दस्तावेज

Jan

08

2011

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मुझे अंदर से बहुत पीड़ा हो रही थी इसलिए मैंने यह कबूल किया है

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नब कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानन्द नब कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानन्द

कुमारपुर कालेज से ही मैने 1971 में बीएससी (फिजिक्स) आनर्स पास किया और पढ़ाई के दौरान ही मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आ गया. 1971 में मैंने एमएससी की पढ़ाई पढ़ी और बर्धमान आ गया. बर्धमान में मैं आरएसएस के काम में ज्यादा एक्टिव हो गया. 1975 में इमरजंसी के समय में मैं डीआईआर के तहत जेल भी गया और करीब साढ़े तीन महीने बाद मुझे बेल मिली. 1977 में मैंने आरएसएस के आदिवासी कल्याण आश्रम में पूरे समय काम करने का मन बना लिया और मैं पूरे समय आरएसएस के वनवासी कल्याण आश्रम जोकि बंगाल के बीरभूमि, पुरुलिया और बांकुरा जिले में स्थित है में काम करने लगा. मैंने वहीं पर हास्टल चालू किया आदिवासी बच्चों के लिए. मैं 1981 तक वहां रहा और 1981 में मैं अपने गुरूजी स्वामी परमानन्द जी के आश्रम जो कि गांव बनग्राम जिला बर्दमान में स्थित है आ गया. गुरूजी ने मेरा नाम स्वामी असीमानन्द रखा. 1988 तक मैंने गुरूजी के आश्रम में रहकर उनकी सेवा की.

1988 में मैं गुरूजी का आदेश पाकर बनवासी कल्याण आश्रम अंदमान निकोबार आइसलैण्ड चला गया. 1993 में ही मै छत्तीसगढ़ में स्थित जसपुर नगर आ गया. वहां पर बनवासी कल्याण आश्रम का मुख्यालय है.

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