जाने क्यों नकली भूत बनाकर राहुल गांधी को खड़ा कर दिया गया। नरेन्द्र मोदी और नीतिश कुमार अखाडा में ये मानकर आमने सामने हैं कि अगला प्रधानमंत्री अंग्रेजी के एन नामाक्षर वाले एनडीए से होगा और बनने वाले प्रधानमंत्री का नाम भी एन नामाक्षर राशि से शुरू होगा। ... Full story
साख की कमजोर साख पर खड़ा एनआईए
दिल्ली धमाके के अफसोसनाक पखवाड़ा होने को हैं मगर मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी की तरफ से किसी ठोस नतीजे की दावेदारी नहीं की जा रही। लग रहा है कि मामले की जांच के सिलसिले में अबतक सिर्फ अंधेरे में ही तीरें चल रही हैं। वो भी ऐसी तीर जिसमें आतंकियों के माड्यूल पर निशाना साधने के बजाय यह ख्याल किया जा रहा है कि संदिग्धों को चोट ना आने पाए। यह आतंकवादी मामलों की नए तरीके से जांच कराने की सियासी दावेदारी का नतीजा है जिसमें जांचकर्ताओं के हाथ पैर बुरी तरह से जकड़े हुए नजर आ रहे है। ... Full story
दहली दिल्ली से क्षत विक्षत पुलिस
बुधवार सुबह दिल्ली हाईकोर्ट पर बम धमाके की खबर के साथ ही आतंकवाद पर काम करने वाले पुलिस के पुराने घाघ अफसरों को फोन लगाया। पर उनकी प्रतिक्रिया मायूस करने वाली रही। दिल्ली पुलिस अब से पहले कभी इतनी शिथिल और कमजोर नजर नहीं आई। बेसब्र रिपोर्टर की तरह बेचैनी से घुमडते सवालों के साथ तेजी से कार के चक्के को लोधी कॉलोनी की तरफ घुमाया जहां दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल का दफ्तर हुआ करता था। अभी भी है। लेकिन ना होने के बराबर की हालत में है। वहां सन्नाटा नजर आया। पुलिस के स्पेशल सेल पर विरानगी कचोटने वाला था, जिसके भरोसे हम रिपोर्टर आपस में बात किया करते थे कि यहां के दक्ष अफसरों के रहते दिल्ली पर आतंकवाद का परिंदा तक पर नहीं मार सकता। लेकिन आज का मंजर अलग था, साफ लगा कि दिल्ली को दहला देने वाले धमाके की कोई अनुगूंज यहां तक नहीं पहुंची है। ... Full story
नेपाल में भट्टरई से जगी है नई उम्मीद
लोकतंत्र बहाली के बाद से नेपाल में नेतृत्व शून्यता की कमी निरंतर झलक रहा है। इस कमी में माओवादियों के बीच से कामरेड डॉ. बाबूराम भट्टरई एक जरूरी उम्मीद बनकर सामने आए हैं। प्रधानमंत्री भट्टरई का भारत से बेहतर रिश्ता है। इसलिए खुशी दिल्ली में भी है। बरसों की गहन नाउम्मीदी के बाद रायसीना हिल्स के साउथ ब्लॉक के कमरों में बंद रहने वाले नेपाल डेस्क के विदेशी नीति नियंताओं के चेहरे पर मुस्कान है। यह खुशी काठमांडू में भारत के नए राजदूत जयंत प्रसाद के घर में भी देखी सुनी जा रही है। खुशी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पारस्परिक नजदीकी सांस्कृतिक और समाजिक संबंध वाले पडोसी देश नेपाल में लगातार मिल रही कूटनीतिक विफलता से दिल्ली पर सफलता के लिए जबदस्त दबाव बढा दिया था। यह राजदूत जयंत प्रसाद के पदभार ग्रहण करने के पांचवें दिन ही आई है। ... Full story
