Anil Saumitra
वंशवाद का दंशवाद
क्या भारत में लोकतंत्र सफल है? यह एक ऐसा सवाल है जो आम नागरिक के जेहन में है। यह सवाल आम नागरिक ...
अमेरिकी अर्थव्यवस्था का निकला दम...बोल बम!
स्वदेशी समर्थक समूह अमेरिका और यूरोप के देशों के आर्थिक स्थिति से खुश है। एक ध्रुवीय विश्व बनाने की मंशा रखने वाले ...
देवघर में स्वदेशी समागम
देशभर के सैकडों स्वदेशी कार्यकर्ता झारखंड के देवघर में जुटे हैं। वर्षों बाद एक बार फिर से स्वदेशी की अलख जगाने की तैयारी है। विकास मॉडल के मामले में यूरोपीय देशों का पिछलग्गू भारत को सचेत और जागरुक करने तैयारी चल रही है। कम्युनिज्म के पतन और पूंजीवाद पर आये संकट से स्वदेशी विचारक उत्साहित हैं। स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक और विचारक दत्तोपंत ठेंगडी ने वर्षों पहले इसकी भविष्यवाणी कर दी थी। आज दुनिया को एक नये विकास मॉडल की तलाश है। स्वदेशी विचारकों के लिये यह उचित अवसर है। स्वदेशी जागरण मंच के आर्थिक चिंतक और कार्यकर्ता शक्तिपीठ देवघर में तीन दिनों तक देश और दुनिया के सुनहरे भविष्य की तलाश करेंगे। ... Full story
कोयला मंत्री पर कालिख पोत रहे हैं उन्हीं के अधिकारी
नई दिल्ली। अपने मंत्रालय और विभाग के आला अधिकारियों के कर्मों से कोयला मंत्री हलकान हैं। सीबीआई मध्यप्रदेश की टीम ने नादर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सीमएडी विनय कुमार सहित कई अन्य अधिकारियों के सिंगरौली(मध्यप्रदेश), कोलकाता (प. बंगाल), वाराणसी (उत्तरप्रदेश), और आरा (बिहार) स्थित ठिकानों पर छापा मारा है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार कुल 22 ठिकानों पर छापे की कार्यवाई हुई। सूत्रों के अनुसार ये अधिकारी माइनिंग उपकरण आदि सप्लाई करने वाली कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचा रहे थे। ... Full story
नाजुक दौर में भी दिशाहीन
देश में जन आंदोलनों के उभरते नये दौर में आरएसएस कहां है? रामदेव का सत्याग्रह हो या फिर अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई मुहिम, राजनीतिक या सामाजिक तौर पर आरएसएस की क्या भूमिका है? सिर्फ भ्रष्टाचार ही नहीं, सांप्रदायिकता भी एक बड़ी समस्या के तौर पर परेशानी का सबब है। सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां भी देश के सामने मुंह बाए खड़ी हैं। ऐसे वक्त में संघ निश्चित रूप से अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए प्रयासरत है। उज्जैन में संघ और उससे जुड़े संगठनों ने एक जगह आकर इस बारे में विचार विमर्श भी किया लेकिन क्या संघ की स्थिति ऐसी है कि वह इन चुनैतियों को अपने लिए अवसर में तब्दील कर पाएगा? संघ के लिए तो यह सिद्ध करना भी कठिन हो गया है कि वह समाज का संगठन है, न कि समाज में संगठन है। ... Full story
कारपोरेट किलिंग की शिकार हुई शेहला मसूद !
