Prem Shukla

लोकतंत्र का लोप

भोजपुरी आंदोलन में हमारे पुराने साथी रविन्द्र श्रीवास्तव जिन्हें भोजपुरिया बिरादरी जुगानी भाई के नाम से जानती है, ने लोकतंत्र को बेहतरीन ...

विश्वव्यापी वंशवाद

भारत में वंशवाद की बहस के बीच हम ज्यादा से ज्यादा पड़ोसी पाकिस्तान को नाप जोख लेते हैं और समझते हैं कि ...

ओसामा बिन आतंक का अगला निशाना
 

ओसामा बिन आतंक का अगला निशाना

इसी सप्ताह 2 मई को अल-कायदा के प्रमुख आतंकवादी ओसामा बिन लादेन की मौत की पहली बरसी पूरी हो जाएगी। आतंक के पर्याय ओसामा के मारे जाने के एक साल बाद बहुत सारे सवाल मौजूद हैं। इस एक साल बाद वैश्विक आतंकवाद का क्या परिदृश्य है? क्या अमेरिका आतंकवाद विरोधी युद्ध में निर्णायक जीत पाने में कामयाब हो गया है? क्या अमेरिका और उसके मित्र देश अब अपने आतंक विरोधी युद्ध की दिशा बदल देंगे? आतंकवाद की नई रणभूमि कौन सी होगी? क्या पाकिस्तान आतंकवाद से बच जाएगा? क्या अमेरिका पाकिस्तान को अफगानिस्तान का विस्तार बना देगा? या फिर दुष्ट राष्ट्र के नए वर्गीकरण में ईरान और उत्तर कोरिया पर अमेरिकी प्रयोग होगा? ... Full story

अभिसेक्स मनु सिंघवी, सीडी और सियासत
 

अभिसेक्स मनु सिंघवी, सीडी और सियासत

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की एक कथित सेक्स सीडी ने कांग्रेस समेत पूरी सियासी बिरादरी में बखेड़ा कर दिया है। चूंकि अभिषेक मनु सिंघवी सर्वोच्च न्यायालय के लगवाने में कामयाबी हासिल कर ली है। समाचार है कि उन्होंने अपने पूर्ववर्ती ड्राइवर और मीडिया संस्थान के साथ सेक्स सीडी कांड पर अदालत के बाहर समझौता कर मामले को लगभग रफा-दफा भी कर दिया है। संभव है कि कुछ दिनों के बाद वे इस कांड की परछाई से मुक्त होकर फिर से कांग्रेस के विचारों के प्रचार-प्रसार में जुट भी जाएं। ... Full story

सौदागर सरदार
 

सौदागर सरदार

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल के बारे में जब कभी इतिहास लिखा जाएगा तो कोई तटस्थ इतिहासकार प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और उनकी ‘गॉडमदर’ सोनिया गांधी को भ्रष्टाचार और अकर्मण्यता के लिए शायद माफ भी कर दे। लेकिन कोई भी ईमानदार इतिहासकार मनमोहन को इस देश की सर्वोच्च संस्थाओं के भ्रष्टाचारी सांप्रदायिककरण के लिए माफ नहीं करेगा। शीर्ष पर बैठकर जिस तरह से मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार और अल्पसंख्यक की अतिवादिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है उसे इस देश का इतिहास कभी माफ नहीं कर पायेगा। ... Full story

बेवजह जरदारी की खातिरदारी
 

बेवजह जरदारी की खातिरदारी

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की अजमेर यात्रा को भारत सरकार ने बहुप्रचारित आयोजन में तब्दील कर दिया. सरकार और मीडिया ने ऐसा हंगामा खड़ा किया मानो जरदारी की इस यात्रा वे सारे जख्म भर जानेवाले हैं जो पाकिस्तान ने बीते 65 सालों में हमें दिये हैं. वैसे भी जरदारी बीते कई दशकों में पाकिस्तान के सबसे कमजोर शासक हैं. पाकिस्तानी आवाम में उनकी हैसियत उसी तरह की है जैसी भारत में राबर्ट वाड्रा की है. ... Full story

