अजब-गजब
Feb
07
2011
पानी बचाओ नहीं तो मर जाओ!
By
मुंबई के पांचसितारा होटलों में अक्सर अजब-गजब चीजें देखने को मिल जाती हैं। ऐसा ही एक नजारा कुछ दिन पहले सामने आया, जब दुनिया में पानी बचाने की मुहिम चलानेवाली एक संस्था ने शाम को मीडिया के सामने अपना कारोबार पेश किया। कंपनी के कर्ता-धर्ताओं के साथ वहां सिनेमा जगत की मशहूर हस्तियां भी थीं, जो शायद भविष्य में जलसंरक्षण पर कोई फिल्म बनाकर आस्कर अवार्ड की किसी श्रेणी में नामित होने का स्वांग रचती दिखाई देंगी। हो सकता है, जल संरक्षण के नाम पर गंभीर प्रयास करने के एवज में उन्हें मैगसेसे या नोबल जैसे अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाज दिया जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरोक्त स्वांग के बाद पांच सितारा संस्कृति के एक जरूरी रिति-रिवाज़ के रूप में लगभग सभी ऊंचे ब्रांडों की व्हिस्कियां, रमें, वोदकाएं और वाइनें उसी तरह बहती नजर आईं, जैसे भारत की धरती पर कभी गंगा, यमुना, कावेरी और सरस्वती बहती थीं (आज तो इनके नामधारी नाले ही बहते दिखते हैं)।
जाहिर है, दुनिया में जल संरक्षण के लिए इतना बड़ा और गंभीर प्रयास करने वाले अरबों रुपए से कम क्या खर्च कर रहे होंगे। लेकिन अफसोस इस बात का रहा कि इस प्रकार की मुहिम में लगे लोगों को मुंबई