चर्चित आरटीआई एक्टीविस्ट शेहला मसूद मामले में जाँच की दिशा लगभग तय हो चुकी है। शुरुआती जाँच में मिले आत्महत्या के कुछेक संकेतों को अब दरकिनार कर दिया गया है। पुलिस इसे हत्या का प्रकरण मानकर ही जाँच करेगी। मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। कांग्रेस ने इस हत्याकांड को राजनैतिक तूल देने की भी कोशिश की है। मामला और अधिक तूल पकड़े इसके पहले ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीबीआई जाँच की मांग पर अपनी सहमति जता दी है। राज्य पुलिस ने इसके लिए जरूरी औपचारिकताओं पर काम करना शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पहले ही यह जता दिया था कि पुलिस को अगर हत्यारों और हत्या के कारणों का पता लगाने में देरी लगती है तो जाँच सीबीआई के हवाले कर दिया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि आरोपी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो उसे छोड़ा नहीं जायेगा। प्रदेश के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता के अनुसार सीबीआई द्वारा जाँच शुरु करने तक भोपाल पुलिस अपनी जाँच-पड़ताल जारी रखेगी। ... Full story
आरएसएस फोबिया डिसआर्डर
आरएसएस फोबिया से समूची कांग्रेस ग्रस्त है या सिर्फ दिग्विजय सिंह कहना मुश्किल है। आरएसएस फोबिया डिसआर्डर से भले ही कांग्रेस के कुछ और नेता शिकार हों, लेकिन दिग्विजय सिंह इसके सबसे बड़े मरीज हैं। कहीं आतंकियों ने विस्फोट किया हो, कहीं कोई व्यक्ति या संगठन भ्रष्टाचार या अन्य किसी पापाचार का विरोध कर रहा हो, कोई किसी कांग्रेसी नेता को जूते मार या दिखा रहा हो- सबमें आरएसएस का नाम लेना फोबिया जैसा हो गया है। जिस दिन से बाबा रामदेव ने विदेशों में जमा भारतीय कालेधन की वापसी के लिए आंदोलन का आगाज किया उसी दिन से यह सवाल पूछा जाने लगा कि इस आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्या भूमिका होगी। ... Full story
बस्तर बनता मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश में माओवादी आतंक के बारे में अब सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल में न सिर्फ नक्सली पर्चे और साहित्य बरामद हुए हैं, बल्कि हथियारों का कारखाना भी पकड़ा जा चुका है। मध्यप्रदेश का एक बड़ा भू-भाग छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ है। नक्सली पहले भी बड़े वारदातों को अंजाम देने से पहले मध्यप्रदेश को अपने पनाहगाह के रुप में इस्तेमाल करते रहे हैं। मध्यप्रदेश अब तक नक्सलियों के लिए पनाहगाह और शरणस्थली के रूप में ही इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन इस मामले में अब नया बदलाव हुआ है। ... Full story
पत्रकारिता में ‘पेज-थ्री’
पत्रकारिता के बारे में मीडिया घरानों, पत्र समूहों से लेकर चाय और पान के ठेलों तक पर चर्चाएं होती हैं। पाठक, दर्शक और श्रोता अब निष्क्रिय नहीं है, वह सक्रिय हो गया है। पत्रकारिता भी निरामय या निरापद नहीं रही। पत्रकारिता के विविध आयामों - रक्षा-युद्ध पत्रकारिता, खोजी पत्रकारिता, राजनैतिक पत्रकारिता, मनोरंजन-फिल्म पत्रकारिता, खेल पत्रकारिता आदि के साथ ही एक नया आयाम ‘पेज-थ्री’ पत्रकारिता का है। जैसे मीडिया और पत्रकारिता में कई बातें यूरोप और अमेरिका के देशों से आयात हुई हैं वैसे ही ‘पेज-3’ भी। जब से ‘पेज-3’ नाम से फिल्म बनी और चली तब से इसकी चर्चा और अधिक हो गई है। लेकिन आज भी ‘पेज-3 पत्रकारिता’ के बारे में आम तौर पर ज्यादा विचार नहीं किया जाता। ... Full story
गुरु, गोविन्द दोनों खड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ
भ्रष्टाचार के खिलाफ गोविन्दाचार्य और गुरुमूर्ति फिर मैदान में हैं । बाबा रामदेव ने गुरु-गोविन्द दोनों को भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम मे अपना संरक्षण दिया है। उनके साथ हैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री एम.एन. वेंकटचेलैया और न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा, जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी, आईबी के पूर्व निदेशक अजीत डोबाल, वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रताप वैदिक और भीष्म अग्निहोत्री जैसे विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज। अन्ना हजारे, किरण बेदी, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, राम जेठमलानी, अरविंद केजरीवाल जैसे सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक क्षेत्र के अनुभवी लोग पहले ही हल्ला बोल चुके हैं। ... Full story
