पड़ताल
May
05
2011
पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी ओसामा के मौत की कीमत
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करीब १० साल की कोशिश के बाद अमरीका ने ओसामा बिन लादेन को मारने में कामयाबी हासिल कर ली. पूरी दुनिया में आतंक का पर्याय बन चुके ओसामा बिन लादेन को अमरीका ने ही बन्दूक के रास्ते पर डाला था और उसका इस्तेमाल किया था. जब पाकिस्तान में जनरल जिया उल हक का राज था तो अमरीका ने अफगानिस्तान में घुस आये सोवियत फौजियों को भगाने के लिए जो योद्धा तैयार किये थे, ओसामा बिन लादेन उसका मुखिया था. अमरीका ने उनकी खूब मदद की. खूब हथियार दिया, आर्थिक सहायता भी खूब किया और अपने काम के लिए इस्तेमाल किया. इस दौर में जनरल जिया उल हक ने भी अमरीका से खूब माल खींचा. लेकिन जब सोवियत रूस टूट गया और रूसी फौजें अफगानिस्तान से भाग गयीं तो वहां अमरीका की रूचि ख़त्म हो गयी. अमरीका ने पाकिस्तान को भी फ्रीज़र में लगा दिया और ओसामा बिन लादेन को भुला दिया. दाना पानी बंद हो गया. ओसामा ने गुस्से में अमरीका के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया. इस बीच अफगानिस्तान में रूसियों के खिलाफ युद्ध में उसके साथ रहे तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया. इस तरह ओसामा को रहने का ठिकाना तो मिल गया लेकिन