मीर जाफर ओ बंगाल मीर सादिक ओ दक्खन, नंगे दीन आदम, नंगे वतन
 

मीर जाफर ओ बंगाल मीर सादिक ओ दक्खन, नंगे दीन आदम, नंगे वतन

भारतीय सेना के चीफ ऑफ स्टॉफ (सीओएस) जिन्हें बोलचाल की भाषा में सेनाप्रमुख कहा जाता है, जनरल वी.के. सिंह ने एक तरह से भारतीय व्यवस्था की कलई खोल दी है। बोफोर्स तोप सौदे में दलाली और ‘तहलका’ के स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह धारणा तो आम हो गई थी कि इस देश में सैन्य संसाधनों की खरीद-फरोख्त में भारी कमीशनखोरी होती है लेकिन जनरल वी.के. सिंह के ताजा आरोपों ने साबित कर दिया है कि रिश्वतखोरों की लॉबी के समक्ष व्यवस्था के अलंबरदार कितने बौने हैं? ... Full story

असंभव संभावनाओं का अप्रैल
 

असंभव संभावनाओं का अप्रैल

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार क्या अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी? तृणमूल कांग्रेस पार्टी की चले तो सरकार बजट सत्र में ही धराशाही हो जाए। कांग्रेस जिन मुलायम सिंह यादव को ममता बनर्जी का विकल्प मान रही थी वह भी मध्यावधि का मंजीरा बजाने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी और वाम मोर्चा को जिस दिन विश्वास हो जाएगा कि वे मध्यावधि चुनाव की स्थिति में अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकते हैं उसी दिन वे सरकार गिराने की बिसात बिछाने लगेंगे। बीजू जनता दल के नवीन पटनायक जिस दिन तीसरे मोर्चे को आकार देने में कामयाब हो जाएंगे उसी समय संप्रग सरकार की चूलें हिलने लगेंगी। यह सब अप्रैल 2014 में संभव भी है और असंभव भी। ... Full story

मीर जाफरों की मनमोहनी नस्ल
 

मीर जाफरों की मनमोहनी नस्ल

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार नवउदारवादी अर्थव्यवस्था के प्रकांड अर्थवेत्ताओं का जमावड़ा है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को ‘आर्थिक गुरु’ नजर आने वाले डॉ. मनमोहन सिंह स्वयं प्रधानमंत्री हैं। वित्त एवं वाणिज्य मंत्रालय को तीन दशकों से प्रभावित करने वाले प्रणव मुखर्जी वित्त मंत्री, कांग्रेस और गैर कांग्रेस सरकारों के तमाम बजट पेश कर चुके ‘कालेधन को सफेद’ करने की सरकारी नीति के रचयिता पी. चिदंबरम गृहमंत्री और 1991 के आर्थिक उदारवाद की नीति नियामक मंडली के सूत्रधार मोंटेक सिंह अहलूवालिया योजना आयोग के उपाध्यक्ष हैं। सरकार इतने दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद एक तयदिशा वाला बजट नहीं पेश करती। ... Full story

मौज करेंगे मनमोहन
 

मौज करेंगे मनमोहन

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने एक सवाल जिंदा रखा है, क्या मध्यावधि चुनाव होंगे? कौन कराना चाहेगा मध्यावधि चुनाव? प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, कांग्रेस एवं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्षा सोनिया गांधी या उनके कुटुम्ब-कुनबे के प्राइम मिनिस्टर कैंडिडेट राहुल गांधी? क्या भारतीय जनता पार्टी 6 मार्च 2012 के चुनाव परिणामों से झूमकर मध्यावधि चुनाव जीतने का दम भर सकती है? इन सारे सवालों की ... Full story

Author info

Prem Shukla Prem Shukla मुंबई से प्रकाशित हिन्दी सामना के कार्यकारी संपादक. पिछले 20 सालों से पत्रकारिता. पत्रकारिता के साथ ही मुबंई में हिन्दीभाषी समाज के विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय. विस्फोट.कॉम के नियमित स्तंभ लेखक.

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