Sunita Narayan

शहर के पानी की बदबूदार कहानी

अगर जल जीवन है तो सीवेज इस जीवन की असली कहानी कहता है. स्टेट आफ इंडिया इन्वायरमेन्ट रिपोर्ट की सातवीं रिपोर्ट हमारा ...

बंद होती विरोध की एकल खिड़की

आज सभी खदान परियोजनाओं को बगैर किसी रूकावट के पास करने का दबाव पैदा हो गया है। देश के विकास के लिए ...

विरोध का धंधा करनेवाले लोग
 

विरोध का धंधा करनेवाले लोग

यह सब लिखते हुए भी मुझे इस बात का अंदाज और अंदेशा है कि पेस्टीसाईड कंपनियां शांत नहीं बैठेंगी. हो सकता है वे मेरे ऊपर नये सिरे से हमले की योजना बना रही हों. इसी साल अप्रैल के पहले हफ्ते की बात है. नई दिल्ली में मेरे दफ्तर सीएसई के सामने प्रदर्शनकारियों का एक समूह आ खड़ा हुआ. उनके हाथ में मेरे खिलाफ लिखे गये नारों की तख्तियां थीं. वे लोग मेरे खिलाफ नारे लगा रहे थे. हम लोगों को पक्का यकीन था कि यह विरोध प्रायोजित था और ऐसे विरोधों का सच भी हम खूब समझते हैं. हमने पेस्टीसाईड्स और जहरीले रसायनों के ऊपर जो अध्ययन जारी किया है उससे पेस्टीसाईड्स इंडस्ट्री को झटका लगा है. उनका व्यावसायिक हित प्रभावित हो रहा है तो जाहिर है वे हमें रोकने के हर तरीकों का इस्तेमाल करेंगे. ... Full story

जान की कीमत पर जमीन की जंग
 

जान की कीमत पर जमीन की जंग

िपछले छह साल से इस इलाके में जीवन और जमीन के बीच जंग चल रही है. पास्को और उसके समर्थनवाली सरकार एक तरफ हैं तो दूसरी तरफ वे लोग हैं जो जान की कीमत पर भी जमीन बचाने की जंग लड़ रहे हैं. इस जंग का चरम उस वक्त देखने को मिला जब समाचारों में यह बताया जाने लगा कि कोरिया की कंपनी के खिलाफ अब बच्चे भी मानवीय दीवार बनकर खड़े हो गये हैं. पुलिस और प्रशासन के सामने जान जोखिम में डालकर जमीन पर उतरे इन बच्चों को भविष्य पास्को से निर्मित होगा या फिर अपने पुश्तैनी काम से? ... Full story

Author info

Sunita Narayan Sunita Narayan सेन्टर फार साइन्स एण्ड एन्वायरमेन्ट की डायरेक्टर सुनीता नारायण देश में ग्रीन पालिटिक्स की अगुआ खिलाड़ी हैं. 2005 में पद्मश्री से सम्मानित. क्लाइमेट चेन्ज पर भारत की सशक्त आवाज.

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