Sanjeev Chauhan

बवाली बाबा का बवंडर

नींद से बोझिल आंखों को सुबह-सुबह होश में लाने की कोशिश कर ही रहा था। इतने में पत्नी ने कंधा झिंझोड़ डाला। ...

लो ! लाठियों से फोड़ डाला "बम"

भ्रष्टाचार मिटाने और विदेशी बैंकों में जमा काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करवाने की जिद पर अड़े "बाबा से बम" बने ...

Author info

Sanjeev Chauhan Sanjeev Chauhan कुल जमा 21 साल की पत्रकारिता का अनुभव। फिलहाल एक न्यूज चैनल में "एडिटर-क्राइम" के तौर पर काम कर रहा हूं। कुल जमा पत्रकारिता के कैरियर की पूरी ज़िंदगी क्राइम-रिपोर्टरी करते बीती है। अब भी क्राइम-रिपोर्टरी को जीता हूं। मरते दम तक क्राइम-रिपोर्टरी को ही जीना चाहता हूं। बस परेशान ये सोचकर होता हूं, कि अब पत्रकारिता, मिशन न रहकर, "भड़ुवई" हो चुकी है। परिवार पालने के लिए मैं भी इसमें शामिल हूं।

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