सिनेमा समाज
Jul
11
2011
देल्ही बेली से नहीं है दिल्ली की पहचान
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इस फिल्म के रिलीज होने से पहले ही मीडिया खासकर न्यूज चैनलों ने इसका महिमामंडन शुरू कर दिया। जिस दिन यह फिल्म रिलीज हुई दिल्ली के मल्टीपलेक्स मालिकों ने जमकर चांदी काटी। नौजवान युवक और युवतियां अपने समूह मित्रों के साथ इस फिल्म का लुत्फ उठाया। लगभग डेढ़ घंटे की इस फिल्म में शायद कोई ही ऐसा वाक्य रहा होगा, जिसमें भद्दी गालियों का इस्तेमाल न हुआ हो। मैने देखा कि गाली युक्त हर संवाद में सिनेमाहॉल में बैठे दर्शकों ने उन गालियों को अपनी तालियों से खूब सराहा। इस फिल्म के किरदार में संभवतः उन्हें अपना अक्स जरूर दिखता होगा, क्योंकि अमूमन ऐसी भाषा और विवाह पूर्व शारीरिक संबंध स्थापित करना इन युवाओं का खास शगल बन चुका है।
हालांकि, इस फिल्म के डायलॉग और बोल्ड सीन को लेकर देश के कई संगठनों में गहरी नाराजगी है। वहीं पड़ोसी देश नेपाल में भी पिछले दिनों काफी देल्ही बेली को लेकर काफी खींचतान हुई। नतीजतन नेपाल सेंसर बोर्ड ने अपनी कैंची चलाने के बाद ही इस फिल्म को दिखाए जाने की मंजूरी दी। जबकि, पाकिस्तान जहां भारतीय फिल्में बेहद लोकप्रिय है, वहां इस फिल्म को अंततः मंजूरी नहीं मिल सकी। तीसरी जो अहम बात है इस फिल्म की, जिस पर

