दिल्ली दरबार
Jan
13
2011
समझौता पर शर्मनाक ख़ता
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पाकिस्तान ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है। इसकी शुरूआत दो दिन पहले इस्लामाबाद में हुई जब भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को तलब कर पाकिस्तान सरकार ने समझौता ब्लास्ट केस के संबंध में अभी तक हुई जांच प्रगति की जानकारी मांगी। हालांकि भारत ने काफी शालीनता से जांच रिपोर्ट के बारे में अभी तक कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया है।
पाकिस्तान को फिलहाल राहत वाली खबर भारत की जांच एजेंसियां और कांग्रेस के कुछ नेता ही दे रहे है। सबसे पहले मुंबई अटैक को लेकर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के ब्यान ने पाकिस्तान को काफी राहत दी थी। दिग्विजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा था कि एटीसी के पूर्व चीफ हेमंत करकरे की हत्या हिंदू टेरर ग्रुपों ने की, जिनका संबंध आरएसएस से है। इससे पाकिस्तान को अच्छा मौका मिला, क्योंकि इससे खुद मुंबई पर भारत का स्टैंड कमजोर होता दिख रहा है। क्योंकि भारत अभी तक कह रहा है कि मुंबई अटैक के पीछे आईएसआई और लश्कर का हाथ है। लेक
बीच ही एक खुलासा विकीलीक्स ने किया। विकीलीक्स ने राहुल गांधी के हवाले बताया कि उन्होंने अमेरिकी राजदूत को दिल्ली में बताया था कि लश्कर से ज्यादा से खतरनाक हिंदू टेरर ग्रुप
Nov
26
2010
यह लो हजारों करोड़ के घोटाले में 35 पैसे की नैतिकता
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प्रणव मुखर्जी ने संसद न चलने का ठीकरा विपक्ष के सिर फोड़ दिया। कांग्रेसी खेमे से लगातार यही संदेश देने की कोशिश हो रही। ताकि जनता विपक्ष को संसद के कामकाज में रुकावट का जिम्मेदार माने। पर विपक्ष भी कम नहीं। विपक्ष का मानना यही, अगर संसद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही, तो कांग्रेस की मंशा ही सवालों के घेरे में होगी। यानी पक्ष-विपक्ष की अपनी-अपनी रणनीति में संसद रण बन गई। शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने सरकारी पक्ष से बातचीत के बाद आडवाणी-सुषमा को फोन घुमाया। बिहार में नीतिश कुमार के शपथ ग्रहण में गए आडवाणी-सुषमा ने स्पीकर को अपना पुराना स्टैंड दोहरा दिया। स्पीकर ने सरकार की ओर से बहस के प्रस्ताव पर राजी होने की अपील की थी। पर आडवाणी-सुषमा ने जेपीसी के सिवा कोई अन्य प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया। सचमुच भ्रष्टाचार के जितने बड़े खुलासे हो रहे, संसद में बहस का कोई औचित्य नहीं। अगर संसद में बहस हो भी, तो क्या होगा। यही ना, सभी दलों को संख्या बल के आधार पर भाषण देने का टाइम दिया जाएगा। फिर आखिर में संबंधित विभाग के मंत्री अपना जवाब दे देंगे। बस अथ श्री भ्रष्टाचार कथा का शीतकालीन अध्याय खत्म। सो कांग्रेस बिना

