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Mar
15
2011
ब्लागरों का विगूढ़न करेगी सरकार
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भारत सरकार ने केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 में एक जोड़ लगाया है. इस जोड़ के तहत एक स्वतंत्र साइबर अपीलीय प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी गयी है जिसका सर्वोच्च पीठासीन अधिकारी गृह मंत्रालय का एक सचिव होगा. और उसके मातहत कुछ सदस्य होंगे. सर्वोच्च पीठासीन अधिकारी किसी उच्च न्यायालय का रिटायर्ड जज भी हो सकता है लेकिन जो भी होगा उसका ओहदा भारत सरकार में सचिव स्तर का ही होगा. उसे उसी प्रकार से वेतन भत्ते और सुविधाएं प्रदान की जाएगी. अब यह ओहदेदार क्यों तैयार किया जा रहा है और वह करेगा क्या?
तो सरकार द्वारा नियुक्त यह ओहदेदार ब्लागरों का विगूढ़न करेगा. जैसा कि हमारी सरकार को हिन्दी गढ़ने की सिद्धि है, उसने इंटरनेट की उस विधा का हिन्दी तर्जुमा कर लिया है जिसे अंग्रेजी में डिक्रीप्शन कहा जाता है. इंटरनेट की दुनिया में जिस भाषा में तकनीकि लिखी जाती है उसे इनक्रिप्शन कहते हैं और जिस भाषा में तकनीकि की जासूसी की जा सकती है उसे डिक्रीप्शन कहते हैं. यह विगूढ़न उसी डिक्रीप्शन का सरकारी हिन्दी संस्करण है. सरकार ने विगूढ़न की इस चौर्य कला को मान्य करने के लिए राजपत्र पर विधिवत आदेश जारी कर दिया है. हमारी संसद पहले ही थोक के भाव

