Balendu Sharma
काल्पनिक तख्तापलट के वास्तविक नुकसान
अगर केंद्र सरकार और सेना के बीच आपसी अविश्वास का मौजूदा माहौल न होता तो इंडियन एक्सप्रेस की खबर ने इस किस्म ...
गूगल पर जाइये या फिर निजता बचाइये
पहली मार्च से गूगल की नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू हो गई है जो उसे अपनी सेवाओं पर लॉगिन करने वाले लोगों के ...
कांग्रेस पार्टी का अविनय अवज्ञा आंदोलन
चुनाव आयोग के प्रति इस तरह की खुली चुनौती, अवज्ञापूर्ण भाषणों और ‘अर्थपूर्ण‘ बयानबाजी की उम्मीद राष्ट्रीय दलों के नेताओं से नहीं की जाती। उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक कांग्रेसी नेताओं के बयानों ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं को कितना नफा-नुकसान पहुंचाया होगा, उसका आकलन तो चुनाव नतीजों के दिन होगा, लेकिन बयानों की इस अनियंत्रित बाढ़ ने मतदाताओं को कोई बहुत अच्छे संकेत नहीं भेजे हैं। ... Full story
तकनीकि का भिक्षु
तीन सेब (एप्पल) ने दुनिया बदल दी। एक ने हव्वा (ईव) को लुभाया, दूसरे ने न्यूटन को जगाया और तीसरा सेब स्टीव जॉब्स के हाथ में आया और उन्होंने बदल डाली आइटी उपकरणों की परिभाषा। आधुनिक प्रौद्योगिकी जगत के सुपरस्टार स्टीव जॉब्स युवा अवस्था के दौरान निर्वाण की तलाश में भारत आए थे। जॉब्स महज 18 वर्ष की उम्र में अपने दोस्त डैन कोटके के साथ नीम करौली बाबा से मिलने पहुंचे। दोनों अमेरिकी लड़कों ने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर आध्यात्म की तलाश में गुरुओं की भूमि का रुख किया था। ... Full story
लड़ने के लिए फिर मैदान में अड़े आडवाणी
भले ही बहुत से लोग आडवाणी को भाजपा के नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति से अलग हो जाने की सलाह दे रहे हों लेकिन कभी ‘लौह पुरुष‘ कहा जाने वाला यह सक्रिय राजनैतिक दिग्गज इतनी आसानी से मैदान छोड़ने वाला नहीं है। पिछले चुनाव से पहले हमने उनकी सक्रियता देखी थी। भले ही नतीजे भाजपा के पक्ष में नहीं गए हों लेकिन आडवाणी ने अपनी तरफ से तैयारियों, रणनीतियों और चुनाव अभियान में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। अब वे फिर अपनी भूमिका को केंद्र में लाने का प्रयास कर रहे हैं जो कोई भी महत्वाकांक्षी राजनीतिज्ञ करेगा। ... Full story
गूगल की गलतियां, भाषाओं को सजा
एक भाषा में कही गयी बात को दूसरी भाषा में समझ लेने के लिए हमें अनुवाद का सहारा लेना पड़ता है। इंसानी दिमाग का सहारा लेकर हम जो काम करते थे उसे गूगल ने मशीन के जरिए सर्वसुलभ बनाने की कोशिश की है। पहले सिर्फ हिन्दी और उर्दू के लिए अनुवाद की यह सुविधा उपलब्ध थी लेकिन अब इन दो भाषाओं के अलावा बंगला, गुजराती, तमिल, तेलुगू और कन्नड में भी मशीनी अनुवाद की सुविधा उपलब्ध है। अब इन पांच भाषाओं को मिलाकर मिलाकर सात भारतीय भाषाओं को गूगल ट्रांसलेट परियोजना के दायरे में ले आया गया है। खबर इस लिहाज से बहुत अच्छी है कि यह भारतीय भाषाओं के विकास क्रम को एक कदम आगे बढ़ाती है। तकनीकी दुनिया को इन भाषाओं के लिहाज से तैयार करने का जो ताजा दौर यूनिकोड के आगमन के साथ शुरू हुआ, वह इन भाषाओं का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों को लाभान्वित करते हुए आगे बढ़ रहा है। किंतु किसी सुविधा का उपलब्ध हो जाना एक बात है और उसका उपयोगी सिद्ध होना दूसरी बात। गूगल ट्रांसलेट के संदर्भ में पहला और अहम सवाल यही उठता है कि क्या भारतीय भाषाओं को दुनिया की दूसरी भाषाओं के साथ पारस्परिक अनुवाद के मशीनी मंच पर ले आना एक प्रतीकात्मक मील-पत्थर भर है या वह व्यावहारिक संदर्भों में भी उपयोगी है? क्या इस मशीनी अनुवाद की गुणवत्ता इतनी है कि उस पर आंख मूंदकर भरोसा किया जा सके? ... Full story
एलियन्स का अस्तित्व
करीब सप्ताहभर पहले सर्बिया में एक मृत एलियन्स के मिलने की खबर से एक बार फिर इस बहस को जिन्दा कर दिया है कि क्या धरती पर एलियन्स का कोई अस्तित्व है? कुछ समय पहले ब्रीफ हिस्टरी ऑफ टाइम के विख्यात लेखक और एस्ट्रो-फिजिक्स से जुड़े विषयों पर विश्व के सर्वाधिक प्रामाणिक और अधिकार-संपन्न वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, विश्लेषक और चिंतक स्टीफन हाकिंग ने वैज्ञानिक समुदाय को झकझोर दिया था। उनके बयान ने वैश्विक स्तर पर एक आशंका भरी बहस को भी जन्म दिया था- क्या धरती एलियन्स के निशाने पर आ सकती है? ... Full story
सवाल वही, जवाब नहीं
लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने वाली समिति की अभी कुल जमा एक बैठक हुई है लेकिन इतने से दिनों में वह इतनी सुर्खियां बटोर चुकी है जितनी छोटे-मोटे राजनैतिक दलों को अपने पूरे जीवनकाल में भी नसीब नहीं होती। यह अलग बात है कि उसके हिस्से में आने वाली खबरें सकारात्मक कम, विवादास्पद ज्यादा हैं। अभी पंद्रह दिन पहले तक समिति के जिन सदस्यों के पीछे पूरा देश खड़ा होने को तैयार था, वे धीरे-धीरे अकेले पड़ते जा रहे हैं। हर दिन उभरने वाले नए विवाद समिति और उसके सदस्यों की साख को प्रभावित कर रहे हैं। ... Full story
जन क्रांति का लोकतंत्र की मंजिल तक पहुंचना अभी बाकी है
अठारह दिन के जनविद्रोह ने होस्नी मुबारक की तीस साल लंबी हुकूमत को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया। ट्यूनीशिया के बाद मिस्र दूसरा अरब राष्ट्र है जहां जन असंतोष का ज्वार तानाशाही सत्ता को अपने साथ बहा ले गया। मुबारक ने विदेशी ताकतों पर मिस्र के मामलों में दखलंदाजी का आरोप लगाते हुए अपने टिके रहने को राष्ट्रीय स्वाभिमान का मुद्दा बनाने की कोशिश की थी। हालांकि पिछले तीन हफ्तों के दौरान अमेरिका ने जिस अंदाज में वहां के घटनाक्रम में दिलचस्पी ली, उससे मुबारक के आरोप तो पूरी तरह गलत सिद्ध नहीं होते, लेकिन इस किस्म के ऐतिहासिक बदलाव का श्रेय ‘अमेरिकी साजिशों‘ को देना अल्प-दृष्टि ही माना जाएगा। काहिरा की सड़कों पर उमड़ने वाले लाखों लोगों से इस सफल जन क्रांति का श्रेय नहीं छीना जा सकता। ... Full story
इंटरनेट को मिली नयी भाषा
इन दिनों तकनीकी दुनिया में वेब डेवलपमेंट की भाषा एचटीएमएल के ताजातरीन संस्करण (एचटीएमएल 5) के चर्चे जोरों पर है। कहा जा रहा है कि इसके प्रचलन में आने के बाद वेबसाइटों, पोर्टलों और वेब आधारित सेवाओं की शक्ल बदल जाएगी। वे ज्यादा उपयोगी, तेज-तर्रार और आकर्षक रूप ले लेंगी। एचटीएमएल 5 का एक दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें बनी कई सेवाओं को हम इंटरनेट कनेक्शन बंद होने के बाद भी इस्तेमाल कर सकेंगे। ... Full story
