Harsh Vardhan
चुपचाप चला गया पांच अप्रैल
पूरा का पूरा दिन पांच अप्रैल के रूप में बीत गया लेकिन क्या आपको याद आया कि इस दिन को हमें क्यों ...
मंहगाई के बम से निकलेगा दम
देश में सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और चार दूसरे राज्यों में चुनावी मौहाल के बीच ज्यादातर आर्थिक या फिर लोगों की ...
राजनीति का चवन्नीछाप कारोबारी
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी राजनीति बिल्कुल कारोबार की तरह कर रहे हैं। कब, कहां, कितना और किसका निवेश करना है। ये इससे तय करते हैं कि उस निवेश से कितना मुनाफा हो पाएगा। बड़ी कंपनियां, बड़े कारोबारी अकसर बड़े निवेश लंबे समय के मुनाफे और हित को ध्यान में रखकर करते हैं लेकिन, नितिन गडकरी राजनीति में शायद बड़े हो नहीं पाए हैं। इसीलिए छोटे हित और छोटी अवधि के हितों के मुताबिक, फैसले कर रहे हैं। ... Full story
कुशवाहा के नाम पर हुए स्वाहा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. हर दल अपने अपने हिसाब से अपना अंकगणित मजबूत करने में लगा हुआ है. राज्य में किसी दौर में सिंहासन पर विराजनेवाली भाजपा भी उत्तर प्रदेश में अपनी अंकतालिका ठीक करना चाहती है जिसके लिए लंबे अर्से से तैयारियां चल रही हैं. उमा भारती का आना और कुशवाहा का लाया जाना इसी नफे नुकसान के अंकगणित का हिस्सा था. लेकिन जहां उमा भारती और संजय जोशी को लाने से भाजपा प्रदेश में सबसे तेजी से बढ़त हासिल कर रही थी वहीं कुशवाहा को पार्टी में शामिल करवाकर उसने अपने किया धरा सबकुछ स्वाहा कर लिया. हर्षवर्धन त्रिपाठी का आंकलन- ... Full story
मंदी के मुहाने पर खड़ा अमेरिका
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार जब बंद होने की तरफ बढ़ रहे थे, तो दुनिया की जानी-मानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एस एंड पी यानी स्टैंडर्ड एंड पुअर के दफ्तरों में हलचल बढ़ गई। खबरें जो, निकलकर आईं कि दरअसल अमेरिकी कर्ज संकट को सुलझाने के लिए रेटिंग एजेंसी के तय फॉर्मूले के गणित में थोड़ी गड़बड़ हो गई थी। जिसकी वजह से कर्ज की सीमा बढ़ाने और खर्च घटाने के अमेरिकी सरकार की योजना के आधार पर अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग एएए प्लस पर ही बनी रही। ... Full story
दर्द को दबा देने की साजिश
मीडिया मजबूरी में या ये कहें कि और करे भी तो, क्या। अब यही चलाना-दिखाना है कि मुंबई के जज्बे को सलाम। आखिरकार जिंदादिल मुंबई के लोगों ने आतंक को फिर से मात दे दी। कुछ 22 प्वाइंट की मामूली सेंसेक्स की बढ़त ने एक और हेडलाइन ये भी दे दी कि आतंक को शेयर बाजार का करारा जवाब। लेकिन, क्या सचमुच ऐसा हुआ है? क्या सच्चाई यही है कि मुंबई या फिर शेयर ने आतंक को करारा जवाब दिया है? ... Full story
ये आम आदमी का बजट नहीं है
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आखिरकार बजट पेश कर दिया। देश का बजट हर वित्त मंत्री को पेश करना होता है सो, वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भी कर दिया। कम से कम मुझे तो एक क्षण के लिए भी नहीं लगा कि वित्त मंत्री एक ऐसे महान क्षण के लिए संसद में खड़े हैं जिसका इंतजार पूरा देश साल भर से करता रहता है और अगले साल भर तक का लेखा-जोखा जिसके आधार पर ही होता है। फिर वो, मामला चाहे देश के साल भर के बजट का हो या फिर हमारे-आपके घर के बजट का। ... Full story
देवबंद का 'दगाबाज' मौलाना
केंद्र सरकार पिछले काफी समय से बार-बार जिस एक शब्द का जमकर इस्तेमाल कर रही है वो, इनक्लूसिव ग्रोथ। हिंदी में ये समग्र विकास बनता है। यानी ऐसी विकास की रफ्तार जो, सिर्फ आंकड़ों में ही न हो। हर किसी को उस विकास का फायदा हो। देवबंदियों के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा के केंद्र हारुल उलूम में मौलाना गुलाम मोहम्मद वास्तनवी ने मोहातिम (वाइस चांसलर) के तौर पर कुर्सी संभाली तो, गुजरात के सूरत का होने की वजह से उनसे ये सवाल होना तय था कि आखिर वो, मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के राज वाले गुजरात को कैसे देखते हैं- खासकर मुसलमानों के विकास की दृष्टि से। ... Full story
