पास पड़ोस
May
14
2011
ईरान ने दिया योग्यता का फरमान
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उल्लेखनीय है कि ईरान में वर्ष 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले वहां प्रगतिशील धारा विशेष रूप से प्रवाहमान थी। लेकिन, इस्लामिक क्रांति के बाद शाह मुहम्मद रजा पहलवी को अपदस्थ कर अयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के अधीन एक धार्मिक गणतंत्र की स्थापना की गई। शाह वर्ष 1941 से सत्ता में थे, तब उन्होंने ईरान को आधुनिक राष्ट्र बनाने की दिशा में कई कदम उठाए। खासकर महिलाओं की शिक्षा को लेकर वह ज्यादा ही गंभीर थे। दरअसल, उन्हें यह प्रेरणा आधुनिक तुर्की के निर्माता मुस्तफा कमाल पाशा से मिली। जिन्होंने अपने देश को पश्चिमी विचारधारा के निकट ले गए। बहरहाल, रजा शाह पहलवी की इस सुधारवादी सोच से ईरान के धार्मिक नेता इस कदर चिढ़ गए कि उन्हें पश्चिमी देशों का पिट्ठू करार दिया गया। दिसंबर 1978 में शाह पहलवी के विरोध में 20 लाख लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। जिनका नेतृत्व वहां के धार्मिक नेता कर रहे थे। आखिरकार उन्हें ईरान छोड़कर जाना पड़ा।
खैर, कई दशकों बाद ईरान की “गार्जियन काउंसिल” ने ईरान में चुनाव लड़ने के लिए जो शैक्षणिक योग्यता तय की है वह कहीं न कहीं शाह पहलवी के उस अधूरे ख्वाब के साकार होने जैसा ही है, जिन्होंने काफी पहले देखा था। एक लिहाज से
Jan
18
2011
नेपाल फिर चला 'नरक' की ओर
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एक महीनें पहले स्पष्ट हो गया था कि नेपाल में यूनाइटेड नेशन मिशन को अब कोई और कार्यकाल नहीं मिलेगा। यूएन मिशन ने अपनी तरफ से हर काम किया। शांति बहाली के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। यूएन मिशन का एक मुख्य काम कैंपों में बैठे माओवादी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के लगभग 19 हजार कैडरों पर निगरानी भी थी। उनके हथियारों की निगरानी भी मिशन के लोग कर रहे थे। जब यूएन मिशन नेपाल आया था तो एक मुख्य एजेंडा माओवादी कैडरों को नेपाली सेना या नेपाली पुलिस में शामिल करने का भी था। लेकिन वो एजेंडा भी कामयाब नहीं हो पाया। अब डर है कि कहीं यह माओवादी दुबारा हथियार न उठा ले। इससे नेपाल में एकबार फिर अफरा-तफरी का माहौल पैदा होगा।
यूनाइडेट नेशन मिशन की वापसी के बाद पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और नेपाली सेना के हथियारों और कैडरों पर नजर रखने के लिए तदर्थ व्यवस्था की गई है। नेपाल में माओवादियों के कुल सात कैंप है। जबकि सैनिकों के हथियारों को छावनी में रखा गया है। एक नई कमेटी बन गई है जिसमें नेपाली सेना से 16, नेपाली पुलिस से 16, आर्मड फोर्स आफ नेपाल से 16 और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से 16 सदस्यों को चुना

