Satyajeet Chaudhari
राशिद और आजम की अग्निपरीक्षा
राजनीति और रुतबे का चोली—दामन का साथ है। दोनों का काम एक-दूसरे के बिना नहीं चलता। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ...
कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना
कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना का यह सटीक उदाहरण है। यानी जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन हरियाणा के हिसार में हो ...
मांट का घाट और पार्टी के भांट
करीब—करीब अपनी हर चुनावी सभा में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी एक बात बड़ी प्रमुखता से कहते हैं-सरकार बने या न बने, मैं उत्तर प्रदेश से जाना वाला नहीं। यह राहुल की मूक स्वीकारोक्ति है कि कांग्रेस इस विधानसभा चुनाव में भी कुछ ज्यादा नहीं कर पायेंगे। लेकिन प्रदेश के चुनावी समर में कांग्रेस के साथ जूझ रहे राष्ट्रीय लोकदल के नेता मुंगेरी लाल के हसीन सपनों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं। वे चारण भांट की तरह पार्टी महासचिव और मांट से नए—नए प्रत्याशी बने जयंत चौधरी को यूपी के भावी डिप्टी सीएम के रूप में देख रहे हैं। ... Full story
दागियों के दम पर दलों का दांव
मिशन यूपी का आगाज हो चुका है। पार्टियों ने अपनी चुनाव प्रत्याशियों की सूचियां जारी कर दी हैं। दल कोई भी हो लेकिन अपने उम्मीदवारों का चयन करते हुए सभी दलों ने अपराधियों को प्रश्रय दिया है। भले ही अन्ना हजारे लगातार भष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर जनलोकपाल की बात कर रहे हों या फिर पार्टियों के बीच लोकपाल बिल को लेकर राजनीति चरम पर हो लेकिन एक बार फिर आपराधिक छवि के प्रत्याशी सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए प्रथम वरीयता पर दिखाई दे रहे हैं। ... Full story
दाग अच्छे नहीं हैं
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने चुनाव की घोषणा होने के बावजूद अपने मंत्रिमंडल से कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जनता के सामने यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मायावती का यह स्टंट भष्टाचार के खिलाफ बन रहे माहौल में एक अच्छा चुनावी फंडा कहा जा सकता है लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई चौंकाने वाली है। इस सच्चाई से अब पर्दा उठ रहा है और मायावती का एक पंथ दो काज का फंडा भी सामने आ रहा है। फिलहाल मायावती भले ही कुछ भी दावे करे लेकिन सच्चाई यह है कि दागदार होने की वजह के साथ ही पिछले विधानसभा चुनावों में इन हटाए गए मंत्रियों में से ज्यादातर कम मतों से विजयी हुए थे जो कि इस बार बसपा के लिए मुश्किलों भरे हो सकते थे। ... Full story
कांग्रेस के दांव से सपा में संकट
सपा की तिलमिलाहट इस समय चरम पर है। समाजवादी पार्टी को कांग्रेस ने दो बड़ी चोट दी है। पहला, रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाकर और दूसरा सपा के वोट बैंक में सेंध लगाकर नाराज चल रहे बुजुर्ग नेता रशीद मसूद को अपने पाले में शामिल कर। उधर, मुलायम सिंह यादव भी कांग्रेस को करारा झटका देने के मूड में हैं। सूत्रों का कहना है कि सपा केंद्र सरकार से समर्थन वापसी समेत कई अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है। ... Full story
तरक्की के तरकश में अल्पसंख्यकों के तीर
18 दिसंबर को पूरे देश में ‘माइनॉरिटी राइट्स दिवस’ मनाया जाएगा। 1992 से शुरू हुआ यह सिलसिला अपने 20वें साल के प्रवेश करने के साथ ही खास हो गया है। अल्पसंख्यकों से जुड़े शिक्षा, रोजगार और अन्य मुद्दे भी तेजी पकड़ेंगे। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से पूर्व इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। संभवत: इसीलिए केंद्र सरकार की ओर से एक बार फिर अल्पसंख्यकों को रिझने की कोशिश शुरू हो गई है। ... Full story
चुनावी चुनौतियों के बीच छोटे चौधरी
चौधरी अजित सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, उन्हीं वजहों से जिनसे वह अकसर रहते हैं, यानी गठबंधन। लंबे अर्से के बाद छोटे चौधरी कांग्रेस और कांग्रेस छोटे चौधरी को आजमाने जा रहे हैं। इस बार मामला कई कोणों से दिलचस्प है। अजित सिंह ने ऐसे मौके पर कांग्रेस का हाथ थामा है, जब केंद्र सरकार भ्रष्टाचार और उसे लेकर देशभर में हो रहे विरोध की वजह से मुसीबत में है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी सिर पर हैं और लाख कोशिशों के बावजूद राहुल गांधी का जादू सिर पर चढ़ने को तैयार नहीं है। ... Full story
इसलिए सांसदों की नहीं दलालों की सुन रही है सरकार
भारत में विदेशी रिटेल कंपनियों की राह आसान होने के पीछे एक बार फिर लॉबिंग का भूत सामने आता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सीनेट में पेश वॉलमार्ट की लॉबिंग डिस्क्लोजर रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने भारत में अपनी पैठ बनाने के लिए भारत में भी जमकर लॉबिंग की है। हालांकि अमेरिका में लॉबिंग को कानूनी मान्यता प्राप्त है लेकिन भारत में इसे आज भी गैर कानूनी ही माना जाता है। शायद यही कारण है कि संसद में गतिरोध के बावजूद सरकार रिटेल में विदेश निवेश के निर्णय पर अडिग बनी हुई है और सांसदों से ज्यादा लाबिस्टों को तरजीह दे रही है। ... Full story
खाक हो रही है खाकी
देश में अगर कुछ प्रदेशों की बदनाम पुलिस का जिक्र किया जाए तो उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम भी उसमें शामिल मिलेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस के बारे में एक बार टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रहे जस्टिस एएन मुल्ला ने कहा था कि यूपी पुलिस इज बिगेस्ट आर्गेनाइज्ड गैंग आफ क्रिमिनल्स। न्यायमूर्ति मुल्ला की इस टिप्पणी का सच आज भी अपनी पूरी शिद्दत के साथ कायम है। लेकिन यूपी पुलिस की इस सच्चाई के पीछे के वे कौन से कारण है जो उसे शैतान या हैवान का तमगा दिलवाते हैं। सत्यजीत चौधरी की जांच पड़ताल उत्तर प्रदेश पुलिस के टाट पर लगे पैंबंद को हटा रहे हैं। ... Full story
