Jawaharlal Kaul

जरदारी के जर और जेवर

जरदारी के राष्ट्रपति बनने में शुरू से ही किसी को संदेह नहीं था, परवेज मुशर्रफ और नवाज शरीफ दोनों ये जानते थे। ...

नासमझी में बन गया नासूर

१९५३ में दो अलग-अलग दुश्मन राज्यों की तरह जम्मू और कश्मीर आपस में भिड़ रहे थे. शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की नीतियों के ...

सुनिए मधुमक्खी का संदेश
 

सुनिए मधुमक्खी का संदेश

इंसान जैसे-जैसे विकसित हुआ है वह अकेला पड़ता गया है. प्रकृति में मौजूद दूसरे जीवजंतु, प्राणी, वनस्पतियां सब उससे लगातार दूर होते गये हैं. ऐसा कोई एक दिन में नहीं हुआ लेकिन यह क्रम कभी रूका भी नहीं. जीवजंतु तो न जाने कब के हमारे लिए पालतू हो गये थे. मनुष्य ने सबसे पहले जिस जानवर को पालतू बनाया वह संभवतः गाय थी. उसके पहले तक का जो इतिहास हम देखते हैं वह यही है कि अस्तित्व में बने रहने के लिए मनुष्य भी पशुओं को उसी तरह मारता था जैसे एक पशु दूसरे को मारता था. ... Full story

रथ पर सवार भाजपा के भीष्म पितामह
 

रथ पर सवार भाजपा के भीष्म पितामह

इस यात्रा का पहला उद्देश्य भ्रष्टाचार को कथित नागरिक समिति के दायरे से बाहर निकाल कर राजनीति के कार्यक्षेत्र में लाना है। जो काम संगठित राजनीतिक दलों का है, उसे असंगठित नागरिक गुटों को सौंपकर बहिष्कृत होने का अहसास ही इस यात्रा का कारक है। अन्ना हजारे ने जो जमीन राजनीतिक दलों से छीनी है, उसे आडवाणी की यात्रा वापस ले पाएगी या नहीं, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के लिए गतिरोध को झेलना उतना आसान नहीं रहेगा, जितना राजनीतिक रूप से अनुभवहीन अन्ना हजारे को झेलना होता। इसीलिए कांग्रेसी नेता अन्ना हजारे को चेता रहे हैं कि उनका उपयोग संघ और भाजपा कर रहे हैं।दूसरा उद्देश्य भाजपा के भीतर से ही पैदा हुआ लगता है। दूसरे स्तर के नेताओं की पूरी फौज में कौन सेनापति हो, यह समस्या भाजपा को सताती रही है ... Full story

दिल जिगर देने से पहले
 

दिल जिगर देने से पहले

अक्सर लोग जीते जी यह इच्छा व्यक्त करते हैं कि वे अपने शरीर या उसके किसी अंग को उन लोगों के लिए दान करना चाहते हैं, जिन्हें उनकी आवश्यकता होती है। लेकिन मरने पर ऐसा होता नहीं, क्योंकि सगे-संबंधियों के लिए भावना के कारण या लोक लज्जा के कारण उनकी इच्छा का पालन संभव नहीं होता। कोई चाहे भी तो कानूनी अधिकार न होने के कारण आग्रहपूर्वक पालन नहीं करवा सकता है। इसलिए, सरकार के इस फैसले का स्वागत होना चाहिए कि जो अपने किसी अंग को दान करना चाहते हैं, उन्हें इस बात का आशय लिखित रूप में पहले ही पंजीकृत करवाना होगा। ... Full story

Author info

Jawaharlal Kaul Jawaharlal Kaul पत्रकारों की पुरानी पीढ़ी में जवाहर लाल कौल चर्चित नाम है. दिनमान में लंबे समय तक काम के दौरान कई चर्चित रपटें प्रकाशित हुई. इसके बाद जनसत्ता चले गये और वहां से वरिष्ठ सहायक संपादक के पद पर काम करते हुए रिटायर हुए. वर्तमान में मुक्त पत्रकारिता और लेखन. इनकी चर्चित पुस्तक "हिन्दी पत्रकारिता का बाजारभाव" कई सारे मीडिया स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल है.

Latest comments